बुंदेलखंड में 'घरवाले' और 'बाहरवाले' के बीच कांटे की टक्कर

कांग्रेस ने जब स्थानीय का मुद्दा उछाला तो भाजपा ने ये कहकर जवाब दिया कि हम बाहरी नहीं भारी प्रत्याशियों को उतारते हैं.

Ranjana Dubey | News18 Madhya Pradesh
Updated: May 6, 2019, 8:18 AM IST
बुंदेलखंड में 'घरवाले' और 'बाहरवाले' के बीच कांटे की टक्कर
फाइल फोटो
Ranjana Dubey | News18 Madhya Pradesh
Updated: May 6, 2019, 8:18 AM IST
बुंदेलखंड में इस बार रोचक मुकाबला दिख रहा है. यहां लोकल प्रत्याशियों से टकराने बाहर से प्रत्याशी भेजे गए हैं. इसलिए इस बार मुक़ाबला बीजेपी और कांग्रेस की बजाए स्थानीय और बाहरी का ज़्यादा दिख रहा है. स्थानीय प्रत्याशियों को बाहरी नेता टक्कर दे रहे हैं.

बुंदेलखंड, भाजपा का मज़बूत गढ़ माना जाता है. लेकिन इस बार चुनाव में बाहरी बनाम स्थानीय का मुद्दा गूंज रहा है. सूखा, बेरोज़गारी, पलायन से जूझ रहे बुंदेलखंड में ये मुद्दे हवा हो गए हैं. इस बार यहां लोकसभा की चार में से तीन सीट पर भाजपा ने बाहरी प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है, वहीं कांग्रेस के चारों प्रत्याशी स्थानीय हैं. ये सीटें हैं दमोह, टीकमगढ़, खजुराहो और सागर. इनमें से सागर को छोड़कर बाकी सीटों के लिए आज मतदान हो रहा है. इन सभी पर फिलहाल भाजपा का कब्ज़ा है.

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बुंदेलखंड की ये सीटें भाजपा के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं. इनमें से तीन पर भाजपा ने इस बार बाहरी कैंडिटेड पर भरोसा जताया है. सागर सीट को छोड़कर दमोह,टीकमगढ़,खजुराहो में बाहर के उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं.टीकमगढ़ से वीरेंद्र खटीक और दमोह से प्रहलाद पटेल को दोबारा मौका मिला है. लेकिन जनता के बीच ना जाने से इस बार विरोध के स्वर भी हैं. बाहरी को लेकर अंतर्कलह भी मचा है. कांग्रेस के चारों प्रत्याशी राजबहादुर सिंह,किरण अहिरवार,कविता सिंह,प्रभु सिंह, स्थानीय हैं.ऐसे में कांग्रेस को स्थानीय प्रत्याशी होने का फायदा मिल सकता है.

बाहरी बनाम स्थानीय
खजुराहो में भाजपा से वीडी शर्मा बाहरी प्रत्याशी
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बाहरी होने के कारण वीडी शर्मा का विरोध
टीकमगढ़ से वीरेंद्र खटीक बाहरी प्रत्याशी
स्थानीय ना होने से खटीक का विरोध
दमोह में प्रहलाद पटेल बाहरी उम्मीदवार

कांग्रेस प्रत्याशी
खजुराहो से कविता सिंह
दमोह से प्रताप सिंह लोधी
टीकमगढ़ से किरण अहिरवार
सागर से कांग्रेस प्रत्याशी प्रभु सिंह

बुंदलेखंड में स्थानीय औऱ बाहरी का घमासान अब मुद्दों पर भारी पड़ रहा है.कांग्रेस का कहना है स्थानीय लोगों को मौका देकर हमने चुनाव से पहले ही जीत हासिल कर ली है.क्योंकि स्थानीय प्रत्याशियों का,जुड़ाव,संवेदनाएं वहां के लोगों से ज्यादा होती हैं.कांग्रेस इसी कॉन्फिडेंस के आधार पर कह रही है कार्यकर्ता कमर कस कर लगा है जीत हासिल करने के लिए. और बुंदलेखंड ही नहीं पूरे मध्यप्रदेश में भाजपा की जड़ें कमज़ोर करेंगे.

कांग्रेस ने जब स्थानीय का मुद्दा उछाला तो भाजपा ने ये कहकर जवाब दिया कि हम बाहरी नहीं भारी प्रत्याशियों को उतारते हैं. लोकसभा चुनाव किसी मोहल्ले या वॉर्ड का चुनाव नहीं है. भारत का कोई भी नागरिक किसी भी सीट से चुनाव लड़ सकता है. हम सब हिंदुस्तानी और देश के नागरिक हैं. कोई बाहरी नहीं होता है. हमने सक्षम प्रत्याशी को मौका दिया है.

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First published: May 6, 2019, 6:51 AM IST
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