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MP के स्वास्थ्य मंत्री का कबूलनामा, प्रदेश में है 70 फीसदी डॉक्‍टर्स की कमी

Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: November 21, 2019, 10:08 PM IST
MP के स्वास्थ्य मंत्री का कबूलनामा, प्रदेश में है 70 फीसदी डॉक्‍टर्स की कमी
राइट टू हेल्थ से सुधरेगी व्यवस्था- सिलावट

मध्‍य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट (Health Minister Tulsi Silawat) ने कहा कि प्रदेश में 70 प्रतिशत डॉक्टर्स (Doctors) की कमी है और इसे ठीक करने का काम किया जा रहा है. जबकि प्रदेश के 20 जिलों में मुख्यमंत्री सुषेण संजीवनी योजना लागू की जाएगी.

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भोपाल. अपने-अपने विभागों को लेकर की जा रही प्रेस कांफ्रेंस में आज स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट (Health Minister Tulsi Silawat) ने स्वास्थ्य व्यवस्था को लाचार बता डाला. उन्होंने कहा कि प्रदेश में 70 प्रतिशत डॉक्टर्स (Doctors) की कमी है और इस लाचार व्यवस्था को ठीक करने का काम किया जा रहा है. प्रदेश में दिल्ली की आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) की तर्ज पर मोहल्ला क्लीनिक खोली जाएगी. इसके अलावा राइट टू हेल्थ (Right to Health) के जरिए व्यवस्थाओं में सुधार लाया जाएगा.

मैंने गरीबी को जनदीक से देखा है- सिलावट
स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने प्रेस कांफ्रेंस कर अपने विभाग के कामकाज का लेखा जोखा दिया. उन्होंने कहा कि विभाग की जिम्मेदारी एक जनवरी को संभाली थी. मैंने भी गरीबी को बहुत नजदीक से देखा है, उस गरीबी को जिया है. उस गरीब परिवार के लिए सबसे जरूरी है स्वस्थ्य व्यवस्था. मंत्री ने कहा कि लाचार और बदहाल अवस्था में स्वास्थ्य विभाग मुझे मिला है और मैंने स्वास्थ्य विभाग को एक चुनौती की तरह लिया.

70 प्रतिशत डॉक्टरों, स्टॉफ की कमी

प्रदेश भर में 70 प्रतिशत डॉक्टरों और दूसरे स्टॉफ की कमी है. इस व्यवस्था को सुधारने का काम किया जा रहा है. राइट टू हेल्थ लगाया जा रहा है और मिलावटखोरों पर कार्रवाई की जा रही है. शीतकालीन विधानसभा सत्र में स्वास्थ्य का अधिकार को कानून की शक्ल देने की कोशिश की जाएगी. उन्होंने कहा कि सरकार अपने वादों को पूरा कर रही है और प्रदेश के महानगरों में संजीवनी क्लीनिक खोल जाएंगे.

20 जिलों में सीएम सुषेण योजना प्रारंभ हो रही
सिलावट ने कहा कि प्रदेश के 20 जिलों के 89 अधिसूचित विकासखण्डों में मुख्यमंत्री सुषेण संजीवनी योजना प्रारंभ की जा रही है. साथ ही राज्य सरकार की हेल्थ इन्वेस्टर्स पॉलिसी और फार्मा पॉलिसी को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है. सिलावट ने कहा कि प्रदेश के महानगरों के प्रत्येक वार्ड में संजीवनी क्लीनिक खोले जाएंगे. हम चाहते हैं कि नागिरकों को स्वास्थ्य सुविधाएं उनके घर के पास ही उपलब्ध हों. जबकि संजीवनी क्लीनिक लोगों को उनके घर के पड़ोस में ही स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराएगा. प्रारंभिक तौर पर इस योजना को मध्यप्रदेश के चार बड़े शहरों के वार्डों में स्थापित किया जा रहा है. बाद में यह योजना प्रदेश के सभी शहरों में लागू किया जाएगा.
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खाली पदों को भरा जा रहा
सिलावट ने कहा कि चिकित्सकों और चिकित्सालय से जुड़े स्टाफ की कमी को प्राथमिकता से पूरा किया जा रहा है. प्रदेश में अब तक 600 संविदा एनएचएम चिकित्सकों, 1002 बन्ध पत्र चिकित्सकों और 547 पीएससी बैकलॉग चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है. सेवानिवृत्त 100 चिकित्सकों की सीधी भर्ती प्रक्रियाधीन है. प्रदेश में 1033 स्टाफ नर्सों की नियुक्ति की गई है और 760 स्टाफ नर्सों की भर्ती प्रकिया चल रही है. साथ ही उन्होंने बताया कि 1550 कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर की नियुक्ति की गई है तथा 2019 एएनएम की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है.

यही नहीं, 4366 संविदा पैरा-मेडिकल पदों और एनएचएम में 279 संविदा होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारियों की भी नियुक्ति की जा रही है. उन्होंने कहा कि एनएचएम के अन्तर्गत 351 संविदा आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी और 80 संविदा यूनानी चिकित्सा अधिकारी भी भर्ती किए जा रहे हैं. जबकि अगले ढाई वर्षों में 10,000 कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर और 42 संविदा दन्त शल्य चिकित्सकों की भर्ती की जाएगी.

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First published: November 21, 2019, 10:03 PM IST
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