किसान सुविधा केंद्र के नाम में 'कमल', कांग्रेस बोली- प्रचार की राजनीति कर रही BJP
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किसान सुविधा केंद्र के नाम में 'कमल', कांग्रेस बोली- प्रचार की राजनीति कर रही BJP
टिड्डियों ने अब आगरा के किसानों की चिंता बढ़ा दी है. प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है.

सुविधा केंद्र का नाम "किसानों का सच्चा साथी कमल सुविधा केंद्र' रखा गया है. इस सुविधा केंद्र के नाम में 'कमल' शब्द आने पर ही अब विवाद खड़ा हो गया है.

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भोपाल. कोरोना (Coronavirus) आपदा के बीच किसानों की समस्याओं के समाधान और उनके सुझावों को लेकर शुरू की गई हेल्पलाइन (Helpline) विवादों की वजह बन गई है. दरअसल, मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने किसानों की मदद के लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी करते हुए सुविधा केंद्र की शुरुआत की है. इस सुविधा केंद्र का नाम "किसानों का सच्चा साथी कमल सुविधा केंद्र' रखा गया है. इस सुविधा केंद्र के नाम में 'कमल' शब्द आने पर ही अब विवाद खड़ा हो गया है.

कांग्रेस (Congress) ने इस मामले को मुद्दा बनाते हुए कहा है कि बीजेपी (BJP) आपदा के वक्त में भी प्रचार की राजनीति कर रही है. हालांकि बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि कांग्रेस किसानों के मुद्दे पर भी राजनीति करने से बाज नहीं आ रही है. इससे पहले कोरोना से बचाव के लिए बांटे जा रहे आयुर्वेदिक चूर्ण में सीएम शिवराज का फोटो लगाए जाने पर भी कांग्रेस आपत्ति दर्ज करा चुकी है. कमल शब्द पर विवाद इसलिए भी है क्योंकि बीजेपी का चुनाव चिन्ह और कृषि मंत्री दोनों का नाम कमल है.

क्या है कमल सुविधा केंद्र ?



कृषि मंत्री कमल पटेल ने प्रदेश में किसानों से मिलने वाले सुझाव और उनकी परेशानी के समाधान के लिए 'किसानों का सच्चा साथी कमल सुविधा केन्द्र' की शुरुआत की है. इसका हेल्पलाइन नंबर 0755-255-8823 है. कमल सुविधा केन्द्र, संचालनालय किसान कल्याण तथा कृषि विकास विंध्याचल भवन की आईटी शाखा में स्थापित किया गया है. यह छुट्टी के दिनों को छोड़कर रोज सुबह 10:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक काम करेगा.
किसने क्या कहा ?

सुविधा केंद्र का नाम कमल रखे जाने पर कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने निशाना साधा है. नरेंद्र सलूजा के मुताबिक बीजेपी आपदा के वक्त भी प्रचार से बाज नहीं आ रही. उसे ऐसी ओछी राजनीति नहीं करनी चाहिए. यह सीधे तौर पर बीजेपी के चुनाव चिन्ह और खुद मंत्री के नाम का प्रचार है. वहीं बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा है कि कांग्रेस को इसमें राजनीति नहीं देखनी चाहिए. कमल समृद्धि का प्रतीक है. बीजेपी या मंत्री के नाम के साथ इसे जोड़ना सही नहीं है.

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