लाइव टीवी

MP में सियासी संकट: राज्यपाल से फिर मिले शिवराज, राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर की ये मांग
Bhopal News in Hindi

Anurag Shrivastava | News18 Madhya Pradesh
Updated: March 17, 2020, 9:02 PM IST
MP में सियासी संकट: राज्यपाल से फिर मिले शिवराज, राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर की ये मांग
राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते बीजेपी नेता. (फाइल फोटो)

पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कई अन्य बीजेपी नेताओं के साथ राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की. राजभवन में इस मुलाकात के दौरान चौहान के साथ नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, भूपेंद्र सिंह और वीडी शर्मा भी मौजूद थे.

  • Share this:
भोपाल. मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे के बाद शुरू हुआ सियासी संकट लगातार जारी है. इस बीच पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कई अन्य बीजेपी नेताओं के साथ राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की. राजभवन में इस मुलाकात के दौरान चौहान के साथ नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, भूपेंद्र सिंह और वीडी शर्मा भी मौजूद थे. इस दौरान बीजेपी नेताओं ने राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा है. इस ज्ञापन में कमलनाथ सरकार के द्वारा की जा रही राजनीतिक नियुक्तियों पर रोक लगाने की मांग की गई है. बीजेपी नेताओं ने कहा है कि वर्तमान सरकार अल्पमत में है और राजनीतिक नियुक्तियां जारी हैं.

ज्ञापन में ये भी कहा गया है कि अल्पमत की सरकार गलत तरीकों से ये नियुक्तियां कर रही है. बीजेपी नेताओं ने अनुच्छेद 163 और 166 के तहत राज्यपाल से नियुक्तियों पर रोक लगाने की मांग की है. बीजेपी ने पिछले 3 दिनों में कमलनाथ सरकार द्वारा लिये गए फैसलों पर रोक लगाने की मांग कर रही है.

कांग्रेस बेंगलुरू के विधायकों का कर रही इंतजार
प्रदेश के कानून मंत्री पीसी शर्मा (PC Sharma) ने एक बयान में कहा कि बेंगलुरू से जब तक विधायक वापस नहीं आएंगे, फ्लोर टेस्‍ट नहीं होंगे. इससे पहले राज्‍यपाल लालजी टंडन (Lalji Tandon) ने कमलनाथ सरकार को 17 मार्च को फ्लोर टेस्‍ट कराने का निर्देश दिया था. अब इसके बाद मध्‍य प्रदेश के कानून मंत्री ने विश्‍वासमत को लेकर नया दावा कर दिया है. हालांकि, पीसी शर्मा ने यह साफ किया कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करेगी. उन्‍होंने बेंगलुरू में रखे गए विधायकों को लेकर बीजेपी पर झूठ बोलने का भी आरोप लगाया है.



न्यूज़ 18 से बातचीत में शर्मा ने कहा कि जब तक बेंगलुरु से विधायक नहीं आ जाते तब तक फ्लोर टेस्ट नहीं होगा. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करेंगे और उसका पालन करेंगे. राज्यपाल की चिट्ठी का जवाब सीएम देंगे. उन्होंने कहा कि बेंगलुरु के बंधक विधायक को लेकर बीजेपी के नेता झूठ बोल रहे हैं.

मंगलवार को फ्लोर टेस्ट नहीं
मध्य प्रदेश विधानसभा में कमलनाथ सरकार का मंगलवार को फ्लोर टेस्ट नहीं होगा. राज्यपाल लालजी टंडन ने मुख्यमंत्री कमलनाथ से 17 मार्च को फ्लोर टेस्ट कर बहुमत साबित करने के लिए कहा था, लेकिन स्पीकर कोरोना वायरस के ख़तरे की वजह से 16 मार्च को विधानसभा की कार्यवाही 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर चुके हैं. ऐसे में विधानसथा में फ्लोर टेस्‍ट को लेकर कोई तैयारी भी नहीं की गई है न ही मंगलवार के लिए विधानसभा की कार्यसूची जारी हुई है. उधर, मुख्यमंत्री कमलनाथ भी कह चुके हैं कि अगर बीजेपी को फ्लोर टेस्ट कराना है तो सरकार के खिलाफ अविश्‍वास प्रस्ताव लाए, हम बहुमत साबित करने के लिए तैयार हैं.

राज्यपाल ने कमलनाथ सरकार को लिखी है चिट्ठी
इससे पहले राज्यपाल लालजी टंडन ने कमलनाथ सरकार को 17 मार्च को फ्लोर टेस्ट कराने के लिए कहा था. राज्यपाल ने सोमवार शाम सीएम कमलनाथ को भेजी चिट्ठी में लिखा था कि सरकार 17 मार्च को विधानसभा में फ्लोर टेस्ट करवाए. अगर ऐसा नहीं हुआ तो माना जाएगा कि सरकार को सदन में बहुमत हासिल नहीं है. उधर, सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को बीजेपी की याचिका पर सुनवाई है, जिसमें 48 घंटे के अंदर कमलनाथ सरकार के फ्लोर टेस्ट की मांग की गई है.

ये भी पढ़ें:

SC पहुंची कांग्रेस:16 'बंधक' MLAकी गैर मौजदगी में नहीं हो सकता फ्लोर टेस्ट

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए भोपाल से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: March 17, 2020, 4:49 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर