भोपाल में 2 और इंदौर में मेट्रो ट्रेन लिए एक कॉरिडोर बनेगा, दिल्ली में MOU साइन

Ashraf Kazmi | News18 Madhya Pradesh
Updated: August 19, 2019, 7:34 PM IST
भोपाल में 2 और इंदौर में मेट्रो ट्रेन लिए एक कॉरिडोर बनेगा, दिल्ली में MOU साइन
मेट्रो MOU साइन

प्रोजेक्ट में आने वाली कठिनाइयों का जल्द निपटारा करने के लिए प्रदेश सरकार मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हाई पावर कमेटी बनाएगी. इसमें संबंधित विभागों के प्रमुख सचिव भी शामिल होंगे

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भोपाल (bhopal)और इंदौर(indore) में जल्द ही मेट्रो (metro) दौड़ने लगेगी. दिल्ली में आज दोनों शहरों के रेल प्रोजेक्ट के लिए भारत सरकार, मध्यप्रदेश सरकार और मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के बीच MOU साइन हुआ. केन्द्रीय शहरी और आवास मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी और प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री जयवर्द्धन सिंह की उपस्थिति में MOU हुआ. इस प्रोजेक्ट को केन्द्रीय मंत्री-मंडल पहले ही हरी झंडी दिखा चुका है.
भोपाल मेट्रो रेल प्रोजेक्ट में 27.87 किलोमीटर में दो कॉरिडोर बनेंगे. एक कॉरिडोर करोंद सर्कल से एम्स तक 14.99 किलोमीटर का और दूसरा भदभदा चौराहे से रत्नागिरि चौराहा तक 12.88 किलोमीटर का बनाया जाएगा. इसका 6941 करोड़ 40 लाख रुपए का बजट है.
इंदौर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट में 31.55 किलोमीटर की रिंग लाइन बनाने का प्लान है. ये लाइन बंगाली चौराहा से विजयनगर, भँवर शाला, एयरपोर्ट होते हुए पलासिया तक जाएगी. इस पर 7500 करोड़ 80 लाख खर्च होने का अनुमान है.



मेट्रो प्रोजेक्ट की प्रमुख बातें
-भोपाल और इंदौर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट की ज़िम्मेदारी मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की है. यह कंपनी भारत सरकार और मध्यप्रदेश सरकार की 50:50 ज्वाइंट वेंचर कंपनी में कंवर्ट होगी.
-कंपनी प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) की तरह काम करेगी. कंपनी का एक बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स होगा. इसमें 10 डायरेक्टर होंगे. भारत सरकार बोर्ड के चेयरमैन सहित 5 डायरेक्टर और प्रदेश सरकार मैनेजिंग डायरेक्टर सहित 5 डायरेक्टर नोमिनेट करेगी.
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-प्रदेश सरकार भूमि अधिग्रहण, पुर्नस्थापन और पुनर्वास का पूरा खर्च उठाएगी. भोपाल मेट्रो के लिए यूरोपियन इन्वेस्टमेंट बैंक और इंदौर मेट्रो के लिए एशियन डेव्हलपमेंट बैंक और न्यू डेव्हलपमेंट बैंक से लोन लिया जाएगा.
-भारत सरकार इक्विटी शेयर केपिटल खरीदेगी, जिससे प्रोजेक्ट के लिए बहुपक्षीय और द्विपक्षीय लोन की सुविधा मिल सके.
-प्रोजेक्ट में आने वाली कठिनाइयों का जल्द निपटारा करने के लिए प्रदेश सरकार मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हाई पावर कमेटी बनाएगी. इसमें संबंधित विभागों के प्रमुख सचिव भी शामिल होंगे.
-भारत सरकार प्रोजेक्ट के टेक्निकल स्टैंडर्ड और स्पे‍सिफिकेशन्स एप्रूव करेगी. सुरक्षा का सर्टिफिकेट मेट्रो रेलवे सेफ्टी के कमिश्नर देंगे.

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First published: August 19, 2019, 6:30 PM IST
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