MP By-election: जौरा सीट पर जीत के लिए दिखाना होगा 4 का दम, हर बार होता है परिवर्तन

मध्य प्रदेश में उपचुनाव को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं. (सांकेतिक तस्वीर)
मध्य प्रदेश में उपचुनाव को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में उपचुनाव (By-Election) की हर एक सीट के अपने सियासी समीकरण हैं, लेकिन जौरा सीट एक ऐसी सीट है, जिसपर जीत के लिए यहां पर उम्मीदवार को चार का दम दिखाना पड़ता है.

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भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में उपचुनाव (By-Election) की हर एक सीट के अपने सियासी समीकरण हैं, लेकिन जौरा सीट एक ऐसी सीट है, जिसपर जीत के लिए यहां पर उम्मीदवार को चार का दम दिखाना पड़ता है. इन चार समीकरण पर अच्छी पकड़ वाला ही उम्मीदवार यहां से जीतता आया है. जौरा विधानसभा सीट कांग्रेस विधायक (Congress MLA) बनवारी लाल शर्मा के निधन के बाद खाली हुई थी. यहां कुल मतदाता 2 लाख 40 हजार 866 हैं. इनमें पुरुष मतदाता 131034, महिला मतदाता 109803 और अन्य 29 हैं.

जौरा में हर चुनाव में बंद पड़ी कैलारस शुगर मिल को चालू करना मुद्दा बनता है. मिल बंद होने से कई लोगों से रोजगार छीन गया था. कांग्रेस ने 2018 चुनाव के दौरान मिल शुरू करने की घोषणा की थी.

ये है चार का दम
यह सीट जातीय समीकरण के हिसाब से काफी महत्वपूर्ण है. यहां पर 4 जातियों को साधने से ही जीत की नैया पार होती है. यहां ब्राह्मण, धाकड़, क्षत्रीय औऱ कुशवाह समुदाय हर चुनाव में निर्णायक स्थिति में रहता है. इसके अलावा मुस्लिम वोट यहां काफी प्रभावशाली है. इस सीट पर ब्राह्मण 12000, ठाकुर 17000, जाटव 31000 और कुशवाह 32000 वोटर हैं.
अब बीजेपी की जीत का दावा


प्रदेश बीजेपी महामंत्री भगवानदास सबनानी ने कहा कि जोरा सीट पर भले ही कांग्रेस का कब्जा रहा हो, लेकिन अब यह सीट बीजेपी जीतेगी. बता दें कि 2018 में बनवारी लाल शर्मा 15,173 वोटों से जीते थे. दूसरे स्थान पर बसपा थी. मणिराम धाकड़ को 41014 वोट मिले थे. वहीं बीजेपी तीसरे स्थान पर रही. इस सीट पर कभी भी किसी एक पार्टी का कब्जा नहीं रहा. हर बार के विधानसभा चुनाव में यहां दूसरी पार्टी जीत आती है. कांग्रेस के प्रदेश मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष भूपेन्द्र गुप्ता का कहना है कि इस बार भी जीत कांग्रेस की होगी.
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