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ब्लैक फंगस का कहर : गुजरात, महाराष्ट्र के बाद MP तीसरा राज्य, इंजेक्शन नहीं मिलने से मरीज़ों की हालत बिगड़ी

ब्‍लैक फंगस से बचने के लिए मुंह और गले का बहुत ध्‍यान रखना जरूरी है.

ब्‍लैक फंगस से बचने के लिए मुंह और गले का बहुत ध्‍यान रखना जरूरी है.

Bhopal. ब्लैक फंगस (Black fungus) मरीज को एक दिन में चार डोज लगते हैं. शुरुआत में 7 दिन तक इंजेक्शन (Injection) लगना जर ...अधिक पढ़ें

भोपाल. कोरोना (Corona) के बाद अब ब्लैक फंगस (Black fungus) भी मध्य प्रदेश में तेज़ी से फैल रही है. प्रदेश सरकार इसे तीन पहले ही महामारी घोषित कर चुकी है. इस बीमारी के मामले में प्रदेश अब गुजरात और महाराष्ट्र के बाद देश में तीसरे नंबर पर आ गया है. आज की तारीख में यहां पर ब्लैक फंगस के एक हजार से ज्यादा एक्टिव केस हैं.

मध्यप्रदेश में कोरोना जहां थोड़ी राहत देता दिख रहा है वहीं ब्लैक फंगल इंफेक्शन अब मुंह बाये खड़ा है. कोरोना की दूसरी लहर में ब्लैक फंगस भारी पड़ रहा है. इस बीमारी के संक्रमण को रोकने के लिए भी मार्केट में दवाओं की भारी किल्लत है. सरकार भी इसकी पूर्ति करने में नाकाम साबित हो रही है. मरीज़ों के परिवार दवाओं के लिए भटक रहे हैं. अभी तक कई लोगों की जान भी जा चुकी है. साथ ही मरीजों के ऑपरेशन की पेंडेंसी भी बढ़ती जा रही है.

एक हजार से ज्यादा एक्टिव केस
अभी तक ब्लैक फंगस के प्रदेश के सरकारी, प्राइवेट अस्पतालों में करीब 1044 मरीजों का इलाज चल रहा है. सबसे ज्यादा मरीज इंदौर और भोपाल में हैं. प्रदेश के 8 मेडिकल कॉलेज में 610 मरीज भर्ती हैं और इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 30 हो गयी है.

एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन की किल्लत
ब्लैक फंगस के इलाज में एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन ज़रूरी है. राज्य सरकार के पास इसका स्टॉक नहीं है. उसने केंद्र से 24 हजार वॉयल मांगे हैं.

इंजेक्शन की कमी, ऑपरेशन की पेंडेंसी बढ़ी
भोपाल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल हमीदिया में ब्लैक फंगस मरीज़ों के लिए अलग से वॉर्ड बनाया गया है. उसमें 90 से ज्यादा मरीजों के साथ वॉर्ड फुल हो गया है. इंजेक्शन न होने के कारण ब्लैक फंगस के मरीजों को 3 दिन से इंजेक्शन नहीं लग रहा है. ऑपरेशन की पेंडेंसी बढ़ रही है. इस अव्यवस्था के बीच कई मरीजों की हालत गंभीर हो गयी है. हर दिन मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. एंफोटेरिसिन बी इंजेक्शन नहीं होने के कारण इलाज नहीं हो पा रहा है इससे हालात और गंभीर होते जा रहे हैं.

7 दिन तक इंजेक्शन लगना जरूरी
जिस तरह से बीते दिनों कोरोना के इलाज में रेमडेसिविर इंजेक्शन की किल्लत थी. ठीक उसी तरह अब ब्लैक फंगस के इलाज और उसका संक्रमण रोकने के लिए लगाए जाने वाले एंफोटेरिसिन- बी लाइपोसोमेल इंजेक्शन की कमी है. ब्लैक फंगस मरीज को एक दिन में चार डोज लगते हैं. शुरुआत में 7 दिन तक इंजेक्शन लगना जरूरी है. एक इंजेक्शन की कीमत 5 से 7 हजार रुपये है. लेकिन इंजेक्शन मार्केट में उपलब्ध नहीं है.

Tags: Black Fungal, Black Fungus, Black Fungus Death, Black Fungus Infection, Black Fungus Injection

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