MP By-Election: कांग्रेस सोशल मीडिया में बताएगी मजदूरों का दर्द, BJP ने लगाए सियासत का आरोप

मजदूरों के मुद्दे को उपचुनाव में भुनाने की कोशिश होगी.
मजदूरों के मुद्दे को उपचुनाव में भुनाने की कोशिश होगी.

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में होने वाले उप चुनाव से पहले मुद्दों को लेकर बीजेपी (BJP) और कांग्रेस (Congress) के बीच सियासी घमासान हर दिन तेज हो रहा है.

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भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में होने वाले उप चुनाव से पहले मुद्दों को लेकर बीजेपी (BJP) और कांग्रेस (Congress) के बीच सियासी घमासान हर दिन तेज हो रहा है. पहले किसान और अब मजदूरों को लेकर बीजेपी और कांग्रेस आमने सामने आ गए हैं. कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर मजदूरों की मदद के मामले में फेल बताते हुए अब सोशल मीडिया पर अभियान चलाने का प्लान तैयार किया है. इसको लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कांग्रेसियों को पत्र जारी किया है, जिसके तहत 28 मई को कांग्रेसी मजदूरों के बीच पहुंचकर उनसे चर्चा का वीडियो बनाएंगे.

मजदूरों के दर्द और मुश्किलों को लेकर वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर उसे पोस्ट करेंगे. साथ ही कांग्रेसी वीडियो के जरिए सरकार से इस बात की मांग करेंगे की संकट काल में सरकार मजदूरों के खाते में हर महीने दस हजार देने का काम करें. कांग्रेस की कोशिश इस बात को लेकर है कि जिन मजदूरों के दर्द को पार्टी के नेता राहुल गांधी ने उठाकर सियासी पैंतरा खेला है. उसी दर्द के सहारे बीजेपी सरकार को कटघरे में खड़ा किया जाए और इसके लिए कांग्रेस पार्टी के बड़े नेता से लेकर कार्यकर्ता तक मजदूरों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं का वीडियो तैयार करेंगे.

कांग्रेस ने लगाए ये आरोप
पूर्व पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल ने कहा है कि मजदूरों की मदद के मामले में बीजेपी सरकार फेल साबित हुई है. प्रवासी मजदूरों की सरकार से ज्यादा सामाजिक संगठनों और कांग्रेस नेताओं ने मदद पहुंचाने का काम किया है. पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने प्रदेश में मनरेगा का सही तरीके से क्रियान्वयन नहीं होने का आरोप भी लगाया है.
बीजेपी ने बोला जवाबी हमला


तो वही कांग्रेस के आरोपों पर बीजेपी ने भी जवाबी हमला बोला है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि प्रदेश में मजदूरों की मदद के लिए ऐतिहासिक काम हुए हैं. प्रदेश में लौटे मजदूरों और यहां से गुजरे मजदूरों के लिए सरकार ने मदद के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं, जो सराहनीय है. पीएम मोदी ने भी 20 लाख करोड़ का पैकेज जारी कर मजदूरों की मदद करने का काम किया है. प्रदेश सरकार मनरेगा के तहत मजदूरों को रोजगार से जोड़कर उनकी मदद करने का काम कर रही है. कांग्रेस मजदूरों के नाम पर सिर्फ सियासत करने में लगी है.

एमपी सरकार का दावा
मजदूरों को लेकर छिड़ी सियासत के बीच में पहले सरकार ने दावा किया है कि अब तक दूसरे राज्यों में फंसे 5 लाख 25 हजार से ज्यादा मजदूरों को प्रदेश में वापस लाया गया है. इनमें से 3 लाख 64 हजार बसों से और 1लाख 60 हजार ट्रेनों के जरिए वापस आए हैं. प्रदेश सरकार ने दूसरे राज्यों से वापस हुए मजदूरों को रोजगार देने के लिए आज से सर्वे शुरू कर दिया है. संबल योजना के तहत मजदूरों को रोजगार और खाद्यान्न योजना से जोड़ा जाएगा.

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