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MCU महाघोटाला: EOW ने कुठियाला पर कसा शिकंजा, 200 सवालों के जबाव में नहीं दे पाए सबूत

नियम विरूद्ध किए कामों में फंसते जा रहे हैं कुठियाला.
नियम विरूद्ध किए कामों में फंसते जा रहे हैं कुठियाला.

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति बीके कुठियाला (Former Vice Chancellor BK Kuthiala) पर ईओडब्ल्यू (EOW) का शिकंजा कसता जा रहा है. अभी तक 200 सवाल पूछे गए, लेकिन सवालों के जबाव में जो सबूत ईओडब्ल्यू के सामने पेश करने थे वो कुठियाला पेश नहीं कर पाए.

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भोपाल. माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (MCU) के मुख्य आरोपी पूर्व कुलपति बीके कुठियाला (Former Vice Chancellor BK Kuthiala) आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के सवालों में फंसते जा रहे हैं. हैरानी की बात ये है कि जिन सवालों को लेकर सबूत मांगे गए, उन्हीं सवालों में कुठियाला उलझ गए. यही वजह है कि उन्होंने इन सबूतों के लिए दो बार समय मांगा है. ये सबूत यूनिवर्सिटी के नियम, कानून और उससे जुड़े दस्तावेजों से संबंधित हैं. आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने जांच जारी रहने की दिशा में बीके कुठियाला की गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी है.

200 सवालों के जबाव में नहीं दे पाए सबूत
भले ही सुप्रीम कोर्ट ने बीके कुठियाला की गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी है. अग्रिम जमानत पर 30 सितंबर को सुनवाई होगी. इन सब के बीच ईओडब्ल्यू (EOW) लगातार कुठियाला पर शिकंजा कस रहा है. अभी तक 200 सवाल पूछे गए, लेकिन सवालों के जबाव में जो सबूत ईओडब्ल्यू के सामने पेश करने थे वो कुठियाला पेश नहीं कर पाए. उन्होंने दूसरी बार ईओडब्ल्यू से सबूतों को लेकर समय मांगा है. अब 18 सितंबर को तीसरी बार कुठियाला ईओडब्ल्यू के सामने पेश होंगे. ईओडब्ल्यू फिर उनसे यूनिवर्सिटी के नियम, कानून और उससे जुड़े दस्तावेज मांगेगा. जबकि ईओडब्ल्यू डीजी केएन तिवारी का कहना है कि पूछताछ में जो सवाल पूछे जा रहे है उनकों लेकर कुठियाला से सबूत भी मांगे जा रहे हैं. उन पर आर्थिक अनियमितता के कई आरोप हैं और इसी आरोप को लेकर नियम, कानून और दस्तावेजों को मांगा गया है. यदि उन्होंने सभी काम नियम के अनुसार किए हैं, तो वो अपने उत्तर में उसका सबूत भी दिखाएं. ये सबूत उन कामों के नियम और कानून से जुड़ा है. केएन तिवारी के मुताबिक अभी तक की पूछताछ में कोई भी सबूत सवालों को लेकर कुठियाला ने पेश नहीं किया है.

18 सितंबर को तीसरी बार कुठियाला ईओडब्ल्यू के सामने पेश होंगे

कुठियाला पर ये हैं आरोप?


>>2010 से 2018 की अवधि में कुठियाला ने कुलपति पद पर रहते हुए कई नियुक्तियां नियम के विरुद्ध की. यूजीसी के मानकों की अवहेलना की गई.
>>कुठियाला ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध तरीके से विश्वविद्यालय की राशि का अपने और परिवार पर व्यय किया.
>>कुठियाला पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, श्री श्री रविशंकर के आश्रम, भारतीय शिक्षण मंडल आदि को कार्यक्रमों के लिए आर्थिक निधि जारी करने के आरोप है.
>>यूनिवर्सिटी के नए कैंपस में दखल देकर अपने फायदे के लिए आर्थिक नुकसान पहुंचाया और निर्माण की लागत भी बढ़वाई.
>>कुठियाला पर निजी कामों में भी यूनिवर्सिटी के फंड का इस्तेमाल का आरोप है.
>>फर्जी तरीके से स्टडी सेंटर को खुलवाने और यूनिवर्सिटी की तमाम खरीदी में आर्थिक अनियमितता करने का आरोप है.

कुठियाला की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
ईओडब्ल्यू ने कुठियाला सहित 20 लोगों और अन्य को प्रथम दृष्ट्या दोषी पाते हुए धारा 409, 420, 120बी के तहत प्रकरण दर्ज किया था. कुठियाला को छोड़कर बाकी के आरोपियों की जांच यूनिवर्सिटी के स्तर की जा रही है. ईओडब्ल्यू का कहना है कि कुठियाला पर आपराधिक अपराध का आरोप है. जबकि बाकी के आरोपियों पर प्रशासनिक स्तर पर गडबड़ी का आरोप है. फिलहाल ईओडब्ल्यू के सवालों के जबाव में कुठियाला फंसते जा रहे हैं. सुबह से लेकर शाम तक उनसे पूछताछ की जाती है और उनसे सवालों के जबाव में सबूत मांगे जाते हैं. ऐसे में आने वाले दिनों में कुठियाला की मुसीबतें बढ़ सकती हैं.

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