MP: वे चेहरे जिन्होंने बनवाई सरकारें, अब नहीं होंगे विधानसभा का हिस्सा!

सरकार किसी की भी बने लेकिन कुछ पुराने चेहरे नई विधानसभा का हिस्सा नहीं होंगे. इन चेहरों को विधानसभा काफी मिस करेगी, ये चेहरे ऐसे हैं जिन्होंने विधानसभा में आते-जाते कई पीढ़ियों को देखा है.

Makarand Kale | News18 Madhya Pradesh
Updated: December 11, 2018, 5:27 AM IST
MP: वे चेहरे जिन्होंने बनवाई सरकारें, अब नहीं होंगे विधानसभा का हिस्सा!
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Makarand Kale | News18 Madhya Pradesh
Updated: December 11, 2018, 5:27 AM IST
मध्य प्रदेश समेत पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के वोटों की गिनती मंगलवार को होगी. शाम तक नतीजे आ जाएंगे और नई सरकार की तस्वीर साफ हो जाएगी.  सरकार किसी की भी बने लेकिन कुछ पुराने चेहरे नई विधानसभा का हिस्सा नहीं होंगे. इन चेहरों को विधानसभा काफी मिस करेगी, ये चेहरे ऐसे हैं जिन्होंने विधानसभा में आते-जाते कई पीढ़ियों को देखा है. ये वो लोग हैं जिन्होंने सरकारों की आधारशिला रखने में अहम भूमिका निभाई लेकिन वक्त के साथ एक पीढ़ी इस विधानसभा की बदल जाएगी. (इसे पढ़ें- बंपर वोटिंग नेताओं को डरा रही है और कम वोटिंग ने चैन छीन लिया है)

बाबूलाल गौर - गौर 10 बार के विधायक हैं. साल 1974 से लगातार बाबूलाल गौर विधायक हैं, गौर साल 2004 से 2006 तक मुख्यमंत्री भी रहे हैं.

कैलाश विजयवर्गीय - बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय 1990 से लगातार विधायक हैं, इनकी जगह इनके बेटे आकाश चुनाव लड़ रहे हैं. विजयवर्गीय 6 बार विधायक रह चुके हैं.

गौरीशंकर शेजवार - शेजवार बीजेपी के बड़े नेताओं में शुमार होते हैं। शेजवार 7 बार के विधायक रहे हैं, इस बार उनके बेटे मुदित शेजवार चुनावी मैदान में हैं.

कुसुम मेहदेले - मेहदेले भी 1990 से लगातार सक्रीय हैं। वो 4 बार विधायक रहीं और 2013 सरकार में पीएचई मंत्री बनीं.

माया सिंह - पूर्व में राज्यसभा सांसद रहीं माया सिंह पिछली सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री और 2013 में नगरीय प्रशासन मंत्री बनीं.

मामले में बीजेपी और कांग्रेस की अपनी-अपनी राय है. बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल का कहना है कि बड़े नेताओं का मार्गदर्शन हमेशा पार्टी को मिलता रहा है. लेकिन पीढ़ी का परिवर्तन होना संसार का नियम है.
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वहीं कांग्रेस का भी मानना यही है कि पीढ़ी का परिवर्तन होता रहा है और ये बदलाव हमेशा अच्छा होता है. कांग्रेस इसे सत्ता परिवर्तन से भी जोड़कर देख रही है. ज़ाहिर है कि राजनीति की अपनी जगह है कि लेकिन अब जब ये चेहरे नहीं होंगे तो बीजेपी कांग्रेस के साथ साथ विधानसभा इन नेताओं को ज़रूर मिस करेगी.

यह पढ़ें- OPINION : ऐसा ख़ामोश विधानसभा चुनाव और फिर ऐसी बंपर वोटिंग

 

 
First published: December 11, 2018, 5:27 AM IST
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