Alert: आपके कागजातों पर शहर में उठ रहीं महंगी गाड़ियां, लेने वाले की पड़ताल के बाद ही लें फैसले

मध्य प्रदेश में अंतरराज्यीय बदमाशों का गिरोह सक्रिय है.

मध्य प्रदेश में अंतरराज्यीय बदमाशों का गिरोह सक्रिय है.

Alert: भोपाल पुलिस के हत्थे बड़े बदमाश चढ़े हैं. इन बदमाशों का अंतरराज्यीय गिरोह है. ये गिरोह आपके जरूरी दस्तावेजों पर महंगी गाड़ियां उठाता है और लोन आपके सिर आता है. सावधान रहें.

  • Last Updated: March 21, 2021, 3:39 PM IST
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भोपाल. अगर आप किसी को अपने महत्वपूर्ण दस्तावेज दे रहे हों तो उसे लेने वाले शख्स की ठीक से जांच-पड़ताल कर लें. शहर में आपके दस्तावेजों पर महंगी गाड़ियां लेकर फरार होने वाला अंतरराज्यीय गिरोह सक्रिय है.  ऐसे ही एक मामले का गांधीनगर पुलिस ने जब खुलासा किया तो सारा राज सामने आ गया.

दरअसल प्रिंस सचदेवा ने पुलिस से  शिकायत की थी कि उसके पास  टोयोटा फाइनेंशियल सर्विस इंडिया लिमिटेड कंपनी से किस्त भरने के लिए फोन आया. जबकि, उसने फिलहाल कोई गाड़ी नहीं ली है. पुलिस ने इस शिकायत  की जांच की तो मामला शहर का न होकर अंतरराज्यीय निकला. पुलिस ने मामले में दो आरोपियों रामदयाल मीणा और इमरान को गिरफ्तार भी कर लिया. जबकि, राजस्थान के तीन आरोपी  देवेंद्र राजपूत, तेजपाल और शुगर सिंह फिलहाल फरार हैं.

पुलिस ने बिछाया और दो हुए गिरफ्तार

नॉर्थ एसपी विजय खत्री ने मीडिया को बताया कि पुलिस की जांच में पता चला कि प्रिंस सचदेव के पैन कार्ड, आधार कार्ड, इनकम टैक्स रिटर्न और अन्य दस्तावाजों पर रामदयाल मीणा, निवासी मकान नंबर A-563 सागर बांग्ला गोंदलामऊ, गांधीनगर और उसके साथी इमरान ने टोयोटा फाइनेंशियल सर्विस इंडिया लिमिटेड के भोपाल कार्यालय से सफेद रंग की लग्जरी एसयूवी टोयोटा अर्बन क्रूजर फायनेंस करा ली. पुलिस ने उनके खिलाफ 90/2021 धारा 420 467 468 471 34 आईपीसी की धाराओं में केस दर्ज किया. इसके बाद पुलिस टीम ने जाल बिछाया और दोनों की गिरफ्तारी हो गई.
इस तरह जुड़े राजस्थान से तार

पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में राजस्थान में हुई घटनाओं का भी खुलासा किया. इनका अंतरराज्यीय गिरोह है. इनके तीन साथी देवेंद्र राजपूत, तेजपाल और शुगर सिंह जयपुर में रहते हैं जो फिलहाल फरार हैं. इनके खिलाफ थाना प्रताप नगर, जिला उदयपुर, थाना सुभाष नगर, जिला भीलवाड़ा, थाना सावनेर, जिला जयपुर में धारा 420 आईपीसी व अन्य धाराओं में अपराध दर्ज  है. आरोपी इमरान खान नवंबर 2020 को उदयपुर जेल से जमानत पर छूट कर आया और भोपाल में आकर  अपराध में संलिप्त हो गया.

किराए के मकान की भी कर ली फर्जी रजिस्ट्री



पुलिस ने बताया कि आरोपी जिन-जिन मकानों में रह रहे हैं उनकी भी फर्जी रजिस्ट्री के लिए दस्तावेज तैयार कर लिए थे. एक मकान ईपीएस स्कूल के सामने एल-3/6 शहीद भगत सिंह कॉलोनी, गांधी नगर भोपाल, दूसरा मकान सागर बांग्ला गांधी नगर, भोपाल और तीसरा मकान  शांति नगर गांधी नगर, भोपाल है.  टीम ने आरोपियों से कई गाड़ियों की जानकारी ली है. सभी को मिलाकर कीमत 50 लाख रुपए हैं.
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