आखिरी चरण में MP कांग्रेस को खुद की ताकत से ज्यादा बीजेपी के बागियों पर भरोसा

आख़िरी चरण का मतदान 19 मई को है. उससे पहले मध्य प्रदेश में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी जैसे दिग्गज चुनाव प्रचार की कमान संभालेंगे.

News18 Madhya Pradesh
Updated: May 13, 2019, 10:40 AM IST
आखिरी चरण में MP कांग्रेस को खुद की ताकत से ज्यादा बीजेपी के बागियों पर भरोसा
सांकेतिक तस्वीर
News18 Madhya Pradesh
Updated: May 13, 2019, 10:40 AM IST
मध्य प्रदेश में चौथे और आखिरी दौर के चुनाव के लिए अब कांग्रेस के दिगग्जों ने पूरी ताकत झोंक दी है. आखिरी चरण का मतदान 19 मई को है. उससे पहले मध्य प्रदेश में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी जैसे दिग्गज चुनाव प्रचार की कमान संभालेंगे. कांग्रेस को खुद की जगह बीजेपी के बागियों पर ज्यादा भरोसा है क्योंकि बीजेपी ने कई सीटों पर नए प्रत्याशियों को तरजीह दी है. कांग्रेस को भरोसा है कि वह बीजेपी से आखिरी चरण में आधी सीट छीनने में सफल रहेगी.

19 मई को मध्य प्रदेश की बाक़ी बची 8 सीटों के लिए आख़िरी दौर का मतदान है. इस दिन प्रदेश में मालवा क्षेत्र की 8 सीटों देवास, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, धार, इंदौर, खरगोन, खंडवा में वोट डाले जाने हैं. इसमें से रतलाम सीट ही केवल कांग्रेस के पास है. कांग्रेस पार्टी के रणनीतिकारों का कहना है कि रतलाम में कांग्रेस की स्थिति बेहतर है. झाबुआ-रतलाम को छोड़कर मालवा की बाक़ी सीटें बीजेपी का गढ़ रही हैं. लेकिन विधानसभा चुनाव में जनता ने कांग्रेस का साथ दिया. इसी से उत्साहित कांग्रेस इस बार बाज़ी पलटने के लिए बेताब है. पूरे मालवा में अगले एक हफ्ते बड़े नेताओं के ताबड़तोड़ दौरे रहेंगे.



आखिरी चरण में सबकी नजरें इंदौर संसदीय सीट पर है. लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन पिछले आठ बार से यहां से सांसद हैं. लेकिन इस बार 75 पार के फॉरमूले की वजह से ताई ने खुद ही 5 अप्रैल को चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर दिया था. इसके बाद बीजेपी ने शंकर लालवानी को इंदौर से उम्मीदवार बनाया. वहीं, कांग्रेस ने पंकज सिंघवी को टिकट दिया है. ऐसे में यहां महाराष्ट्र से ताल्लुक रखने वाले मतदाताओं की भूमिका अहम होगी.

खंडवा में कांग्रेस उम्मीदवार अरुण यादव कुछ हद तक पार्टी की अंदरुनी गुटबाजी पर लगाम कसने में सफल रहे हैं. लेकिन बीजेपी उम्मीदवार और सांसद नंदकुमार सिंह के सामने पार्टी की गुटबाजी पहले की तरह मौजूद है. वहीं, मंदसौर में कांग्रेस ने फिर मीनाक्षी नटराजन पर दांव लगाया है. जबकि बीजेपी ने सांसद सुधीर गुप्ता को यहां से दोबारा उम्मीदवार बनाया है.

उज्जैन, देवास और धार में भी चुनाव दिलचस्प होता जा रहा है. कांग्रेस को जहां बीजेपी की अंदरुनी कलह का फायदा मिलने की उम्मीद लगाई बैठी है, वहीं बीजेपी को उम्मीद है कि उसे नए चेहरों का फायदा मिलेगा.

ये भी पढ़ें- बीजेपी में 'ताई' ही मुझे डांट लगा सकती हैं: पीएम नरेन्द्र मोदी

ये भी पढ़ें-Lok Sabha Election 2019: गुना में अधिकारी के घर में मिली EVM, सस्पेंड
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...