MP: लाखों छात्रों के लिए बड़ी खबर! स्‍कूल खोलने को लेकर शिवराज सरकार ने लिया यह फैसला
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MP: लाखों छात्रों के लिए बड़ी खबर! स्‍कूल खोलने को लेकर शिवराज सरकार ने लिया यह फैसला
एमपी में 30 सितंबर तक स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं.

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के स्कूल शिक्षा विभाग (School Education Department) ने पहले 31 अगस्त तक सभी स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए थे. अब इसकी समय सीमा 30 सितंबर तक बढ़ा दी गई है.

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भोपाल. कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण के खतरे को देखते मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग (School Education Department) ने फिलहाल स्कूल को बंद रखने का फैसला लिया है. शिक्षा विभाग की ओर से जारी एक आदेश के अनुसार, प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूल 30 सितंबर तक बंद रहेंगे. स्कूल शिक्षा विभाग ने कोरोना महामारी के चलते प्रदेश भर के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 30 सितंबर तक बंद रखने का फैसला लिया है. इससे पहले स्कूलों को 30 अगस्त तक बंद रखने का फैसला लिया गया था, जिसके बाद अब नया आदेश जारी किया गया है.

आदेश के अनुसार स्कूल में भले ही छात्र छात्राएं को न बुलाने का फैसला लिया गया है, लेकिन 21 सितंबर से सभी सरकारी और निजी स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई और उससे जुड़े हुए दूसरे कार्य के लिए शिक्षक पहुंचेंगे. यानी 50 फ़ीसदी टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ के साथ सरकारी और निजी स्कूल खुलने जा रहे हैं.

स्कूल जा सकेंगे 9वीं से 12वीं के स्टूडेंट्स
स्कूल शिक्षा विभाग की तरफ से जारी गाइडलाइन में यह कहा गया है कि 21 सितंबर से स्कूलों में 9वीं से 12वीं के छात्र समस्याओं के समाधान के लिए जा सकेंगे. उनकी स्पेशल क्लास ली जा सकती है, लेकिन अभिभावकों की अनुमति लेकर ही नौवीं से 12वीं के छात्र कुछ घंटों के लिए स्कूल आ सकेंगे. अभिभावकों की लिखित सहमति के आधार पर शिक्षकों से मार्गदर्शन ले सकेंगे. वहीं ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान आ रही समस्याओ पर टीचर्स से चर्चा कर सकेंगे.
जारी रहेगी ऑनलाइन क्लासेस


कोरोना महामारी के चलते मार्च के महीने से ही प्रदेश भर के सभी सरकारी निजी स्कूल बंद हैं. स्कूल बंद होने के साथ ही सभी छात्र छात्राओं की ऑनलाइन क्लासेज जारी है. 30 सितंबर तक स्कूल बंद होने के साथ ही पहली से बारहवीं तक के छात्र-छात्राओं की ऑनलाइन क्लासेज जारी रहेंगी. बोर्ड परीक्षाओं के चलते नौवीं से बारहवीं तक के छात्र कठिन टॉपिक को समझने के लिए अभिभावकों की लिखित अनुमति के आधार पर स्कूल जा सकेंगे.
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