एग्जिट पोल का इंतज़ार इसलिए क्योंकि इस बार कोई लहर नहीं थी

बीते 61 साल में हुआ यह रिकॉर्ड मतदान था. पिछले यानि साल 2013 के चुनावों से यह तकरीबन 4 फीसदी ज्यादा है. सबसे ज्यादा 50 सीटें मालवा में हैं, निमाड़ मिलाकर यहां कुछ 66 सीटें हो जाती हैं. इसके अलावा चम्बल में 34, बुन्देलखण्ड में 26, बघेलखण्ड में 30, महाकौशल में 49 और मध्य में 25 सीटें हैं.

News18 Madhya Pradesh
Updated: December 7, 2018, 7:35 PM IST
एग्जिट पोल का इंतज़ार इसलिए क्योंकि इस बार कोई लहर नहीं थी
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Updated: December 7, 2018, 7:35 PM IST
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में सभी 230 विधानसभा सीटों पर 28 नवंबर को 75 % से ज़्यादा वोटिंग हुई. इस बम्पर वोटिंग के कारण नतीजों का सस्पेंस गहरा गया.  माना जा रहा है कि इस बार एग्जिट पोल इस सस्पेंस को काफी हद तक साफ कर देंगे.

 नतीजों से पहले बेसब्री से एग्जिट पोल का इंतजार इसलिए क्योंकि विधानसभा चुनाव में पार्टियों की जीत का गणित समझ नहीं आ रहा है. ये स्थिति पिछले चुनाव से बिल्कुल अलग है. पिछले चुनाव में नतीजों के पहले एग्जिट पोल से ही स्पष्ट था कि फैसला बीजेपी के हक में जा रहा है. 

- 2013 में एनडब्ल्यूएस-सीवोटर और सीवोटर-इंडिया टीवी के एग्जिट पोल नतीजों में बीजेपी को 128, कांग्रेस को 92 और अन्य पार्टियों को 10 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया था.

- टुडे-चाणक्य ने बीजेपी को 161 सीटें, कांग्रेस को 62 सीटें और अन्य पार्टियों को 7 सीटें मिलने की संभावना जताई थी. 

- एबीपी-नील्सन ने बीजेपी को 138, कांग्रेस को 80 और अन्य को 12 सीटों का आंकड़ा दिया था.

- सीएनएन-आईबीएन ने बीजेपी को 141, कांग्रेस को 72 और अन्य को 17 सीटें मिलने की संभावना जताई थी.

ा बीएसपी को 4 और अन्य को 3 सीटें मिलीं थीं.मध्यप्रदेश में कुल 230 सीटें हैं और बहुमत का आंकड़ा है 116 सीट.
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बीते 61 साल में हुआ यह रिकॉर्ड मतदान था. पिछले यानि साल 2013 के चुनावों से यह तकरीबन 4 फीसदी ज्यादा है. सबसे ज्यादा 50 सीटें मालवा में हैं, निमाड़ मिलाकर यहां कुछ 66 सीटें हो जाती हैं. इसके अलावा चम्बल में 34, बुन्देलखण्ड में 26, बघेलखण्ड में 30, महाकौशल में 49 और मध्य में 25 सीटें हैं. (भोपाल से ऋषि रमन उपाध्याय की रिपोर्ट)
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