MP By election: रोज टूट रही भाषा की मर्यादा, अब पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने CM को बताया कमलनाथ के पैरों की धूल 

दिनेश गुर्जर के बाद अब जीतू पटवारी ने भाषा की मर्यादा तोड़ी है.
दिनेश गुर्जर के बाद अब जीतू पटवारी ने भाषा की मर्यादा तोड़ी है.

मांधाता विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री जीतू पटवारी (Jitu Patwari) ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamal Nath) के पैरों की धूल भी नहीं है. इससे पहले दिनेश गुर्जर ने शिवराज को लेकर अपशब्दों का इस्तेमाल किया था.

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भोपाल. मध्य प्रदेश में उपचुनाव (MP By elections) के प्रचार के दौरान भाषा की मर्यादा टूटने का सिलसिला बदस्तूर जारी है. किसान कांग्रेस के नेता दिनेश गुर्जर के बाद अब पूर्व मंत्री जीतू पटवारी (Jeetu Patwari) ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) को लेकर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया है. जीतू पटवारी ने मांधाता विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान मंच से बोलते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पूर्व मुख्यमंत्री और पीसीसी चीफ कमलनाथ के पैरों की धूल करार दिया है.

उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के पैरों की धूल भी नहीं है. इससे पहले किसान कांग्रेस के अध्यक्ष दिनेश गुर्जर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लेकर अपशब्दों का इस्तेमाल कर चुके हैं. दिनेश गुर्जर ने मुरैना में एक सभा के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भूखे नंगे तक कह दिया था. उनके इस बयान के बाद सियासी तौर पर खलबली मच गई थी और पूरी बीजेपी कांग्रेस पार्टी पर हमलावर हो गई थी. जीतू पटवारी के बयान के बाद भी कुछ इसी तरह की तस्वीर बनती हुई नजर आ रही है. बीजेपी ने जीतू पटवारी के बयान पर आपत्ति दर्ज कराई है.

बीजेपी ने साधा निशाना
जीतू पटवारी के बयान पर बीजेपी ने पलटवार किया है बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी अपनी संभावित हार को देखते हुए बौखला गई है. यही वजह है कि उसके नेता मुख्यमंत्री के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं. बीजेपी की माने तो जीतू पटवारी के बयान से एमपी की जनता का अपमान हुआ है. कमलनाथ की चाटुकारिता में जीतू पटवारी ऐसी भाषा बोल रहे हैं.
और कितना गिरेगी सियासत ?


नेताओं के इन बयानों को लेकर मध्य प्रदेश का उपचुनाव सबसे चर्चित उपचुनाव हो गया है. भूखे नंगे से लेकर आइटम तक और शराबी कबाड़ी तक ऐसे बयान नेताओं के सामने आ चुके हैं, जिससे बीजेपी और कांग्रेस दोनों पार्टियों के नेता कटघरे में खड़े हैं. ऐसे में सवाल यह खड़ा हो रहा है कि आखिर इन बयानों के बीच कहीं जनता से जुड़े हुए मुद्दे पीछे तो नहीं छूट रहे. आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में 28 सीटों के उपचुनाव के लिए 3 नवंबर को वोट डाले जाएंगे जबकि 10 नवंबर को नतीजे सामने आएंगे.
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