MP सरकार को स्कूलों की ऑनलाइन क्लासेस की मिलीं 400 शिकायतें, जांच लिए कमेटी गठित
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MP सरकार को स्कूलों की ऑनलाइन क्लासेस की मिलीं 400 शिकायतें, जांच लिए कमेटी गठित
मध्य प्रदेश के शिक्षा विभाग ने मामले की जांच करने के लिए कमेटी बनाई है.

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में फीस जमा नहीं करने वाले बच्चों को निजी स्कूलों द्वारा ऑनलाइन क्लासेस (Online Classes) अटेंड करने की अनुमति नहीं दने की शिकायतें मिल रही हैं.

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भोपाल. कोरोना महामारी के चलते मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में स्कूल-कॉलेज (School-College) बंद हैं. पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए स्कूलों में ऑनलाइन क्लासेस (Online Classes) जारी हैं. ऑनलाइन क्लासेस में बच्चों को ना बैठाने और ट्यूशन फीस के अलावा दूसरी फीस वसूलने को लेकर बाल आयोग के साथ जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लगातार शिकायतें पहुंच रही हैं. शिकायतों को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है.

मध्यप्रदेश में ऑनलाइन क्लासेस और फीस वसूली को लेकर निजी स्कूल संचालकों और अभिभावकों के बीच लगातार खींचतान जारी है. बाल आयोग के पास प्रदेश भर से करीब 400 से ज्यादा शिकायतें पहुंची हैं तो वहीं ऑनलाइन क्लासेस में बच्चों को ना बैठाने और ट्यूशन फीस के अलावा दूसरी मदों से फीस वसूली को लेकर प्रदेश भर से हर रोज शिकायतें बाल आयोग के दफ्तर पहुंच रही हैं.

कहां से मिलीं कितनी शिकायतें
राजधानी भोपाल से 300 शिकायतें अभिभावकों ने निजी स्कूलों के खिलाफ दर्ज कराई है. भोपाल में संस्कार वैली, डीपीएस, रेहान इंटरनेशनल स्कूल, जवाहर स्कूल, विक्रम हायर सेकेंडरी स्कूल, हेमा हायर सेकेंडरी स्कूल, विंध्यांचल स्कूल की शिकायत पहुंची हैं तो सतना से 12, नरसिंहपुर से 05,जबलपुर से 07,गुना से 02, छिंदवाड़ा से 03, इंदौर से 10, भोपाल से 300, ग्वालियर से 04, मुरैना से 03, रीवा से 04, विदिशा से 05 शिकायतें पहुंची हैं.
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तीन सदस्यीय कमेटी गठित
फीस ना देने पर ऑनलाइन क्लासेस में छात्रों को ना बैठाने और ट्यूशन फीस के अलावा दूसरी फीस वसूलने को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने शिकायतों की जांच के लिए अब तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है. कमेटी में सहायक संचालक के साथ वरिष्ठ दो प्राचार्य को रखा गया है. कमेटी की जांच पूरी होने पर दोषी निजी स्कूल संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी. निजी स्कूलों की मान्यता समाप्त करने या नोटिस देने की कार्रवाई की जाएगी.

सीएम ने दिए थे ये निर्देश
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीते 16 मई को सभी सरकारी और निजी स्कूलों को निर्देश दिए थे कि अगर किसी छात्र के अभिभावक फीस नहीं भर पा रहे हैं तो फीस ना भर पाने के अभाव में छात्र छात्राओं के नाम नहीं काटे जाएं. कोरोना महामारी के चलते स्कूल बंद है ऑनलाइन क्लासेस संचालित हो रही हैं. ऐसे में निजी स्कूल नाम ना काटने के एवज में फीस ना भरने वाले छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन क्लास अटेंड नहीं करा रहे हैं. फीस ना भरने पर छात्र-छात्राओं की आईडी ब्लॉक कर दी जाती है.
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