इंटरनेशनल सायबर ठगों के लिए सॉफ्ट टारगेट बना मध्य प्रदेश, चीन-पाकिस्तान से जुड़ा कनेक्शन

राज्य सायबर पुलिस ने 6 जुलाई को करोड़ों की ऑनलाइन ठगी के इंटरनेशनल रैकेट का पर्दाफाश किया था.

CRIME NEWS : क्रिप्टो करेंसी के जरिए पाकिस्तान में बैठे मॉड्यूल के वॉलेट में 2 महीने के अंदर 50 करोड़ की राशि पहुंची है. इस बात का खुलासा पहले ही सायबर पुलिस (Cyber police) कर चुकी है. लेकिन इस राशि का इस्तेमाल किन कामों में हुआ और अभी तक और कितनी राशि इन पाकिस्तानी मॉड्यूल के वॉलेट में ट्रांसफर की गई, इसकी जांच जारी है.

  • Share this:
भोपाल. मध्य प्रदेश इंटरनेशनल सायबर ठगों (Cyber thugs) के लिए सॉफ्ट टारगेट बनता जा रहा है. लगातार अब ऐसी शिकायतें आ रही हैं जिनके कनेक्शन देश ही नहीं बल्कि विदेशों से जुड़ रहे हैं. पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वो विदेशों में बैठे सायबर ठगों तक कैसे पहुंचे.

पाकिस्तान और चीन से कनेक्शन मिलने के बाद मध्य प्रदेश की खुफिया एजेंसियों के होश उड़ गए हैं. अभी तक मध्यप्रदेश के साथ आसपास के राज्यों से ठगी के तार जुड़ रहे थे. यहीं के लोग ठगी में लिप्त थे. लेकिन अब क्रिप्टो करेंसी के मामले के खुलासे के बाद इंटरनेशनल ठगों से तार जुड़ने से पुलिस के सामने उन आरोपियों तक पहुंचने की चुनौती है.अभी मध्य प्रदेश में फैले ऐसे नेटवर्क की जांच की चल रही है.

4 आरोपी गिरफ्तार
हाल ही में एक इंटरनेशनल रैकेट का सायबर पुलिस ने खुलासा किया था. इसमें 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. पाकिस्तान का नाम इस इंटरनेशनल रैकेट से जुड़ने और क्रिप्टो करेंसी के जरिए करोड़ों रुपए पाकिस्तान पहुंचने की वजह से आतंकी फंडिंग के एंगल पर भी जांच चल रही है.

व्यवसायी ने की थी शिकायत
राज्य सायबर पुलिस ने 6 जुलाई को करोड़ों की ऑनलाइन ठगी के इंटरनेशनल रैकेट का पर्दाफाश किया था. इस रैकेट का पाकिस्तान और चीनी कनेक्शन सामने आया था. सायबर पुलिस की जांच अब टेरर फंडिंग के एंगल से भी की जा रही है. इसको लेकर स्टेट के साथ सेंट्रल एजेंसियों से जानकारी साझा की गई है. रैकेट के चीनी कनेक्शन की जांच भी की जा रही है. स्टेट सायबर चीफ ADG योगेश चौधरी ने बताया कि हमारी एजेंसी हर एंगल पर जांच कर रही है और सभी प्रोसेस को अपनाया जा रहा है.

पांच मॉड्यूल कर रहे थे काम
इस रैकेट में पांच मॉडल काम कर रहे हैं. इनमें हरियाणा, दिल्ली, गुजरात मॉड्यूल का खुलासा हो चुका है. जबकि पाकिस्तान के साथ चीनी मॉड्यूल के कनेक्शन की जांच चल रही है.
-हरियाणा निवासी आरोपी एविक केडिया चार्टर्ड अकाउंटेंट है. आरोपी फर्म रजिस्टर करा कर बैंक में चालू खाता खुलवाता था और फिर फर्म खाते की डीटेल चीनी नागरिक को उपलब्ध कराता था.
-दिल्ली निवासी आरोपी डोली मखीजा कंपनी सेक्रेटरी है. आरोपी रिश्तेदारों के नाम पर फर्म बनाकर और चालू खाता खुलवा कर संदिग्ध व्यक्तियों को धोखाधड़ी की राशि दिलवाने के लिए उपलब्ध कराता था

-तीसरा आरोपी राजकोट निवासी दिलीप पटेल है. यह राजकोट की फर्म विक्टेक प्राइवेट लिमिटेड को मिलने वाली राशि को बैंक से निकालकर अन्य खातों में ट्रांसफर करता था और स्वयं के खातों में राशि लाकर वजीर एक्स में क्रिप्टो में ट्रांसफर कराता और धोखाधड़ी के लिए ईमेल बनाता था.

