केंद्र से पैसा पाने के लिए बीजेपी के सांसदों से गुहार लगाएगी कांग्रेस

News18 Madhya Pradesh
Updated: August 30, 2019, 2:50 PM IST
केंद्र से पैसा पाने के लिए बीजेपी के सांसदों से गुहार लगाएगी कांग्रेस
AICC ने देवती कर्मा के नाम पर मुहर लगा दी है.

मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार केंद्र से पैसा पाने के लिए बीजेपी के सांसदों से गुहार लगाएगी. कांग्रेस इसके लिए राज्य के भाजपा के सभी 28 सांसदों को पत्र लिखने जा रही है.

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कांग्रेस केंद्र सरकार से मध्यप्रदेश की विभिन्न योजनाओं की बकाया राशि पाने के लिए प्रदेश के बीजेपी (BJP) के सांसदों (MP) से गुहार लगाएगी. प्रदेश की कांग्रेस सरकार (Congress Government) बीजेपी के सभी 28 सांसदों को पत्र लिखकर आग्रह करेगी कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस बारे में अनुरोध करें, जिससे मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) की हिस्से की लंबित राशि (Money) जल्द मिल जाए और प्रदेश का विकास सही तरीके से हो.

राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के 598 करोड़ रुपए नहीं मिले हैं राज्य को 

कांग्रेस के मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष अभय दुबे का कहना है कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के तहत मध्य प्रदेश के 14 हजार गांवों के 5 लाख परिवारों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए करीब लगभग 2000 योजनाओं के मद में 1196.17 करोड़ रुपए निर्धारित किए थे. इस योजना में केंद्र सरकार को अपना 50 प्रतिशत हिस्सा देना था. यह राशि 598 करोड़ रुपए है जिसे केंद्र सरकार ने अब तक जारी नहीं किया है.

कांग्रेस नेता और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ


सीआरएफ के 498.96 भी अब तक नहीं हुए जारी 
इसी तरह मध्यप्रदेश की सड़कों के निर्माण और उन्नयन के लिए सेंट्रल रोड फंड (सीआरएफ) के 498.96 करोड़ रुपए भी केंद्र ने प्रदेश को अब तक जारी नहीं किए. इस वजह से सड़कों का विकास प्रभावित हो रहा है.अभय दुबे ने यह भी कहा कि बजट प्रावधानों के हिसाब से केंद्रीय करों के हिस्से में मध्यप्रदेश को 2 हजार 677 करोड़ रुपए कम दिए गए हैं. उन्होंने यह भी बताया कि 2017 में भावांतर योजना के 576 करोड़ रुपए, खरीफ 2018 के 321 करोड़ रुपए सहित कुल 1017 करोड़ रुपए केंद्र सरकार ने प्रदेश को अब तक नहीं दिए हैं.

मध्यप्रदेश के हिस्से की 6547 करोड़ रुपए की राशि है लटकी 
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प्रदेश में 2019-20 में रबी सीजन में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद 73.70 लाख मीट्रिक टन की गई है पर केंद्र ने सिर्फ 65 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद की स्वीकृति दी है. इसके अलावा 8.70 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद के लगभग 1500 करोड़ रुपए केंद्र ने रोक रखा है. अभय दुबे का कहना है कि इसी तरह वर्ष 2018-19 में केंद्र प्रायोजित योजनाओं का प्रदेश के हिस्से का 6547 करोड़ रुपए केंद्र ने कम दिए हैं.

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First published: August 30, 2019, 2:00 PM IST
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