विवादों के बीच हुई शिवराज की कैबिनेट बैठक, इन मुद्दों पर हुई चर्चा

Madhya Pradesh Elections: बैठक में कोई नीतिगत फैसला भले न लिया गया हो लेकिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्याज और लहसुन की किसानों की समस्याओं से लेकर डेंगू और जीका वायरस की रोकथाम जैसे मुद्दों पर चर्चा की

Sharad Shrivastava | News18 Madhya Pradesh
Updated: December 5, 2018, 6:14 PM IST
विवादों के बीच हुई शिवराज की कैबिनेट बैठक, इन मुद्दों पर हुई चर्चा
शिवराज सिंह चौहान (फाइल फोटो)
Sharad Shrivastava | News18 Madhya Pradesh
Updated: December 5, 2018, 6:14 PM IST
मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव की मतगणना से पहले होने वाली कैबिनेट बैठक तमाम सियासी सवालों के बीच बुधवार को आखिरकार हो गई. बैठक में कोई नीतिगत फैसला भले न लिया गया हो लेकिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्याज और लहसुन की किसानों की समस्याओं से लेकर डेंगू और जीका वायरस की रोकथाम जैसे मुद्दों पर चर्चा की. (इसे पढ़ें- क्या MP में ये पीएम नरेन्द्र मोदी और राहुल के दौरों का इफेक्ट है?)

चुनाव के बाद और नतीजों से पहले कैबिनेट बैठक पर मचे सियासी घमासान के बीच बुधवार को मंत्रालय में शिवराज कैबिनेट की बैठक तय वक्त पर हुई. करीब 40 मिनट तक चली बैठक में 13 प्रस्तावों पर मंजूरी दी गई. मंजूरी वाले ज्यादातर प्रस्ताव अनुसमर्थन के रहे. बैठक में कोई नीतिगत फैसला तो नहीं हुआ लेकिन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने लहसुन और प्याज किसानों से लेकर डेंगू और जीका वायरस की रोकथाम के सिलसिले में मंत्रियों और अधिकारियों से चर्चा की. सीएम ने बैठक के औचित्य को लेकर सवाल उठाने वाले विपक्ष को जवाब भी दिया.

मौजूदा सरकार की आखिरी कैबिनेट बैठक में ज्यादातर अनुसमर्थन के मामलों को शामिल किया गया था बैठक के दौरान,
-किसानों से होने वाली खरीदी और उपार्जन के बारे में चर्चा हुई

-सीएम शिवराज सिंह चौहान ने खाद की स्थिति को लेकर चर्चा की
-सीएम के आदेश के मुताबिक कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन, केंद्रीय खाद मंत्री से मुलाकात कर खाद के बारे में चर्चा करेंगे
-अगर रेल रैक की ज़रुरत पड़ी तो रेल मंत्री से भी इस सिलसिले में मुलाकात करेंगे
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-कृषि विभाग के प्रमुख सचिव को लहसुन और प्याज किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए कहा गया है
-स्कूल शिक्षा विभाग में महिला और दिव्यांगों के लिए आरक्षण व्यवस्था के अनुसमर्थन का मामला कैबिनेट में आया
-20 फीसदी संविदा कर्मियों के लिए आरक्षण का अनुसमर्थन किया गया
-पुजारियों के मानदेय और श्रम विभाग के तहत सभी मंदिरों में सेवादारों को संबल का पात्र माने जाने वाले फैसले का भी अनुसमर्थन किया गया
-राजस्व विभाग में पटवारियों की पेंशन और इंदौर-मनमाड़ रेल परियोजना के एमओयू का अनुसमर्थन भी बैठक में हुआ.

बैठक के दौरान नगरीय प्रशासन मंत्री माया सिंह और पीएचई मंत्री कुसुम मेहदेले का न पहुंचना भी चर्चा में रहा. वैसे इन दोनों मंत्रियों को मिलाकर 5 ऐसे मंत्री हैं जिनका कैबिनेट से बाहर रहना नतीजों से पहले ही तय है. इन नामों में गौरीशंकर शेजवार, सूर्य प्रकाश मीणा और हर्ष सिंह के नाम शामिल हैं. क्या वाकई में ये शिवराज की आखिरी कैबिनेट होगी या नई कैबिनेट की शुरुआत होगी इसका फैसला 11 दिसंबर को हो जाएगा.

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