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MP सरकार ने केंद्रीय टीम के सामने रखा नुकसान का ब्योरा, बारिश-बाढ़ की भरपाई को मांगे 6,621 करोड़

News18 Madhya Pradesh
Updated: October 17, 2019, 6:52 PM IST
MP सरकार ने केंद्रीय टीम के सामने रखा नुकसान का ब्योरा, बारिश-बाढ़ की भरपाई को मांगे 6,621 करोड़
मध्य प्रदेश के दर्जनभर से ज्यादा जिलों में बाढ़ के कारण हुआ है नुकसान. (फाइल फोटो)

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के एक दर्जन से अधिक जिलों में बारिश और बाढ़ से हुई क्षति (Damage by rain & flood) का आकलन करने आई केंद्रीय टीम (Union Inter-Ministerial Team) को कमलनाथ (CM Kamalnath) सरकार ने दिया नुकसान का ब्योरा. एनडीआरएफ (NDRF) से 6 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राहत राशि दिलवाने की रखी मांग.

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भोपाल. मध्य प्रदेश सरकार (Kamalnath Government) ने अंतर-मंत्रालयीन केन्द्रीय दल से मांग की है कि इस मानसून (Monsoon) में अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रदेश को हुई क्षति (Damage by rain & flood) के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) से 6,621 करोड़ रुपए की सहायता तत्काल उपलब्ध कराई जाए. यह केंद्रीय दल प्रदेश के एक दर्जन से अधिक जिलों में बाढ़ और बारिश की वजह से हुए नुकसान का जायजा लेने के बाद सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक करने पहुंचा था.

नुकसान का दिया ब्योरा
मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव एसआर मोहंती ने यहां मंत्रालय में बुधवार को अंतर-मंत्रालयीन (Inter-Ministerial Team) केन्द्रीय दल के साथ बैठक की. इसमें उन्होंने केंद्रीय दल को प्रदेश में बारिश और उसके बाद आई बाढ़ से हुए नुकसान का पूरा ब्योरा दिया. मुख्य सचिव ने केंद्रीय दल से अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रदेश को हुई क्षति के लिए एनडीआरएफ से 6,621 करोड़ रुपए की सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है.

60 लाख हेक्टेयर में फसल क्षति

उन्होंने कहा कि बैठक में केन्द्रीय दल को यह भी बताया गया कि इस मानसून में प्रदेश में खरीफ की 149.35 लाख हेक्टेयर फसल में से 60.52 लाख हेक्टेयर फसल को नुकसान हुआ है. इससे लगभग 55.36 लाख किसान प्रभावित हुए हैं. अधिकारी ने बताया कि इसके अलावा, अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रदेश की लगभग 11,000 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं. लगभग 18,604 बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर तथा 1.2 लाख मकान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं.

15 जिलों का लिया जायजा
उन्होंने कहा कि मोहन्ती ने बैठक में केन्द्र की ओर से तत्काल सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध करते हुए प्रदेश की स्थिति को गंभीर आपदा के रूप में लेने का अनुरोध किया. संयुक्त सचिव केन्द्रीय गृह मंत्रालय एस.के.शाही के नेतृत्व में आए अंतर-मंत्रालयीन केन्द्रीय दल ने प्रदेश के 15 जिलों का भ्रमण कर बुधवार को राज्य शासन के अधिकारियों के साथ मंत्रालय में बैठक की. केन्द्रीय दल को अवगत कराया गया कि प्रदेश में इस साल एक जून से 30 सितम्बर तक की अवधि में 1348.3 मिलीमीटर वर्षा हुई, जो सामान्य से 43 प्रतिशत अधिक है. प्रदेश के 20 जिले अतिवृष्टि से प्रभावित हैं.
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(इनपुट - भाषा)

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First published: October 17, 2019, 6:09 PM IST
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