MP By election: नतीजे से पहले नंबर गेम को साधने में जुटी बीजेपी, बीएसपी ने किया समर्थन का ऐलान

बीएसपी विधायक संजू सिंह ने ऐलान कर दिया है कि बीएसपी का समर्थन चुनाव के बाद भी बीजेपी को जारी रहेगा.
बीएसपी विधायक संजू सिंह ने ऐलान कर दिया है कि बीएसपी का समर्थन चुनाव के बाद भी बीजेपी को जारी रहेगा.

बीजेपी चुनाव प्रबंध समिति के संयोजक भूपेंद्र सिंह (Bhupendra Singh) से मुलाकात करने पहुंचे भिंड से बीएसपी के विधायक संजू सिंह ने ऐलान कर दिया कि बीएसपी का समर्थन चुनाव के बाद भी बीजेपी को जारी रहेगा.

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भोपाल. मध्य प्रदेश में 28 सीटों पर विधानसभा उपचुनाव (Assembly By election) के नतीजे आने से पहले सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. शुक्रवार को मंत्री भूपेंद्र सिंह (Bhupendra Singh) के बंगले पर एक के बाद एक हुई राजनीतिक मुलाकातों ने सियासी पारा चढ़ा दिया. बीजेपी चुनाव प्रबंध समिति के संयोजक भूपेंद्र सिंह से मुलाकात करने पहुंचे भिंड से बीएसपी के विधायक संजू सिंह ने ऐलान कर दिया कि बीएसपी का समर्थन चुनाव के बाद भी बीजेपी को जारी रहेगा. संजू सिंह ने सुबह के वक्त भूपेंद्र सिंह से मुलाकात की.

मुलाकात के ठीक बाद न्यूज- 18 से बात करते हुए संजू सिंह ने कहा कि ग्वालियर चंबल संभाग में बीएसपी बेहतर प्रदर्शन कर रही है. जहां तक बात समर्थन की है तो फिलहाल बीएसपी बीजेपी को समर्थन कर रही है. और नतीजों के बाद भी यह समर्थन जारी रहेगा. संजू सिंह की मुलाकात के थोड़ी देर बाद ही निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा भैया भी भूपेंद्र सिंह से मुलाकात करने पहुंच गए. इतना ही नहीं मैहर से बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी ने भी बंद कमरे में भूपेंद्र सिंह से मुलाकात की. इन मुलाकातों के बाद एमपी का सियासी पारा एक बार फिर चढ़ गया है. हालांकि शेरा ने मुलाकात के बाद चुप्पी साध ली.

क्या प्लान बी पर हो रहा काम ?



हालांकि इन मुलाकातों को बीजेपी चुनाव प्रबंध समिति के संयोजक भूपेंद्र सिंह ने सामान्य मुलाकात करार दिया है. लेकिन यह अनुमान लगाया जा रहा है कि बीजेपी 10 नवंबर को आने वाले नतीजों को लेकर सतर्क है और अगर नंबर गेम में कुछ गड़बड़ी हुई तो फिर निर्दलीय और एसपी- बीएसपी के विधायकों का समर्थन महत्वपूर्ण हो जाएगा. यही वजह है कि नतीजों से पहले बीजेपी इन्हें साधने में लगी है. वहीं दूसरी तरफ नारायण त्रिपाठी की निष्ठा को लेकर पहले भी सवाल खड़े हो चुके हैं. इसलिए बीजेपी उन्हें लेकर कोई रिस्क नहीं लेना चाहती.


क्या है नम्बर गेम ?
230 सीटों वाली मध्यप्रदेश विधानसभा में फिलहाल 29 सीटें खाली हैं. इनमें से 28 सीटों पर विधानसभा का उपचुनाव हुआ है. जबकि एक सीट मतदान के कुछ दिन पहले ही खाली हुई थी. लिहाजा इस पर चुनाव बाद में कराया जाएगा. सरकार बनाने के मैजिक फिगर के लिहाज से बीजेपी को जहां 28 में से केवल 8 सीट जीतने की जरूरत है तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस को सरकार बनाने के लिए 28 में से सभी 28 सीट जीतना होगा. विधानसभा में फिलहाल चार निर्दलीय दो बीएसपी और एक एसपी विधायक है.
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