भोपाल: CM शिवराज चौहान कल मिलेंगे राज्यपाल से, कॉलेज-यूनिवर्सिटी में परीक्षा कराने को लेकर लिया जाएगा निर्णय
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भोपाल: CM शिवराज चौहान कल मिलेंगे राज्यपाल से, कॉलेज-यूनिवर्सिटी में परीक्षा कराने को लेकर लिया जाएगा निर्णय
CM शिवराज चौहान कल मिलेंगे राज्यपाल लालजी टंडन से (फाइल फोटो)

मध्य प्रदेश में अब तक विश्वविद्यालयों में जो परीक्षाएं आयोजित कराई जाती रही हैं उसमें एक साथ दो हजार से ज्यादा छात्र छात्राएं एक ही परीक्षा केंद्र में बैठकर परीक्षा देते रहे हैं. अब कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते स्थितियां पूरी तरह से बदल गई हैं. ऐसे में कॉलेज और यूनिवर्सिटी में पहले की तुलना में दो से तीन गुना परीक्षा केंद्र तैयार किए जाएंगे.

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भोपाल. मध्य प्रदेश के कॉलेज और विश्वविद्यालयों में परीक्षाओं को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) सोमवार को राज्यपाल लालजी टंडन (Governer) से मुलाकात करेंगे. मुलाकात के बाद कॉलेजों में परीक्षाओं को लेकर व्यवस्थाओं पर चर्चा की जाएगी. रेड जोन में शामिल भोपाल में कॉलेज और यूनिवर्सिटी के छात्र छात्राओं की सोशल डिस्टेंसिंग के साथ परीक्षा कराने राज्यपाल से चर्चा कर निर्णय लिया जाएगा. इस पर एक रिपोर्ट भी तैयार की जा चुकी है जिस पर चर्चा की जाएगी. बता दें, परीक्षाओं के लिए बनी 6 सदस्यीय कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में निर्णय लिया था कि लॉकडाउन खुलने के बाद जून के महीने में परीक्षाएं कराई जाएंगी.

कॉलेज और विश्वविद्यालयों में परीक्षाएं बाकी हैं
कॉलेज और विश्वविद्यालयों में फर्स्ट ईयर, सेकंड ईयर, फाइनल ईयर सभी सेमेस्टर की परीक्षाएं अभी बाकी हैं. लॉकडाउन के चलते परीक्षाओं की संभावनाओं के चलते मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान गवर्नर से मुलाकात कर चर्चा करेंगे. सोशल डिस्टेंसिंग से कॉलेजों में परीक्षा की संभावनाओं पर बात होगी. तो वहीं परीक्षा केंद्र बढ़ाने और व्यवस्था दुरुस्त करने को लेकर भी राज्यपाल से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बातचीत करेंगे.

लॉकडाउन खुलने के बाद 20 जून से परीक्षा कराने की तैयारी



परीक्षाओं के लिए बनी 6 सदस्यीय कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में निर्णय लिया था कि लॉकडाउन खुलने के बाद जून के महीने में परीक्षाएं कराई जाएंगी. फाइनल ईयर के स्टूडेंट्स की परीक्षाएं जून के आखिरी हफ्ते यानी 20 जून से शुरू होंगी. जुलाई के महीने में यूजी और पीजी के फर्स्ट ईयर और सेकंड ईयर के छात्र छात्राओं की परीक्षाएं होंगी. सभी विश्वविद्यालय 10 अगस्त तक अपने रिजल्ट जारी करेंगे. रिजल्ट जारी करने के बाद सितंबर से नए सत्र की शुरुआत होगी. कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया है कि जो छात्र दूसरे जिलों में फंसे हैं और परीक्षाओं में शामिल नहीं हो पाएंगे वह पूरक परीक्षाओं के साथ शामिल हो सकेंगे. छात्रों को पूरक परीक्षा नहीं बल्कि मूल परीक्षाओं के तहत ही रखा जाएगा. लॉकडाउन खुलने के बाद ग्रीन और ऑरेंज श्रेणी वाले जिलों में इस समय के अनुसार ही परीक्षाएं आयोजित होंगी. भोपाल (रेड जोन) की स्थिति को देखते हुए फैसला लिया जाएगा. अगर लॉकडाउन होने के बाद भोपाल रेड जोन से बाहर आता है तो परीक्षाएं तय समय पर ही होंगी लेकिन अगर भोपाल रेड जोन में ही रहता है तो परीक्षाओं को लेकर कमेटी एक बार फिर से अपनी बैठक कर फैसला लेगी.



परीक्षाओं के लिए बनाए जाएंगे दो से तीन गुना परीक्षा केंद्र
अब तक विश्वविद्यालयों में जो परीक्षाएं आयोजित कराई जाती रही हैं उसमें एक साथ दो हजार से ज्यादा छात्र छात्राएं एक ही परीक्षा केंद्र में बैठकर परीक्षा देते रहे हैं. अब कोरोना वायरस के चलते स्थितियां पूरी तरह से बदल गई हैं. ऐसे में कॉलेज और यूनिवर्सिटी में पहले की तुलना में दो से तीन गुना परीक्षा केंद्र तैयार किए जाएंगे. परीक्षा केंद्रों को हर पेपर से पहले सेनेटाइज किया जाएगा. परीक्षा के दौरान छात्र-छात्राओं को मास्क लगाना जरूरी होगा तो वहीं परीक्षा केंद्रों पर सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा जाएगा. परीक्षा देने आने से पहले और बाद में छात्र-छात्राओं के लिए सैनिटाइजर की भी व्यवस्था परीक्षा केंद्रों पर की जाएगी.

