MP Corona Update: प्रदेश में 2036, इंदौर में 1176 हुई मरीजों की संख्या

प्रतीकात्मक तस्वीर
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मध्यप्रदेश में कोरोना के मामले 2000 के आंकड़े को पार कर गया है. अब तक कोरोना मरीजों की संख्या 2036 हो चुकी है. इंदौर में 91 कोरोना पॉजिटिव के नये मामले मिलने के बाद पॉज़िटिव मरीज़ों का आंकड़ा 1176 हो गया है.

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भोपाल. मध्यप्रदेश में कोरोना के मामले (Cases of Corona Patients in Madhya pradesh) 2000 के आंकड़े को पार कर गया है. अब तक कोरोना मरीजों की संख्या 2036 हो चुकी है. इंदौर में 91 कोरोना पॉजिटिव (Corona Positive) के नये मामले मिलने के बाद पॉज़िटिव मरीज़ों का आंकड़ा 1176 हो गया है. भोपाल में 28 नये मामले जुड़ने के बाद कोरोना के मरीजों की कुल संख्या 388 हो गई. जबलपुर में 12 पॉज़िटिव मरीज़ बढ़कर 43 मरीज़ हो गए. सूबे में अब तक कोरोना से 99 मौतें (Ninty Deaths from Corona) हुई हैं और 281 मरीज़ स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं.

पुलिस की एफएसएल में होगा कोरोना टेस्ट

इस बीच अच्छी खबर यह है कि मध्य प्रदेश पुलिस की एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) में भी अब कोरोना का टेस्ट होगा. इसी के साथ ये कोरोना टेस्ट करने वाली देश की पहली पुलिस फॉरेंसिक लैब बन गई है. भोपाल और सागर DNA लैब में कोरोना सैम्पल की जांच की जा रही है. कोरोना संकट से उबारने में एफएसएल के तमाम आधुनिक उपकरण और वैज्ञानिक जांच में मदद कर रहे हैं.



कोरोना टेस्टिंग में सहयोग देने वाली देश की पहली फॉरेंसिक लैब 
एफएसएल में उपलब्ध अत्याधुनिक उपकरण, तकनीकी कौशल और प्रशिक्षित वैज्ञानिकों की टीम कोरोना जांच में सहयोग कर रही है. मध्यप्रदेश की एफएसएल, कोरोना टेस्टिंग में सहयोग देने वाली देश की पहली फॉरेंसिक लैब बन गई है. पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी ने प्रदेश के स्वास्थ्य संचालनालय से समन्वय बनाकर कोरोना वायरस की जाँच में प्रदेश की फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं से हर संभव सहयोग देने के निर्देश दिए हैं.

हाल ही में भोपाल में शुरू हुआ है DNA लैब

क्षेत्रीय फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भोपाल में हाल ही में अत्याधुनिक डीएनए प्रयोगशाला शुरू हुई है. इसके प्रभारी डा. अनिल सिंह ने बताया कि कोरोना वायरस का टेस्ट आधुनिक उपकरण आरटी पीसीआर से किया जाता है. यही उपकरण फॉरेंसिक प्रयोगशाला में डीएनए टेस्ट में उपयोग किया जाता है. उन्होंने बताया कोरोना वायरस आरएनए संरचना का होता है. उपकरण में एक दूसरी किट का उपयोग कर, इससे कोरोना वायरस का टेस्ट किया सकता है. तीन डीएनए वैज्ञानिकों की टीम मेडिकल कॉलेज जाकर लगातार कोरोना टेस्ट में मदद कर रही है. इन वैज्ञानिकों में डा. अनिल सिंह, डा. हीरक रंजन दास और डा. कमलेश कैथोलिया शामिल हैं.

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