गोडसे को देशभक्त बताने वाली प्रज्ञा ठाकुर ने माफ़ी मांगी, EC से बढेंगी मुश्किलें

बीजेपी प्रत्‍याशी साध्‍वी प्रज्ञा ठाकुर ने विवादित बयान दिया है. उन्‍होंने नाथूराम गोडसे को देशभक्‍त बताया है. साध्‍वी प्रज्ञा ने कहा कि गोडसे देशभक्‍त थे, देशभक्‍त हैं और देशभक्‍त रहेंगे.

News18 Madhya Pradesh
Updated: May 17, 2019, 7:54 AM IST
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Updated: May 17, 2019, 7:54 AM IST
भोपाल से भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार प्रज्ञा सिंह ने पहले राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को 'देशभक्त' बताया और विवाद के बाद माफी भी मांग ली.  गुरुवार को प्रज्ञा ने नाथूराम गोडसे को देशभक्‍त बताया था. प्रज्ञा ने कहा था कि 'नाथूराम गोडसे देशभक्‍त थे, देशभक्‍त हैं और देशभक्‍त रहेंगे.' प्रज्ञा ने कहा था कि' नाथूराम गोडसे को आतंकवादी कहने वाले लोग अपने गिरेबां में झांक कर देखें. ऐसे लोगों को इस चुनाव में जवाब दे दिया जाएगा.'

हालांकि देर रात उन्होंने अपने इस बयान पर माफी मांग ली. प्रज्ञा ने ट्वीट किया- 'मैं नाथूराम गोडसे के बारे में दिये गए मेरे बयान के लिये देश की जनता से माफ़ी माँगती हूँ . मेरा बयान बिलकुल ग़लत था. मैं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी का बहुत सम्मान करती हूँ.'



बता दें कि प्रज्ञा   से अभिनेता कमल हासन के बयान पर प्रतिक्रिया मांगी गई थी. दरअसल, कमल हासन ने नाथूराम गोडसे को आजाद भारत का पहला हिन्‍दू आतंकवादी करार दिया था.


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​दिग्विजय सिंह पर भी साध चुकी हैं निशाना 

बता दें कि इससे पहले 25 अप्रैल को भी  प्रज्ञा सिंह  ने विवादित बयान दिया था. तब उन्होंने अपने चुनाव अभियान के दौरान कांग्रेस नेता और प्रत्याशी दिग्विजय सिंह का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा था. प्रज्ञा  सिंह ने कहा था कि ऐसे आतंकी का समापन कीजिए. प्रज्ञा  सिंब अपने चुनाव प्रचार अभियान के लिए सीहोर इलाके में थीं.

यहां उन्होंने सभा के दौरान ज़िले की बंद पड़ी चीनी मिलों का ज़िक्र करते हुए कहा, 'अपना व्यक्तिगत व्यवसाय बढ़ाने के लिए शुगर और ऑयल मिल्‍स बंद करवाईं. सैकड़ों लोगों को बेरोज़गार कर दिया. ऐसे आतंकी का समापन करने के लिए, बेरोज़गारी को बढ़ावा देने वाले लोगों का समापन करने के लिए फिर से एक संन्यासी को खड़ा होना पड़ा है.'

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