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मध्य प्रदेश: 2 बच्चियों के बलात्कार के दोषी स्कूल बस ड्राइवर को कोर्ट ने सुनाई 3-3 उम्रकैद की सज़ा

भोपाल में एक शख्स को दो बच्चियों से बलात्कार के जुर्म में तीन उम्रकैद की सजा दी गई है. . (सांकेतिक फोटो)

भोपाल में एक शख्स को दो बच्चियों से बलात्कार के जुर्म में तीन उम्रकैद की सजा दी गई है. . (सांकेतिक फोटो)

Madhya Pradesh Rape Case Triple Life Sentence: 8 सितंबर को हुई ये घटना तब प्रकाश में आई जब एक बच्ची के माता-पिता ने देख ...अधिक पढ़ें

भोपाल. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार को एक शख्स को दो बच्चियों से बलात्कार के जुर्म में तीन उम्रकैद की सजा सुनाई गई. भोपाल की पॉक्सो (POCSO) अदालत ने इस मामले में गाड़ी की देखरेख करने वाली महिला को भी 20 साल की सजा सुनाई है. इसके साथ ही न्यायाधीश शैलजा गुप्ता ने दोनों को 32,000-32,000 रुपये जुर्माना भरने के भी निर्देश दिए हैं. इसे दोनों पीड़ितों को दिया जाएगा.

इस मामले से जुड़े अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि 32 साल के बस चालक हनुमंत जाटव को तीन-तीन उम्रकैद की सजा सुनाई गई है, जबकि बस की देखरेख करने वाली 35 साल की उर्मिला साहू को 20 साल की सजा सुनाई गई है. शनिवार को दोनों को दोषी करार दिया गया.

जाटव को धारा 376 (एबी) (12 साल से कम उम्र की महिला से बलात्कार) और 376 (2) (एक ही महिला से बार-बार बलात्कार) के तहत सजा सुनाई गई, जिसमें 10 से 20 साल तक की जेल की सजा होती है और प्राकृतिक जीवन के शेष के लिए कारावास तक बढ़ाया जा सकता है.

न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा, ‘दोनों आरोपी महज साढ़े तीन साल की बच्चियों की सुरक्षा के अपने कर्तव्य को भूल गए और उन्हें अपनी घिनौनी हवस का शिकार बनाकर उनका विश्वास तोड़ा. जब पवित्र शिक्षण संस्थान में बच्चियां सुरक्षित नहीं होंगी तो समाज में उनके स्वतंत्र विकास की कल्पना करना बहुत मुश्किल है.’

उन्होंने आगे कहा, “उनके द्वारा किया गया कृत्य गंभीर घृणित प्रकृति का है और समाज में विश्वास के आपसी संबंधों पर एक धब्बा है. यह एक क्रूर आपराधिक कृत्य है और इसलिए, मामले में आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ कोई नरमी नहीं बरती जा सकती है.”

इस तरह सामने आई घटना
8 सितंबर को हुई ये घटना तब प्रकाश में आई जब एक बच्ची के माता-पिता ने देखा कि उसके कपड़े किसी ने बदल दिए हैं. इस बारे में पूछे जाने पर बच्ची ने अपने पिता को बस ड्राइवर के हाथों हुई आपबीती के बारे में बताया जो कि उसे टॉफी भी दिया करता था.

अभियोजन पक्ष ने बताया, “जब बच्ची के गुप्तांगों में दर्द हुआ तो महिला केयरटेकर ने उसे शांत करने की कोशिश की. इसके साथ ही ड्राइवर उसके बाल पकड़कर उसे धमकाने का प्रयास भी करता था जिससे वह किसी को इस बारे में कुछ न बताए.”

अधिकारी ने कहा कि विशेष लोक अभियोजक मनीषा पटेल के नेतृत्व में अभियोजन दल ने मामले में 32 गवाहों के बयान दर्ज करके 14 कार्य दिवसों में जांच पूरी की.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फैसले का स्वागत किया और कहा कि इस तरह के जघन्य अपराध में शामिल किसी के लिए सभ्य समाज में कोई जगह नहीं है, उनकी सरकार ऐसे लोगों को कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है.

Tags: Bhopal, Madhya pradesh news, Minor Girl Rape Case

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