MP: कोरोना की तीसरी लहर अभी आई भी नहीं, हजारों पहले ही संक्रमित

मध्य प्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर से पहले ही बच्चे बड़ी संख्या में संक्रमित हो चुके हैं. (फाइल फोटो)

मध्य प्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर से पहले ही बच्चे बड़ी संख्या में संक्रमित हो चुके हैं. (फाइल फोटो)

मध्य प्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर से बचने की तैयारियां चल रही हैं. संक्रमण की तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमित होने की ज्यादा खतरा है. प्रदेश के हजारों बच्चे पहले ही इस संक्रमण से जूझ चुके हैं.

  • Last Updated: May 21, 2021, 4:40 PM IST
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भोपाल. प्रदेश सरकार एक तरफ कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने की तैयारी कर रही है, वहीं दूसरी तरफ ये खबर उसके सामने बहुत बड़ी परेशानी खड़ी कर सकती है. वायरस की तीसरी लहर में बच्चों के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है, जबकि अभी तक करीब 53086 बच्चे इसकी चपेट में पहले ही आ चुके हैं. राहत वाली बात ये है कि 18+ से नीचे मरने वालों की संख्या महज पांंच है. स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, तीसरी लहर के आने से पहले करीब 53086 हज़ार बच्चों को कोरोना संक्रमण हो चुका है. इनमें 5 साल से कम उम्र के बच्चों की संख्या 6825, 1 साल तक के बच्चों की संख्या 987 है. विभाग के मुताबिक, संक्रमित बच्चों में 31 हज़ार लड़के और 22 हज़ार लड़कियां हैं.

इस उम्र के इतने बच्चे प्रभावित

प्रदेश भर में संक्रमित बच्चों का आंकड़ा देखा जाए तो  0 से 1 साल तक के करीब 987 बच्चे संक्रमित हुए. इनमें से 581 लड़के और 406 लड़कियां हैं. 1 से 2 साल तक के करीब 1292 बच्चे कोरोना पॉजिटिव हुए. इनमें 724 लड़के और 568 लड़कियां हैं. 2 से 5 साल तक के 4546 बच्चे संक्रमित हुए. इनमें 2508 लड़के और 2038 लड़कियां हैं. 5 से 10 साल तक के करीब 10362 बच्चे संक्रमित हुए. इनमें 5867 लड़के और 4495 लड़कियां हैं. 10 से 14 साल तक के 12877 बच्चे संक्रमित हुए. इनमें 7332 लड़के और 5545 लड़कियां हैं. 14 से 18 साल तक के 23022 बच्चे संक्रमित हुए. इनमें 13992 लड़के और 9030 लड़कियां हैं.

बच्चों के लिए सरकार ने शुरू की तैयारियां
कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमित होने के अलर्ट के बीच सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है. प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में सर्व सुविधा युक्त ICU वार्ड तैयार किए जा रहे हैं. 360 बिस्तरों के साथ ICU वार्ड की तैयारी शुरू हो गई है. भोपाल के हमीदिया अस्पताल में 50 बिस्तरों का अस्पताल बच्चों के लिए तैयार हो रहा है. उनका इलाज करने के लिए भोपाल के शिशु रोग विशेषज्ञ दूसरे विभागों के डॉक्टर्स को ट्रेनिंग देने की तैयारी कर रहे हैं. इसके लिए ट्रेनिंग मॉड्यूल तैयार किया जा रहा है.

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