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SCAM : जिनके हाथ में थी कमान वही करते रहे गबन, सहकारी बैंक शिवपुरी के 14 अधिकारी- कर्मचारी सस्पेंड 

शिवपुरी सहकारी बैंक घोटाले की स बैंक घोटाले की जांच डॉ. अनिल कुमार के नेतृत्व में टीम ने की. उनके साथ 12 अन्य अधिकारी-कर्मचारी थे.

शिवपुरी सहकारी बैंक घोटाले की स बैंक घोटाले की जांच डॉ. अनिल कुमार के नेतृत्व में टीम ने की. उनके साथ 12 अन्य अधिकारी-कर्मचारी थे.

BHOPAL. बैंक घोटाले में निलंबित चारों 4 सीईओ (CEO) में से 3 प्रथम श्रेणी कैडर के अधिकारी हैं. जबकि एक द्वितीय श्रेणी कैडर की अधिकारी हैं. प्रशासक अपेक्स बैंक नरेश पाल कुमार ने चारों निलंबित अधिकारियों को निलंबन अवधि में अलग-अलग मुख्यालय से संबद्ध किया गया है.

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भोपाल. मध्य प्रदेश (MP) में जिला सहकारी बैंक में भ्रष्टाचार (Corruption) के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है. शिवपुरी सहकारी बैंक में गड़बड़ी करने पर बैंक के 4 सीईओ (CEO) सहित 14 कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है. गबन करने वाले अधिकारी कर्मचारियों की सम्पत्ति भी अटैच कर ली गयी है.

सहकारिता एवं लोक सेवा प्रबंधन मंत्री डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया ने जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक शिवपुरी में गबन और घोटाला की जांच के लिए 13 सदस्यीय कमेटी बनायी थी. गड़बड़ी के हर पहलू और उससे जुड़े अधिकारी-कर्मचारी की भूमिका की जांच के आदेश दिये थे. जांच कमेटी ने एक महीने की समय-सीमा में जांच कर अपनी रिपोर्ट दी. उसके आधार पर अब कार्रवाई की गई है.

कौन कौन था शामिल ?
बैंक में गबन और गड़बड़ी के मामले में शिवपुरी के जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक में समय-समय पर पदस्थ रहे 4 मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, शिवपुरी बैंक के प्रबंधक, लेखापाल और लिपिक संवर्ग के कुल 10 कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई. जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक शिवपुरी में हुए गबन और धोखाधड़ी के केस में शिवपुरी में सीईओ के पद पर पदस्थ रहे 4 बैंक अधिकारियों को निलम्बित किया गया है. उनमें से एक ए.एस. कुशवाह फिलहाल टीकमगढ़ में मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं. जबकि डी के सागर मुरैना, वाय के सिंह रीवा और लता कृष्णन मुख्य कार्यपालन अधिकारी शिवपुरी में पदस्थ हैं.

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कब कहां रही पोस्टिंग
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक शिवपुरी में ए.एस. कुशवाह एक जनवरी 2006 से 22 जून 2012 और 21 अगस्त 2015 से 8 मार्च 2019 तक रहे. इस दौरान कुशवाह ने अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभायी. बैंक की कोलारस शाखा में गबन हुआ. समिति की जांच ने अपने प्रतिवेदन में कुशवाह की बैंक गबन और घोटाले में शामिल होने का जिक्र किया. मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक शिवपुरी में 6 मार्च 2014 से 21 मार्च 2015 तक पदस्थ रहे डी.के. सागर, 11 मार्च 2019 से 8 जुलाई, 2020 तक पदस्थ रहे वाय.के. सिंह और 6 जुलाई 2020 से अब तक पदस्थ लता कृष्णन को भी जांच दल ने बैंक में गबन और घोटाला का दोषी माना.

किस रैंक के अधिकारी शामिल
निलंबित चारों अधिकारियों में 3 प्रथम श्रेणी कैडर के अधिकारी हैं. जबकि एक द्वितीय श्रेणी कैडर की अधिकारी हैं. प्रशासक अपेक्स बैंक नरेश पाल कुमार ने चारों निलंबित अधिकारियों को निलंबन अवधि में अलग-अलग मुख्यालय से संबद्ध किया है. इस बैंक घोटाले की जांच डॉ. अनिल कुमार के नेतृत्व में टीम ने की. उनके साथ 12 अन्य अधिकारी-कर्मचारी जांच दल के सदस्य थे.

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