लोकसभा चुनाव: मुरैना के लिए महिलाओं से परहेज क्यों? 53 साल में नहीं मिला टिकट

फाइल फोटो

इसे अजब बात ही कहेंगे कि मुरैना निवासी संध्या राय को बीजेपी ने भिंड जिले से टिकट दिया है, जबकि संध्या राय का कार्य क्षेत्र मुरैना ही है.

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मुरैना लोकसभा सीट एमपी की वो सीट है, जिसे आज तक महिला सांसद का इंतजार है. इस सीट का इतिहास है कि प्रदेश में सक्रिय 13 दलों में से किसी ने आज तक किसी महिला को अपना प्रत्याशी नहीं बनाया.

ग्वालियर चंबल संभाग की 4 लोकसभा सीटों में से ग्वालियर, भिंड, गुना में महिलाएं चुनावी मुकाबले में उतर चुकी हैं लेकिन मुरैना श्योपुर सीट पर अभी भी इंतजार बाकी है. ग्वालियर चंबल संभाग में कुल 4 लोकसभा सीट है, जिसमें 4 में 3 लोकसभा सीट पर तो कई बार महिला प्रत्याशियों को टिकट मिला है और जीतकर संसद भी पहुंची हैं लेकिन मुरैना लोकसभा सीट पर कभी किसी पार्टी ने महिला नेत्री पर विश्वास नहीं जताया.

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मुरैना लोकसभा सीट पर पहला लोकसभा चुनाव 1967 में हुआ था, जिसमें जीत निर्दलीय प्रत्याशी के नाम दर्ज हुई. 1996 से जीत का परचम बीजेपी लहरा रही है. उसके बाद ये माना जाने लगा की ये सीट अब बीजेपी का गढ़ है. लेकिन यहां कांग्रेस और बसपा की भी दमदार मौजूदगी हमेशा रही है. बावजूद इसके बीजेपी-कांग्रेस ने कभी किसी महिला को इस सीट से टिकट नहीं दिया. यहां तक कि बीएसपी जिसकी सुप्रीमो खुद एक महिला हैं और मुरैना में बीएसपी का अच्छा-खासा प्रभाव भी है फिर भी पार्टी ने किसी महिला को टिकट नहीं दिया.

इस सीट के इतिहास पर एक नज़र डालें
साल - सांसद - पार्टी
1967 - आत्मादास - निर्दलीय
1971 - हुकुम चंद कछवाहा - जनसंघ
1977 - छविराम अर्गल - लोकदल
1980 - छविराम अर्गल - कांग्रेस
1984 - कम्मोदीलाल जाटव - कांग्रेस
1989 - छविराम अर्गल - बीजेपी
1991 - बारेलाल जाटव - कांग्रेस
1996 - अशोक अर्गल - बीजेपी
1998-99 - अशोक अर्गल - बीजेपी
2004 - अशोक अर्गल - बीजेपी
2009 - नरेंद्र सिंह तोमर - बीजेपी
2014 - अनूप मिश्रा - बीजेपी

बीजेपी ये दावा करती है कि वो एकमात्र ऐसी पार्टी है जो महिलाओं को आगे बढ़ाती हैं. बीते चुनाव की बात करें तो ग्वालियर लोकसभा सीट से विजयराजे सिंधिया दो बार, यशोधरा राजे सिंधिया एक बार सांसद का चुनाव जीत चुकी हैं.गुना सीट से विजयराजे सिंधिया पांच बार सांसद रह चुकी हैं. भिंड लोकसभा सीट से भी विजयराजे सिंधिया एक बार सांसद का चुनाव जीत चुकी हैं. इस बार बीजेपी ने भिंड से संध्या राय को टिकट दिया है.कुल मिलाकर मुरैना लोकसभा सीट को छोड़ कर ग्वालियर चंबल संभाग की सभी लोकसभा सीटों पर महिलाएं ना सिर्फ चुनावी रण में उतरी है बल्कि किला फतह भी किया है.

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2009 के परिसीमन के बाद मुरैना सीट से सामान्य वर्ग की जीत हुई तब से बीजेपी हर बार भारी प्रत्याशी को मैदान में उतार रही है. 2009 में ग्वालियर के नरेंद्र सिंह तोमर और 2014 में अनूप मिश्रा को टिकट दिया.इसे अजब बात ही कहेंगे कि मुरैना निवासी संध्या राय को बीजेपी ने भिंड जिले से टिकट दिया है जबकि संध्या राय का कार्य क्षेत्र मुरैना ही है.

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