भोपाल: संक्रमण रोकने के प्रयास में स्वास्थ्य विभाग, 18 लाख डिस्पोजेबल चादरें खरीदने का प्लान
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भोपाल: संक्रमण रोकने के प्रयास में स्वास्थ्य विभाग, 18 लाख डिस्पोजेबल चादरें खरीदने का प्लान
डिस्पोजेबल चादरों से संक्रमण रोकने के प्रयास में स्वास्थ्य विभाग (फाइल फोटो)

मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ सप्लाई कॉरपोरशन के एमडी डॉ. जे विजय कुमार ने बताया की ये चादरें कोरोना संक्रमण (Corona Virus) रोकने में काफी कामगर सिद्ध होंगी. संक्रमितों को कोई इसुविधा महसूस ना हो इसलिए स्टेराइल और नॉन स्टेराइल दोनों तरह की डिस्पोजेबल चादरें खरीदी जा रही हैं.

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इंदौर. मध्य प्रदेश स्वास्थ्य विभाग (Health Department) को आशंका है कि जून और जुलाई के महीने में कोरोना संक्रमण (Corona Virus) के मामलों में बढ़ोतरी होगी. प्रदेश में कोरोना से निपटने के लिए बड़े स्तर पर तैयारी की जा रही है. मरीजों की संख्या बढ़ने की संभावनाओं को ध्यान में रखकर सरकार कई उपायों को तलाशने में लगी है. कोरोना के इंफेक्शन से बचने के लिए हेल्थ अधिकारियों ने एक नई तैयारी शुरू की है. ये तैयारी है चादरों को खरीदने की. प्रदेश भर के लिए स्वास्थ्य विभाग लगभग 18 लाख डिस्पोजेबल चादरें खरीदने की जुगत में लग है. इनमें छह लाख सैनिटाइज यानी संक्रमण मुक्त चादरें होंगी जो आईसीयू में गंभीर मरीजों को दी जाएंगी, जिससे उन्हे चादर से किसी तरह के संक्रमण का खतरा ना रहे.

इस रेट से होगी खरीदी
चूंकि आदेशानुसार अब कोरोना संबंधित जरूरत के सामान की सप्लाई हेल्थ कॉरपोरेशन के जरिए ही की जाएगी, इसलिए कॉरपोरेशन ने सेवा को देने एजेंसी को भी चुना है. एजेंसी से ये चादरें टेंडर के तहत सेनेटाइज चादर 28.56 रुपए प्रति पीस और सामान्य चादर 26.44 प्रति पीस पर खरीदी जा रही है. अभी की व्यवस्था के अनुसार क्वारंटाइन सेंटरों में कॉटन की चादरें दी जा रही है और एक बार जो चादर दी गई उसे बदला नहीं जा रहा है. कोविड के डर से लांड्री वाले यहां की चादरें धोने को भी तैयार नहीं हो रहे हैं. इस समस्या का हर निकाल कर विभाग ने डिस्पोजेबल चादरें खरीदने का निर्णय किया है.

इंसीनरेटर में बायोमेडिकल वेस्ट की तर्ज पर नष्ट होंगी चादरें



मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ सप्लाई कॉरपोरशन के एमडी डॉ. जे विजय कुमार ने बताया की ये चादरें संक्रमण रोकने में काफी कामगर सिद्ध होंगी. संक्रमितों को कोई इसुविधा महसूस ना हो इसलिए स्टेराइल और नॉन स्टेराइल दोनों तरह की डिस्पोजेबल चादरें खरीदी जा रही हैं. दो साल की जरूरत के अनुमान से ये खरीदी की जा रही है. आईसीयू में मरीजों को स्टेराइल चादरें ही दी जाएंगी क्योंकि वहां भर्ती मरीजों में संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है. क्वारेंटाइन सेंटर और कोविड केयर हॉस्पिटल्स में संक्रमित संदिग्धों और कोरोना मरीजों को ये चादरें दी जाएंगी. इन चादरों का एक बार इस्तेमाल करने के बाद इंसीनरेटर में बायोमेडिकल वेस्ट की तर्ज पर नष्ट कर दिया जाएगा.



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