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कमलनाथ सरकार ने फिर ली शिक्षकों की परीक्षा, अबकी बार हुए फेल तो नौकरी से होंगे 'आउट'

Ranjana Dubey | News18 Madhya Pradesh
Updated: October 14, 2019, 11:21 PM IST
कमलनाथ सरकार ने फिर ली शिक्षकों की परीक्षा, अबकी बार हुए फेल तो नौकरी से होंगे 'आउट'
दूसरी बार परीक्षा में फेल होने पर नौकरी गंवानी पड़ेगी. (File Photo)

शिक्षकों की परीक्षा लेने को लेकर स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी (Minister of School Education Dr. Prabhuram Chaudhary) का कहना है कि इससे पहले शायद ही कोई इस तरह का कदम उठा पाया है. हमने कोशिश की है कि शिक्षा का स्तर सुधरे.

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भोपाल. मध्‍य प्रदेश (Madhya Pradesh) में शिक्षा (Education) के स्तर को सुधारने के लिए अब शिक्षकों (Teachers) का भी शैक्षणिक स्तर (Educational Level) परखा जा रहा है. खराब रिजल्ट के बाद प्रदेशभर के शिक्षकों की परीक्षा ली गई है. हालांकि पहली बार परीक्षा में फेल हो चुके शिक्षकों को दूसरा मौका दिया गया है. अब अगर शिक्षक फेल होते हैं, तो शिक्षा विभाग (Education Department) ऐसे शिक्षकों को बाहर का रास्ता दिखाने की तैयारी कर रहा है.

प्रशिक्षण के बाद दूसरी बार ली जा रही है शिक्षकों की परीक्षा
बोर्ड परीक्षाओं के रिजल्ट के साथ ही प्रदेश भर के ऐसे स्कूलों को चिन्हित किया गया था, जिनका रिजल्ट 30 फीसदी से भी कम था. ऐसे शिक्षकों के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने परीक्षा कराई थी, ताकि ये पता चल सके कि शिक्षक छात्र-छात्राओं को पढ़ाने के लायक है या नहीं. पहली बार परीक्षा लेने के बाद अब शिक्षकों को दूसरा मौका दिया जा रहा है. दूसरा मौका भी प्रशिक्षण के बाद दिया जा रहा है. अबकी बार शिक्षकों के लिए ये आखिरी मौका है. जी हां, अगर शिक्षक पास नहीं होते है तो फिर शिक्षकों को विभाग से बाहर करने की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है.

किताबों से परीक्षा देने के बाद हो गए थे फेल

बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट के बाद 30 फीसदी से कम रिजल्ट देने वाले शिक्षकों की सूची तैयार की गई थी.12 जून को प्रदेश भर के शिक्षकों की एक्सीलेंस स्कूल में परीक्षा भी आयोजित की गई थी. परीक्षा ली तो जरूर गई थी, लेकिन शिक्षकों ने किताबों का सहारा लिया था. किताबों से परीक्षा देने के बाद भी 20 से 30 फीसदी शिक्षक परीक्षा पास नहीं कर पाए थे. परीक्षा में बैठने वाले शिक्षक करीब 30 फीसदी अंक भी हासिल नहीं कर पाए थे. ऐसे में स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को एक और मौका दिया है. कमजोर शिक्षकों को तीन महीने की ट्रेनिंग दी गई है. प्रशिक्षण के बाद ही दूसरी बार शिक्षकों की परीक्षा कराई गई है.

भोपाल जिले में शामिल हुए 9 शिक्षक, दूसरी बार बैठे हैं परीक्षा में
प्रदेश भर में हर एक्सीलेंस स्कूल में परीक्षा आज हुई है. भोपाल के शासकीय माध्ममिक उत्कृष्ट विद्यालय में शिक्षकों की दूसरी बार परीक्षा आयोजित हुई. स्कूल के प्राचार्य सुधाकर पाराशर का कहना है कि दूसरी बार परीक्षा में भोपाल जिले के 9 शिक्षक हुए है, जिसमें गणित, विज्ञान और उर्दू विषय के शिक्षक शामिल हैं. जबकि पहली बार 9 में से 7 शिक्षक परीक्षा पास नहीं कर पाए थे, वहीं 2 शिक्षक स्थानांतरण होकर दूसरे जिले से अब भोपाल जिले में पहुंचे हैं.
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स्कूल शिक्षा मंत्री बोले फेल होने पर होगी शिक्षकों पर कार्रवाई
शिक्षकों की परीक्षा लेने को लेकर स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी का कहना है कि इससे पहले शायद ही कोई इस तरह का कदम उठा पाया है. हमने कोशिश की है कि शिक्षा का स्तर सुधरे. वहीं कमजोर शिक्षकों की नींव भी मजबूत की जा सकें. पहली बार जो शिक्षक पास नहीं हो पाए थे, उन्हें दूसरा मौका दिया गया है, वो भी तीन महीने के प्रशिक्षण के बाद. उम्मीद है कि प्रशिक्षण के बाद शिक्षक जरूर पास होंगे. अगर शिक्षक पास नहीं होते हैं, तो अब और मौका नहीं दिया जाएगा. दो मौके दिए जा चुके है. अब जो शिक्षक पास नहीं होगा, उन पर वैधानिक कार्यवाई की जाएगी.

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First published: October 14, 2019, 5:14 PM IST
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