अपना शहर चुनें

States

भोपाल में मकर संक्रांति की धूम, लोगों ने जमकर लूटे पतंगबाजी के मजे, खेला क्रिकेट

भोपाल में मकर संक्रांति धूमधाम से मनाई जा रही है.
भोपाल में मकर संक्रांति धूमधाम से मनाई जा रही है.

कार्यक्रम में पार्टिसिपेंट्स ने 10 फीट बड़ी पतंगे उड़ाईं. तेज ठंड के बीच लोगों ने पतंगबाजी का आनंद उठाया और एक-दूसरे को उत्सव की बधाई दी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 14, 2021, 1:42 PM IST
  • Share this:
भोपाल. मकर संक्राति पर स्ट्रीट फॉर पीपुल्स चैलेंज के तहत स्मार्ट रोड पर काइट फेस्टिवल हुआ. फेस्टिवल भोपाल स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा आयोजित किया गया. कार्यक्रम में पार्टिसिपेंट्स ने 10 फीट बड़ी पतंगे उड़ाईं. तेज ठंड के बीच लोगों ने पतंगबाजी का आनंद उठाया और एक-दूसरे को उत्सव की बधाई दी. कलेक्टर अविनाश लवानिया, नगर निगम कमिश्नर केवीएस चौधरी और स्मार्ट सिटी सीईओ आदित्य सिंह ने भी फेस्टिवल का जमकर लुत्फ उठाया.

वहीं, स्मार्ट सिटी रोड पर महिलाओं के लिए निःशुल्क मेहंदी लगवाने की व्यवस्था भी की गई. इसके अलावा जुम्बा, क्रिकेट, बैडमिंटन, रस्साकसी, साइकिलिंग आदि के इवेंट भी हुए. भोपाल स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड प्रबंधन ने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर तिल, गुड़ और गन्ने के स्टॉल की व्यवस्था की गई.

नुक्कड़-नाटकों से स्वच्छता का संदेश



इस मौके पर नुक्कड़ नाटकों के जरिए लोगों को स्वच्छता के बारे में जागरूक भी किया गया. स्वच्छता से जुड़े इवेंट्स के प्रतिभागियों को यहां सर्टिफिकेट भी वितरित किए जाएंगे. गौरतलब है कि मकर संक्रांति के दिन पतंग उड़ाने के धार्मिक कारणों के साथ ही वैज्ञानिक पक्ष भी है. मकर संक्रांति के दिन सूर्य का उत्तरायण होता है. इस दिन सूर्य की किरणें औषधि का काम करती हैं. सर्दियों की वजह से शरीर में कफ और त्वचा में रूखेपन की समस्या आ जाती है. ऐसे में इस दिन पतंग उड़ाने से इन समस्याओं से निजात मिलती है.
जबलपुर में उमड़े श्रद्धालु

मकर संक्रांति के अवसर पर आज नर्मदा तटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. सैकड़ों भक्त स्नान दान और पूजन पाठ के लिए घाटों पर पहुंचे. गौरतलब है कि आज मकर संक्रांति और कुंभ का पहला स्नान है. सनातन धर्म में इस दिन का विशेष महत्व है, क्योंकि वर्ष का अकेला यही वो दिन होता है जब सूर्य देव अपना राशि परिवर्तन करते हुए धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिसे हम मकर संक्रांति के नाम से जानते हैं.

उज्जैन में शिप्रा नदी में आस्था की डुबकी

उधर उज्जैन में भी मकर संक्रांति पर्व पर शिप्रा नदी के रामघाट पर श्रद्धालुओं ने सुबह से ही आस्था की डुबकी लगाई. नदी में स्नान कर पितरों के निमित्त तर्पण भी किया. शिप्रा में आज के दिन स्नान का विशेष महत्व है. मान्यता है कि समुद्र मंथन के समय अमृत की बूंद शिप्रा के रामघाट पर गिरी थीं. यही वजह है कि शिप्रा को मोक्षदायिनी भी माना जाता है. वनवास के दौरान भी भगवान राम और लक्ष्मण ने पिता दशरथ का पिंडदान भी रामघाट पर ही किया था. ऐसी भी मान्यता है कि शिप्रा में स्नान से सात जन्मों के पाप मिट जाते हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज