MP वेयर हाउस घोटाला: पूर्व की कमलनाथ सरकार पर लगे गंभीर आरोप, जांच के निर्देश
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MP वेयर हाउस घोटाला: पूर्व की कमलनाथ सरकार पर लगे गंभीर आरोप, जांच के निर्देश
मध्य प्रदेश में वेयर हाउस घोटाला मामले में पूर्व की कमलनाथ सरकार पर गंभीर आरोप लगे हैं. (फाइल फोटो)

मध्य प्रदेश सरकार (Government of Madhya Pradesh) में कृषि मंत्री कमल पटेल (Agriculture Minister Kamal Patel) ने कमीशन देकर प्राइवेट वेयर हाउस पर खरीदी केन्द्र बनाने के मामले की जांच कराने के निर्देश दिए हैं.

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भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कथित वेयर हाउस घोटाला (Ware house scam) मामले में पूर्व की कमलनाथ (Kamal Nath) सरकार पर गंभीर आरोप लगे हैं. राज्य सरकार में कृषि मंत्री कमल पटेल (Agriculture Minister Kamal Patel) ने कृषि और सहकारिता विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक की. इस बैठक में कमीशन दे कर प्राइवेट वेयर हाउस पर खरीदी केन्द्र बनाने के मामले की जांच कराने के निर्देश दिए हैं. कमल पटेल का मानना है कि प्राइवेट वेयर हाउस को लाभ पहुंचाया गया है. इसमें जमकर कमीशनखोरी हुई है. मंत्री का आरोप है कि यह घोटाला अपने चहेतों के लिए तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने किया था.

विभाग में वेयर हाउस और अधिकारियों के गठजोड़ के ख़िलाफ़ कमल पटेल की इस कार्यवाई के बाद हड़कप मच गया है. मंत्री कमल पटेल ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हक़ के पैसे पर डाका डालने वाले पूर्व कमलनाथ सरकार के राज में चले इस रैकेट में सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को जेल पहुंचाया जाएगा. बैठक में सहकारिता विभाग के प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला, राज्य सहकारी विपणन संघ के प्रंबध संचालक पी नरहरि, कृषि विभाग के संचालक संजीव सिंह मौजूद थे. मंत्री पटेल ने बैठक में गत वर्ष प्रायवेट वेयर-हाउस पर बनाये गये खरीदी केन्द्रों, आधा प्रतिशत कमीशन राशि प्राप्त करने वाले वेयर-हाउस, वेयर हाउसों को दी गई राशि संबंधी समस्त जानकारी उपलब्ध कराये जाने के निर्देश प्रमुख सचिव, सहकारिता को दिये.

ऐसे हुआ घोटाला
कृषि और सहकारिता की संयुक्त बैठक में मंत्री कमल पटेल ने निर्देश दिए हैं कि तत्कालीन सरकार के दौरान जिन प्राइवेट वेयरहाउस को खरीदी केंद्र बनाया गया था, उसकी जांच की जाए. मंत्री का मानना है कि अपने चहेतों और कुछ खास लोगों को अवैध रूप से लाभ पहुंचाने के लिए वेयरहाउस को खरीदी केंद्र बनाया गया. जबकि सरकार के पास खुद के वेयरहाउस थे. उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि इस कमीशनखोरी के घोटाले में अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध है. उन्होंने वेयरहाउस संचालकों से मिलकर यह घोटाला किया है. ऐसे में कृषि और सहकारिता विभाग के अधिकारी एक टीम बनाकर इसकी जांच करें.
बैठक में ये निर्देश भी दिए


-इस संयुक्त बैठक में मंत्री कमल पटेल ने ग्रीष्मकालीन मूँग की फसल का पंजीयन 25 जून तक करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि चना, मसूर, सरसों की खरीदी की तिथि भारत सरकार की समर्थन मूल्य नीति के अनुसार 29 जुलाई तक होना संभावित है.
-बैठक में पटेल ने धार कलेक्टर द्वारा 6 जून को खरीदी कार्य बंद करने पर नाराजगी जताई. उन्होंने इस संबंध में कलेक्टर से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिये.
-मंत्री पटेल ने परिवहन कार्य में लापरवाही बरतने वाले ट्रांसपोर्टरों से राशि काटने के निर्देश दिये. उन्होंने कहा कि जिन-जिन स्थानों पर परिवहन कार्य 72 घटे से अधिक देरी से प्रारंभ हुआ है, वहाँ अनिवार्य रूप से ट्रांसपोर्टरों से राशि काटी जाये.
-मंत्री पटेल ने मण्डी एक्ट में संशोधन के उपरांत सहकारी समितियों को उपार्जन से प्राप्त होने वाली राशि और होने वाले नुकसान का आकलन कराये जाने के भी निर्देश दिये. उन्होंने कहा कि समितियों को नुकसान न हो, इसके लिये आवश्यक प्रबंध किये जायें.

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