क्‍या मंत्री के विदेश दौरे से सुधरेगी MP की 'बदहाल' शिक्षा व्‍यवस्‍था?

मध्य प्रदेश के स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है. पीने के पानी, स्कूल भवन, शौचालय, शिक्षकों की कमी जैसी समस्याएं सालों से हैं. एक तरफ बुनियादी सुविधाएं जुटाने के लिए बजट की कमी है, तो वहीं ऐसे में बार-बार अधिकारियों का विदेश दौरा सिर्फ शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के नाम पर किया जा रहा है.

Ranjana Dubey | News18 Madhya Pradesh
Updated: September 2, 2019, 10:28 PM IST
क्‍या मंत्री के विदेश दौरे से सुधरेगी MP की 'बदहाल' शिक्षा व्‍यवस्‍था?
साउथ कोरिया के दौरे पर हैं स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी.
Ranjana Dubey | News18 Madhya Pradesh
Updated: September 2, 2019, 10:28 PM IST
मध्‍य प्रदेश (Madhya Pradesh) में स्कूल शिक्षा व्यवस्था बदहाल है. हालात ऐसे हैं कि स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं के लिए बजट का रोना है, लेकिन हैरानी की बात ये है कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिए मंत्रियों के विदेश दौरे हो रहे हैं. जी हां, सूबे के स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी (Minister of School Education Dr. Prabhuram Chaudhary) शिक्षा को बेहतर करने के लिए दुनिया की सबसे अच्छी शिक्षा प्रणाली वाले देश दक्षिण कोरिया (South Korea) के दौरे पर हैं. जबकि मंत्री से पहले अधिकारियों का भी दौरा हो चुका है. आखिर क्या सिर्फ दौरों से ही बदहाल हो चुकी शिक्षा व्यवस्था सुधरेगी.

शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के नाम पर...
मध्य प्रदेश के स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है. पीने के पानी, स्कूल भवन, शौचालय, शिक्षकों की कमी जैसी समस्याएं सालों से हैं. एक तरफ बुनियादी सुविधाएं जुटाने के लिए बजट की कमी है, तो वहीं ऐसे में बार-बार अधिकारियों का विदेश दौरा सिर्फ शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के नाम पर किया जा रहा है. अधिकारियों के बाद अब मंत्री की बारी है और वो खुद दक्षिण कोरिया के एजुकेशन सिस्टम को समझने पहुंचे हैं. मंत्री आखिर बिना अंग्रेजी बोले कैसे दक्षिण कोरिया के एजुकेशन सिस्टम को समझेंगे. क्या सिर्फ अधिकारियों के भरोसे ही वो दक्षिण कोरिया की शिक्षा प्रणाली को समझने गए हैं. चार दिनों तक 35 अधिकारियों का दल कोरिया में सिस्टम को समझेगा, लेकिन सवाल यही है कि आखिर कैसे सिर्फ दौरे से मप्र की शिक्षा का स्तर सुधरेगा.

पहले भी हो चुका है अधिकारियों का विदेश दौरा

35 अधिकारी दो महीने पहले दक्षिण कोरिया का एजुकेशन सिस्टम समझने गए थे. दक्षिण कोरिया के साथ ही दिल्ली भी गया था दल. अब अधिकारियों के बाद स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ.प्रभुराम चौधरी की बारी है, लेकिन सवाल ये है कि क्या सेमिनार और एजुकेशन सिस्टम से सुधरेगी शिक्षा व्यवस्था. हालांकि मध्‍य प्रदेश की सबसे बड़ी समस्‍या शिक्षकों की कमी और क्वालिटी एजुकेशन है. मजेदार बात ये है कि इस दौरे के चलते शिक्षक सम्मान समारोह 5 सितंबर की जगह पहली बार 6 सितंबर को होगा.

शिक्षा मंत्री ने कही ये बात, भाजपा ने कसा तंज
स्‍कूल शिक्षा मंत्री डॉ.प्रभुराम चौधरी का कहना है कि बदलाव के लिए शुरुआत की गई है. बदलाव हो रहे हैं और आने वाले समय में इसका असर दिखाई देगा. वहीं भाजपा ने स्कूल शिक्षा मंत्री के विदेश दौरे पर तंज कसा है. भाजपा के पूर्व मंत्री विश्वास सारंग का कहना है कि मंत्री विदेश में मौज कर रहे हैं. दूसरी तरफ सरकार ने लोगों से जो वचन दिया था, उसके लिए सरकार के पास पैसे नहीं हैं. जबकि विदेश दौरे के लिए अधिकारियों और मंत्री पर जमकर पैसा लुटाया जा रहा है.
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हैरानी की बात है कि स्कूलों में पीने का पानी और शौचालय नहीं हैं. जबकि जर्जर भवनों में बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं. वहीं 42 हजार स्कूल केवल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं.

( रिपोर्ट- रंजना दुबे)

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First published: September 2, 2019, 8:57 PM IST
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