ऑनलाइन परीक्षा में छात्र-छात्राओं की रुचि नहीं
राजभवन को अपनी रिपोर्ट सौंपने से पहले 6 सदस्य कमेटी ने एक सर्वे भी कराया था. सर्वे छात्र-छात्राओं के ऑनलाइन और ऑफलाइन एग्जाम को लेकर हुआ था, जिसमें प्रदेशभर के कॉलेज और यूनिवर्सिटी के छात्र छात्राओं का ऑनलाइन और ऑफलाइन एग्जाम को लेकर मत लिया गया था. सर्वे के मुताबिक छात्र छात्राओं ने ऑनलाइन एग्जाम कराने से इंकार कर दिया है. छात्र-छात्राएं ऑफलाइन एग्जाम के लिए ही तैयार हैं. भले ही इसके लिए उन्हें लंबा इंतजार ही क्यों ना करना पड़े.

बीयू कुलपति निवास में हुई थी समिति की बैठक
राजभवन ने प्रदेश के कॉलेज और विश्वविद्यालयों की परीक्षा कराने और अकादमिक कैलेंडर तैयार करने के लिए छह सदस्यीय कमेटी का गठन किया था. कमेटी को रिपोर्ट तैयार करने के लिए 8 मई तक का समय दिया गया था. बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में बैठक में भोज विश्वविद्यालय के कुलपति जयंत सोनवलकर, बीयू कुलपति आरजे राव आरजीवीपी कुलपति डॉ सुनील कुमार गुप्ता और प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई शामिल रहे विश्वविद्यालय जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर के कुलपति संगीता शुक्ला और अवधेश प्रताप सिंह रीवा के कुलपति पीयूष रंजन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में शामिल हुए सभी ने बैठक में अपने अपने तर्क रखें थे. कमेटी ने 06 पेज की रिपोर्ट तैयार कर राजभवन 8 मई को भेजी थी.

रिपोर्ट पर मुख्यमंत्री राज्यपाल से करेंगे चर्चा
प्रदेशभर में लॉकडाउन के चलते राज्यपाल लालजी टंडन ने कॉलेजों में ऑनलाइन पढ़ाई के निर्देश दिए थे. पढ़ाई को लेकर राज्यपाल लगातार कुलपतियों से रिपोर्ट भी ले रहे हैं और रिपोर्ट की मॉनिटरिंग भी कर रहे हैं. परीक्षाओं को लेकर जो रिपोर्ट 6 सदस्यीय कमेटी ने राजभवन को सौंपी थी. राजभवन ने समीक्षा के बाद रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी थी. अब सीएम शिवराज सिंह राज्यालाल से निर्णय कर परीक्षा को लेकर छात्रों के हित में फैसला लेंगे.

कमेटी में विश्वविद्यालयों के कुलपति शामिल
मध्य प्रदेश शासन ने कॉलेज और यूनिवर्सिटी में परीक्षा कराने के लिए कुलपतियों की एक कमेटी गठित की है. जिसमें पांच विश्वविद्यालयों के कुलपति और उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव शामिल है. कुलपतियों को कॉलेज में परीक्षा की प्रक्रिया और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ परीक्षा कराने की कार्य योजना तैयार करनी समय सीमा निर्धारित थी. जिन कॉलेज और यूनिवर्सिटी में प्रैक्टिकल एग्जाम बाकी रह गए हैं,उनको ऑनलाइन और मेल के जरिए कराने की प्लानिंग भी करनी थी. कमेटी को कार्य योजना तैयार करने में पड़ोसी राज्यों की कार्य करने की प्रक्रिया को भी ध्यान में रखना है और यूजीसी के निर्देशों का भी पालन करना है. इन सभी दिशा निर्देशों को ध्यान में रखते हुए कमेटी को परीक्षा कराने की तैयारी की रिपोर्ट 08 मई को राजभवन को भेजनी की डेडलाइन भी तय की गईं थी.

कॉलेज में छात्र छात्राओं को नहीं दिया जाएगा जनरल प्रमोशन
कॉलेज के छात्र छात्राओं को जनरल प्रमोशन देने की मांग को लेकर मप्र प्राध्यापक संघ ने राज्यपाल को पत्र लिखा था जिसमें कहा गया था कि कोरोना के चलते 1500 से 2000 बच्चों की परीक्षाएं लेना मुश्किल है क्योंकि अब सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन कराया जाना है. परीक्षा केंद्र पर अब 500 से ज्यादा छात्र छात्राए एक साथ बैठकर परीक्षा नहीं दे सकते हैं. सभी छात्र-छात्राओं को जनरल प्रमोशन देने की मांग पर विचार किया जाए. हालांकि राजभवन ने सभी विश्वविद्यालयों को पत्र के जवाब में निर्देश दिए हैं कि कॉलेजों में छात्रों को जनरल प्रमोशन नहीं दिया जाएगा. सभी विश्वविद्यालय परीक्षाएं आयोजित कराएंगे. लॉकडाउन के बाद परीक्षाएं कराने और जल्द से जल्द नतीजे घोषित करने के भी राजभवन ने विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए हैं. इसी के चलते राजभवन ने कमेटी तैयार कर परीक्षा कराने 8 मई तक रिपोर्ट तैयार करने निर्देश भी जारी किए थे.

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