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अगर ऐसा हुआ तो बरकरार रह सकती है BJP विधायक प्रह्लाद लोधी की सदस्यता!

Sharad Shrivastava | News18 Madhya Pradesh
Updated: November 6, 2019, 9:11 PM IST
अगर ऐसा हुआ तो बरकरार रह सकती है BJP विधायक प्रह्लाद लोधी की सदस्यता!
मुझे हाईकोर्ट से न्‍याय मिलेगा- विधायक प्रह्लाद लोधी

बीजेपी विधायक प्रह्लाद लोधी (MLA Prahlad Lodhi) की विधानसभा सदस्‍यता खत्‍म किए जाने के मामले में हाईकोर्ट (High Court) ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. अब देखना होगा कि हाईकोर्ट विशेष कोर्ट के फैसले पर अपना क्या रुख दिखाता है और क्‍या उनकी सदस्यता फिर से बहाल हो सकती है.

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भोपाल. बीजेपी (BJP) विधायक प्रह्लाद लोधी (MLA Prahlad Lodhi) के मामले में हाईकोर्ट (High Court) ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. हाईकोर्ट का फैसला आने से पहले एक सवाल ये खड़ा हो रहा है कि क्या लोधी की सदस्यता फिर से बहाल हो सकती है. इस सिलसिले में न्यूज़ 18 ने विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह (AP Singh) से खास बातचीत की. प्रमुख सचिव के मुताबिक प्रह्लाद लोधी की सदस्यता खत्‍म किए जाने का फैसला विशेष कोर्ट (Special Court) के फैसले के बाद लिया गया था. अब देखना होगा कि हाईकोर्ट विशेष कोर्ट के फैसले पर अपना क्या रुख दिखाता है.

विधानसभा कर सकती है पुनर्विचार
हाईकोर्ट के फैसले के बाद ही विधानसभा सदस्यता खत्‍म किए जाने पर कोई फैसला लेगी. माना जा रहा है कि अगर हाईकोर्ट में विशेष कोर्ट की ओर से दी गई सजा को कम करता है या सजा पर स्टे देता है, तब विधानसभा प्रह्लाद लोधी की सदस्यता खत्‍म किए जाने के फैसले पर पुनर्विचार कर सकती है. लोधी ने विशेष कोर्ट की ओर से दी गई दो साल की सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका लगाई है. हाईकोर्ट ने उनकी याचिका पर मंगलवार को सुनवाई की और फैसला सुरक्षित रख लिया. अब हर किसी को हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार है.

कोर्ट के भरोसे विधायक

तहसीलदार के साथ मारपीट और बलवे के मामले में राजधानी की विशेष कोर्ट ने विधायक प्रह्लाद लोधी को दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा सुनाई थी. इसके बाद विधानसभा स्पीकर ने उनकी सदस्यता को खत्‍म कर दिया था. सदस्यता खत्‍म करने के पीछे 'द रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपुल एक्ट 1951' की धारा 8 (3) का हवाला दिया गया, जिसमें ये स्पष्ट किया गया है कि अगर किसी जनप्रतिनिधि को दो साल या उससे ज्यादा सजा का फैसला होता है तो वह अयोग्य करार दे दिया जाएगा.

दो साल की सजा के फैसले के खिलाफ प्रह्लाद लोधी अब हाईकोर्ट गए हैं. अगर हाईकोर्ट अपने फैसले में सजा को दो साल से कम करता है या सजा पर स्टे करता है उसी स्थिति में विधानसभा उनकी सदस्यता खत्‍म किए जाने के फैसले पर पुनर्विचार करेगी. फिलहाल हाईकोर्ट ने मामले पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा है.

बीजेपी-कांग्रेस में जारी है सियासी वार
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प्रह्लाद लोधी की सदस्यता खत्‍म किए जाने के मामले पर एमपी का सियासी पारा चढ़ा हुआ है. बीजेपी एक तरफ जहां स्पीकर के सदस्यता खत्‍म किए जाने के फैसले को गलत बता रही है, तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस की मानें तो सब कुछ कानून के प्रावधानों के तहत हुआ है. बीजेपी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने इस सिलसिले में राज्यपाल लालजी टंडन को भी एक ज्ञापन दिया है.

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First published: November 6, 2019, 8:43 PM IST
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