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मध्य प्रदेश: ग्रीन जोन जिलों में इस दिन से दौड़ सकती हैं बसें, सरकार ने तैयार किया खाका
Bhopal News in Hindi

Anurag Shrivastava | News18 Madhya Pradesh
Updated: May 23, 2020, 9:52 AM IST
मध्य प्रदेश: ग्रीन जोन जिलों में इस दिन से दौड़ सकती हैं बसें, सरकार ने तैयार किया खाका
सरकार 25 मई से एक ग्रीन जिले से दूसरे ग्रीन जिले के लिए बसें चलाए जाने पर विचार कर रही है. (फाइल फोटो)

दूसरी तरफ लोक निर्माण विभाग ने सरकारी निर्माण कार्यों में काम शुरू करने की अनुमति जारी कर दी है. विभाग ने सभी कलेक्टरों (Collectors) को पत्र लिखकर कहा है कि निर्माण कार्यों में जाने वाले इंजीनियर और मजदूरों को पास जारी किए जाएं.

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भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कोरोना संक्रमण (Corona Infection) के चलते लंबे समय से लागू लॉकडाउन के बीच अब धीरे-धीरे हालात सामान्य करने की तरफ सरकार ने कदम उठाना शुरू कर दिया है. सरकारी निर्माण कार्यों को मंजूरी देने के बाद सरकार ने अब ग्रीन जिलों में एक जिले से दूसरे जिले जाने के लिए पास की जरूरत को खत्म कर दिया है. राज्य सरकार के मुताबिक, ग्रीन एक जिले से दूसरे ग्रीन जिले में जाने के लिए पास की जरूरत नहीं होगी. दो ग्रीन जिलों के बीच में यदि रेड जिला आता है तब भी पास की जरूरत नहीं होगी. रेड जोन (Red zone) से ग्रीन जोन में जाने के लिए और ग्रीन जिले से रेड जिले में जाने के लिए पास जरूरी होगा. सरकार 25 मई से एक ग्रीन जिले से दूसरे ग्रीन जिले के लिए बसें चलाए जाने पर विचार कर रही है और इसको लेकर जल्द फैसला हो जाएगा. लोग अपने वाहनों से बिना पास के जरिए एक जिले से दूसरे जिले में जा सकेंगे.

सरकारी निर्माण कार्यों के लिए इंजीनियरों और मजदूरों को जारी होंगे पास
वहीं, दूसरी तरफ लोक निर्माण विभाग ने सरकारी निर्माण कार्यों में काम शुरू करने की अनुमति जारी कर दी है. विभाग ने सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर कहा है कि निर्माण कार्यों में जाने वाले इंजीनियर और मजदूरों को पास जारी किए जाएं. हालांकि, पास जारी करते वक्त इस बात का ध्यान रखना होगा कि कंटेनमेंट जोन से कोई मजदूर या इंजीनियर निर्माण कार्य में नहीं जाएगा. निर्माण कार्यों में केंद्र सरकार की गाइडलाइन का पालन करना होगा. यानी कि सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखनी होगी.

सरपंच शब्द की नए मायनो में व्याख्या की



वहीं, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan)ने सरपंच शब्द के नए मायने बताए हैं. शुक्रवार को मंत्रालय में श्रम सिद्धी अभियान  की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री ने सरपंच शब्द की नए मायनो में व्याख्या की. उन्‍होंने कहा कि सरपंच गांवों के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं और सरपंच शब्द में 'स' का अर्थ है समानदर्शी, 'र' का अर्थ है रत्न, 'प' का अर्थ है परिश्रमी तथा 'च' का अर्थ है चौकीदार. सरपंच समानदर्शी होते हैं, रत्न के समान होते हैं, परिश्रमी होते हैं और वे ग्राम की सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. सीएम ने प्रदेश की हर पंचायत में श्रम सिद्धी अभियान की शुरुआत  वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये से की. इस ने मौके पर सीएम ने ग्राम पंचायतों के सरपंचों तथा मजूदरों से बातचीत कर अभियान की जानकारी दी. श्रम सिद्धी अभियान के तहत ऐसे मजदूर जिनके जॉब कार्ड नहीं है, उनके जॉब कार्ड बनवाकर मजदूर को काम दिलाया जाएगा.



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First published: May 23, 2020, 8:34 AM IST
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