मध्य प्रदेश की मतदाता सूची में से 6 महीने में हटाए गए 13 लाख बोगस वोटर्स के नाम

आयोग सूची में से वो सारे नाम हटाएगा जो या तो फर्ज़ी हैं या एक से ज़्यादा बार दर्ज हैं. इसके लिए आयोग जल्द डोर टू डोर सर्वे शुरू करने वाला है

News18 Madhya Pradesh
Updated: August 13, 2018, 7:16 PM IST
मध्य प्रदेश की मतदाता सूची में से 6 महीने में हटाए गए 13 लाख बोगस वोटर्स के नाम
म. प्र. के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी बी एल कांताराव
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Updated: August 13, 2018, 7:16 PM IST
चुनाव आयोग के मुताबिक 19 जनवरी से लेकर 31 जुलाई तक यानि करीब छह महीने में मध्य प्रदेश में तेरह लाख फर्जी मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए. 19 जनवरी तक प्रदेश में  पांच करोड़ सात लाख मतदाता थे जो 31 जुलाई में 4 करोड़ 94 लाख बचे. फर्जी मतदाताओं की पहचान के लिए अंतिम दौर की कार्रवाई की जा रही है. आयोग ने मतदाता सूचियों में सुधार के लिए तय 21 अगस्त की अंतिम तारीख को बढ़ाकर 31 अगस्त कर दिया है, ताकि मतदाता सूची में किसी तरह की गड़बड़ी ना रहे.

आचार संहिता लागू होने से पहले ही चुनाव आयोग सख्ती के मूड में आ गया है. चुनाव आयोग ने  नेताओं की गाड़ियों में लगे हूटर निकालने का  निर्देश पुलिस और परिवहन विभाग को दिया है. साथ ही राज्य शासन से कहा है कि वो जल्द से जल्द  पोलिंग बूथों पर बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था करे.

इस साल नवंबर में संभावित विधानसभा चुनाव के लिए  चुनाव आयोग ने  नेताओं की गाड़ियों से तत्काल हूटर उतरवाने का निर्देश दिया है.  आयोग ने आयकर विभाग, आबकारी,  पुलिस और बैंकों को निर्देश दिया है कि वो अभी से राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों के खर्च का ब्यौरा रखना शुरू कर दे. साथ ही वोटरों को लुभाने की कोशिशों पर निगरानी और प्रतिबंधात्म कार्रवाई के लिए कहा है. गाड़ियों का दुरुपयोग भी रोका जाए.

चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने भोपाल आये उप निर्वाचन आयुक्त चंद्रभूषण ने 16 ज़िलों के कलेक्टर और पुलिस अफसरों के साथ बैठक की. आयोग ने  2013 के चुनाव के दौरान हुई कार्रवाई का फीडबैक भी अफसरों से लिया. सभी अफसरों ने ये शिकायत की कि पोलिंग बूथ पर बिजली-पानी और शौचालय की व्यवस्था नहीं है. इस पर आयोग ने नाराज़गी जताई और मुख्य सचिव से कहा कि चुनाव से पहले व्यवस्था दुरुस्त कर दी जाए.

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