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ये हैं कोरोना वॉरियर्स : गैरेज में रह रहे हैं CSP, खिड़की से खाना खा रहे हैं TI , 18 घंटे ड्यूटी बजा रहे हैं ASP
Bhopal News in Hindi

Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: April 2, 2020, 8:19 PM IST
ये हैं कोरोना वॉरियर्स : गैरेज में रह रहे हैं CSP, खिड़की से खाना खा रहे हैं TI , 18 घंटे ड्यूटी बजा रहे हैं ASP
मिलिए भोपाल पुलिस के सुपर कॉप कोरोना वॉरियर्स से

इन लोगों ने जनता की सुरक्षा के लिए अपने परिवार से दूरियां बना ली हैं. कोई घर में बने गैरेज में रह रहा है, तो कोई घर की खिड़की से खाना लेकर खा रहा है. लंबी और थकान भरी ड्यूटी के बीच घर जाने का वक्त नहीं है इसलिए किसी ने थाने के एक छोटे से कमरे को ही अपना घर बना लिया है.

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भोपाल. कोरोना वायरस (Coronavirus) से बचने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन (lockdown) के बीच लोग घरों में महफूज हैं. लेकिन संकट की इस घड़ी में जांबाज पुलिसवाले मैदान में डटे हैं. वे अपने घर से दूर हैं. कड़ी ड्यूटी कर रहे हैं. न दिन का ख्याल है, न रात की फिक्र. जनता की जान बचाने के लिए अपनी जान दांव पर लगाकर अपना फर्ज़ अदा कर रहे हैं.

कोरोना के संक्रमण से निपटने के लिए आप और हम घर में सुरक्षित हैं. लेकिन जो सड़क पर तैनात होकर हमारी रक्षा कर रहे हैं, क्या उनका जीवन भी इसी तरह सुरक्षित है. पूरे देश की तरह भोपाल में भी इसी तरह पुलिसवाले ड्यूटी पर मुस्तैद हैं. इन लोगों ने जनता की सुरक्षा के लिए अपने परिवार से दूरियां बना ली हैं. कोई घर में बने गैरेज में रह रहा है, तो कोई घर की खिड़की से खाना लेकर खा रहा है. लंबी और थकान भरी ड्यूटी के बीच घर जाने का वक्त नहीं है इसलिए किसी ने थाने के एक छोटे से कमरे को ही अपना घर बना लिया है.

घर के गैरेज में रह रहे CSP
भोपाल के निशातपुरा संभाग के सीएसपी लोकेश सिन्हा ने घर के गैरेज में ही अपना ठिकाना बना लिया है. वे 16 घंटे ड्यूटी करने के बाद जब अपने घर पहुंचते हैं तो घर के गैरेज में ही अपनी वर्दी रखते हैं और वहीं पर सो जाते हैं. परिवार के सदस्य उन्हें वहीं पर खाना लाकर दे देते हैं. घर में कुल मिलाकर उन्होंने अपनी नो एंट्री कर रखी है. फील्ड में रहने की वजह से उन्हें भी कोरोना संक्रमण का डर तो है ही. अगर संक्रमण हुआ तो कहीं परिवार चपेट में न आ जाए, इसलिए वे पूरा एहतियात बरत रहे हैं. वे खुद को उसी गैरेज में कैद रखते हैं. घर के गेट से उनकी पत्नी और बच्चे उनको बस दूर से देख कर तसल्ली कर लेते हैं. लोकेश सिन्हा निशातपुरा इलाके में 16 घंटे फील्ड पर तैनात रहते हैं लेकिन इलाके में उनकी तैनाती चौबीसो घंटे महसूस होती है. वह वायरलेस सेट और मोबाइल फोन पर लगातार फील्ड में तैनात अधिकारियों के संपर्क में रहते हैं.



CSP लोकेश




खिड़की से खाना खा रहे हैं टीआई
अशोका गार्डन थाना प्रभारी सुदेश तिवारी अपने तेज तेजतर्रार व्यवहार के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने जनता की सुरक्षा के लिए भोपाल में रहने वाले अपने परिवार से दूरी बना रखी है. वह घर पर खाना खाने के लिए भी नहीं जाते हैं. वजह है कि थाने से उनका घर दूर है और आने-जाने में काफी वक्त लगता है.वह 24 घंटे इलाके में तैनात रहते हैं. बीच में वक्त मिलता है तो पास रह रहीं बहन के घर खाना खाने चले जाते हैं.

लेकिन पूरे एहतियात और डिस्टेंस के साथ. वे घर की खिड़की से खाना लेते हैं और फिर वहीं खड़े होकर खा लेते हैं. सुदेश तिवारी ने इलाके में गरीब मजदूरों के लिए खाने की व्यवस्था भी की है और लगातार क्षेत्र में जागरूकता अभियान चला रहे हैं.

TI सुदेश तिवारी


थाने में ठिकाना
भोपाल के तलैया थाने में तैनात थाना प्रभारी डीपी सिंह भी कई दिन से अपने घर और परिवार से दूर हैं. उन्होंने थाने के छोटे से कमरे को ही अपना घर बना लिया है. वह इस छोटे से कमरे में सिर्फ कुछ समय के लिए आराम करते हैं. बाकी समय इलाके में ड्यूटी बजाते नजर आते हैं. डीपी सिंह के इलाके में आने वाली मस्जिद में जमातियों को क्वारंटीन किया गया है. इसलिए उनकी जिम्मेदारी पहले से ज्यादा बढ़ गई है. डीपी सिंह का घर भोपाल में ही है, लेकिन वह फील्ड में तैनात रहने की वजह से परिवार से दूर रहने की सावधानी बरत रहे हैं. वे 10 दिन से अपने घर नहीं गए हैं. सिर्फ फोन पर ही बीवी-बच्चों से बात हो पाती है.

TI डीपी सिंह


18 घंटे ड्यूटी बजा रहे हैं ASP
शहर के एडिशनल एसपी संजय साहू इस आपदा की स्थिति में अपनी ड्यूटी को बखूबी निभा रहे हैं. वह 18 घंटे ड्यूटी पर तैनात रहते हैं. पूरे इलाके में लगातार भ्रमण करके मॉनिटरिंग करते हैं. कई बार वो सड़क पर खड़े होकर लोगों को समझाते हुए भी नजर आते हैं. सुबह से लेकर देर रात तक दिनचर्या ऐसी ही रहती है. इस व्यस्त दिनचर्या में परिवार के लोगों से मुलाकात और बात दोनों नहीं हो पाती.

ASP संजय साहू


लॉकडाउन की वजह से बच्चे घर पर हैं लेकिन पापा के पास उनसे मिलने का वक्त ही नहीं है. संजय साहू ने खुशियों को एक तरफ रखकर फर्ज को अहमियत दी है. उन्होंने अपने इलाके में मजदूर और जरूरतमंदों को खाना पहुंचाने की भी व्यवस्था की है। साथ ही जो लोग बाहर से आकर इलाके में फंसे हुए उनके भी पुनर्वास की व्यवस्था कराई है.

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First published: April 2, 2020, 7:26 PM IST
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