होम /न्यूज /मध्य प्रदेश /

विधानसभा चुनाव 2023 : कांग्रेस ने 15 महीने पहले नियुक्त किए जिला प्रभारी, छिंदवाड़ा में तीन को जिम्मा, देखें पूरी लिस्ट

विधानसभा चुनाव 2023 : कांग्रेस ने 15 महीने पहले नियुक्त किए जिला प्रभारी, छिंदवाड़ा में तीन को जिम्मा, देखें पूरी लिस्ट

कांग्रेस इस बार आर पार के लिए तैयार है. 2023 के चुनाव के लिए उसने अभी से  जिला प्रभारी नियुक्त कर दिए हैं.

कांग्रेस इस बार आर पार के लिए तैयार है. 2023 के चुनाव के लिए उसने अभी से जिला प्रभारी नियुक्त कर दिए हैं.

MPCC Big News. मध्य प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सियासी दल कमर कसते नजर आ रहे हैं. कांग्रेस ने 15 महीने पहले ही जिला प्रभारी तैनात कर दिए हैं. कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश के 52 जिलों में प्रभारियों की नियुक्ति की है बड़े शहर शहरों की कमान पार्टी के सीनियर नेताओं को सौंपी गई है. भोपाल में कांग्रेस नेता मुकेश नायक, ग्वालियर में महेंद्र सिंह चौहान, इंदौर में महेंद्र जोशी, उज्जैन में शोभा ओझा और जबलपुर में सुनील जैन को प्रभारी बनाया गया है.

अधिक पढ़ें ...

भोपाल. 2023 में सत्ता में फिर वापसी का लक्ष्य लेकर चल रही कांग्रेस ने 15 महीने पहले ही अपने जिला प्रभारी तैनात कर दिए हैं. सभी 52 जिलों के प्रभारी नियुक्त कर दिए गए हैं. बड़े शहरों की कमान सीनियर नेताओं को सौंपी गयी है. पीसीसी चीफ कमलनाथ के छिंदवाड़ा की कमान तीन लोग संभालेंगे. जिला प्रभारियों को जिलाध्यक्ष से ज्यादा पावर दिया गया है. वो सीधे कमलनाथ को रिपोर्ट करेंगे. विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी चयन से लेकर हर बदलाव जिला प्रभारियों की सिफारिश के बाद किया जाएगा.

मध्य प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सियासी दल कमर कसते नजर आ रहे हैं. कांग्रेस ने 15 महीने पहले ही जिला प्रभारी तैनात कर दिए हैं. कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश के 52 जिलों में प्रभारियों की नियुक्ति की है बड़े शहर शहरों की कमान पार्टी के सीनियर नेताओं को सौंपी गई है. भोपाल में कांग्रेस नेता मुकेश नायक, ग्वालियर में महेंद्र सिंह चौहान, इंदौर में महेंद्र जोशी, उज्जैन में शोभा ओझा और जबलपुर में सुनील जैन को प्रभारी बनाया गया है.

उम्मीदवार चयन में बड़ी भूमिका

जिला स्तर पर पार्टी की चुनावी रणनीति से लेकर उम्मीदवार चयन तक में प्रभारियों की अहम भूमिका होगी. जिले में कांग्रेस के सभी संगठनों और उनकी गतिविधियों के बीच समन्वय का काम जिला प्रभारियों को सौंपा गया है. साथ ही मंडलम सेक्टर बूथ, मतदाता सूची जैसे काम की भी प्रभारी निगरानी करेंगे. जिलेवार आने वाली विधानसभा के मुद्दों से लेकर उम्मीदवार चयन और पार्टी सर्वे में भी प्रभारियों की अहम भूमिका होगी.

ये भी पढ़ें- दंगों में झुलसे खरगोन में अमन की बयार : मंदिर-मस्जिद-गिरजाघर पर शान से लहराया तिरंगा

जिलाध्यक्ष से ज्यादा पावर

पार्टी ने जिला अध्यक्ष से ज्यादा पावर जिला प्रभारियों को बनाया है. यानि जिला अध्यक्ष के कामकाज की मॉनिटरिंग भी जिला प्रभारी करेंगे. बताया जा रहा था कि नगरी निकाय चुनाव और पंचायत चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस, जिला स्तर पर बड़े बदलाव कर सकती है. लेकिन बिना किसी को नाराज किए कांग्रेस पार्टी अब जिला प्रभारियों के जरिए जिलों पर अपनी पकड़ मजबूत बनाने की तैयारी में है.

ये भी पढ़ें- मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने ली बच्चों की क्लास, दिग्विजय सिंह बोले- नौटंकी की पाठशाला

सीधे कमलनाथ को रिपोर्ट

कांग्रेस ने तय किया है कि जिला प्रभारियों को हर 10 दिन में जिले में होने वाली गतिविधियों और पार्टी कार्यक्रमों के साथ कई अहम फैसले लेने के अधिकार दिए गए हैं. पार्टी के जिला प्रभारी सीधे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ को रिपोर्ट करेंगे. यदि जिले में कोई बदलाव करना होगा तो इसके बारे में भी जिला प्रभारी पार्टी अध्यक्ष को सूचना दे सकेंगे. पार्टी प्रभारी के सुझाव और अनुशंसा के आधार पर प्रदेश स्तर पर फैसले लिए जा सकेंगे.

छिंदवाड़ा में तीन

कांग्रेस पार्टी ने 52 जिलों में जिला प्रभारी नियुक्त किए हैं. लेकिन पीसीसी चीफ कमलनाथ के लिए उनका अपना गृह जिला कितना महत्वपूर्ण है इसका अंदाज इसी बात से लग जाता है कि छिंदवाड़ा के लिए उन्होंने तीन जिला प्रभारी नियुक्त किए हैं. नरेश सर्राफ, नेहा सिंह और शेखर चौधरी को छिंदवाड़ा की कमान सौंपी गयी है. दरअसल छिंदवाड़ा कांग्रेस का अभेद गढ़ है. यहां पर सांसद विधायक से लेकर महापौर पद पर भी कांग्रेस का कब्जा है. बीजेपी की नजर छिंदवाड़ा जिले पर है. यही वजह है कि कांग्रेस ने यहां तीन जिला प्रभारी बनाकर अपनी पकड़ और मजबूत बनाने का प्लान बनाया है.

Tags: Kamal nath, Madhya Pradesh Congress, Madhya pradesh latest news

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर