MP : सरकार ने दी हेल्थ सेक्टर को सौगात, कोरोना संकट काल में मानी 25 साल पुरानी मांग

इस मामले की सूचना गजट में प्रकाशित हो गई है.
इस मामले की सूचना गजट में प्रकाशित हो गई है.

फार्मासिस्टों को भी सरकार (Government) ने बड़ी राहत दी है. अब उन्हें अपने रजिस्ट्रेशन (registration ) का हर साल रिन्युअल नहीं कराना पड़ेगा, बल्कि अब 5 साल में रिन्यु कराना होगा.

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भोपाल. मध्य प्रदेश (MP) सरकार ने आखिरकार जूनियर डॉक्टर्स (JUDA)और मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन की मांग मान ली है. अब इन लोगों को मेडिकल रिएंबर्समेंट की सुविधा मिलेगी. डॉक्टर्स 25 साल से सरकार से इसकी मांग कर रहे थे. जूडा और मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन ने चिकित्सा शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर कोरोना संकटकाल में रिम्बर्समेंट की सुविधा देने की मांग की थी. इसे शासन ने शुक्रवार को मान लिया.

  पांच साल में होगा रिन्यूअल
प्रदेश भर में मेडिकल स्टोर और ड्रग सेक्टर में नौकरी कर रहे लगभग 60 हजार फार्मासिस्टों को भी सरकार ने बड़ी राहत दी है. अब उन्हें अपने रजिस्ट्रेशन का हर साल रिन्युअल नहीं कराना पड़ेगा, बल्कि अब 5 साल में रिन्यु कराना होगा. अब तक चली आ रही कार्यप्रणाली के अनुसार फार्मासिस्टों को हर साल अपना रजिस्ट्रेशन रिन्यु कराना पड़ता था. कोरोना संकटकाल के बीच ये आदेश जारी किए गए हैं कि अब फार्मासिस्ट को अपने रजिस्ट्रेशन को हर पांच साल में रिन्यु कराना होगा.ड्रग लायसेंस के लिए फार्मासिस्ट की डिग्री होना जरूरी होगी. नई व्यवस्था लागू होने से प्रदेश के 60 हजार लोगों को लाभ मिलेगा.

सीएम ने दिया ध्यान
मप्र फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष और फार्मासिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी लंबे समय से पांच साल में रिन्युअल की व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे थे.इस संबंध में काउंसिल के अध्यक्ष ओमप्रकाश जैन ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को हाल ही में पत्र लिखा था. मामले पर संज्ञान लेते हुए सरकार ने अब इनकी मांगों को पूरा कर लिया है. इस मामले की सूचना गजट में प्रकाशित हो गई है.



कोरोना मरीज़ों का आंकड़ा 1,00,458
शुक्रवार को प्रदेश में कोरोना संक्रमण का आंकड़ा एक लाख की संख्या पार कर चुका. संक्रमण की चपेट में कोरोना वॉरियर्स आ रहे हैं. कोरोना इलाज के दौरान प्रदेश के करीब 7 हज़ार वॉरियर्स में से लगभग 500 संक्रमित  हो चुके हैं. हैरत की बात यह है कि संक्रमित हुए सभी डॉक्टर और इंटर्न्स को अपने खर्च पर कोरोना का इलाज कराना पड़ा.
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