-चौथा आरोपी दिल्ली निवासी विक्की मखीजा है. फर्म के खातों में डायरेक्टर बनाने का काम इसका था. इन फर्मों को बेचकर राशि प्राप्त करता था.

-आरोपी विजय शुक्ला  निवासी मुंबई, विजय हरियाणा निवासी राजकोट और अन्य अज्ञात आरोपी फरार हैं. इनकी गिरफ्तारी के लिए सायबर पुलिस ने 10-10 हजार के इनाम की घोषणा की है.

-आरोपियों के पास से 60 डिजिटल सिग्नेचर, तीन लैपटॉप, चार पेनड्राइव, एक मोबाइल फोन, क्रिप्टो ट्रेडिंग स्टेटमेंट, शैल फर्म से संबंधित दस्तावेज, उनकी सूची, लोगों के आधार कार्ड पैन कार्ड, डेबिट कार्ड ,बैंक की चैक बुक और अन्य दस्तावेजों बरामद किये गए थे.

पाकिस्तान वॉलेट में गए करोड़ों रुपये
क्रिप्टो करेंसी के जरिए पाकिस्तान में बैठे मॉड्यूल के वॉलेट में 2 महीने के अंदर 50 करोड़ की राशि पहुंची है. इस बात का खुलासा पहले ही सायबर पुलिस कर चुकी है. लेकिन इस राशि का इस्तेमाल किन कामों में हुआ और अभी तक और कितनी राशि इन पाकिस्तानी मॉड्यूल के वॉलेट में ट्रांसफर की गई, इसकी जांच जारी है. लेकिन पाकिस्तानी मॉड्यूल का नाम सामने और उसका कनेक्शन जुड़ने की वजह से इस बात का भी पता लगाया जा रहा है की इतनी बड़ी रकम का इस्तेमाल टेरर फंडिंग के लिए तो नहीं किया जा रहा था. इसलिए अब तमाम एजेंसी टेरर फंडिंग के एंगल से भी जांच कर रही है.

ये है पूरा मामला
16 मई को भोपाल के एक युवा व्यवसायी ने लिखित में शिकायत दर्ज कराई कि एक महिला से उसकी डेटिंग एप्लिकेशन Bumble के जरिए पहचान हुई. महिला ने मसालों में ट्रेडिंग के लिए फर्जी मॉरीशस वेब पेज विथ लाइव डैशबोर्ड सुझाया. इस लाइव वेब पेज के जरिए का काल्पनिक ट्रांजैक्शन दिखाया गया. इस फर्जी वेब पेज http://h20.gbull.shopपर आरोपियों ने आईडी उपलब्ध करा कर व्यवसायी से 5 फर्म के बैंक खातों ICICI, KOTAK, MAHINDRA में करीब एक करोड़ रुपए जमा कराए. शेल फर्म निर्मित कर चार्टर्ड अकाउंटेंट और कंपनी सेक्रेटरी आरोपियों को उनके चालू बैंक खाते उपलब्ध करा रहे थे. बैंक अकाउंट में आने वाली ठगी की राशि को भारत में विभिन्न राज्यों में उपलब्ध क्रिप्टो करेंसी के ट्रेडर्स के माध्यम से पाकिस्तान भेजा जा रहा था. राशि को USDT टीथर में परिवर्तित कर ट्रेड किया जा रहा था. इंडिया में बैठे आरोपी कंपनी रजिस्टर्ड कराकर और चालू खाते खुलवा कर धोखाधड़ी करने वाले विदेशी आरोपियों को पैसा भेज रहे थे.

जांच जारी
इंटरनेशनल रैकेट को लेकर लगातार जांच चल रही है. देश भर की एजेंसी इस जांच में शामिल हैं. लेकिन सबसे बड़ी चुनौती पुलिस के सामने विदेशों में बैठे आरोपियों को पकड़ने की है.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.