MP by Election : बीजेपी के 15 साल का जवाब देगा 15 महीने का कमलनाथ संदेश
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MP by Election : बीजेपी के 15 साल का जवाब देगा 15 महीने का कमलनाथ संदेश
कांग्रेस का 50 बिंदुओं का ड्राफ्ट विशेषज्ञ ने तैयार किया है.

एमपी कांग्रेस (congress) की कोशिश है कि जिन सीटों पर उपचुनाव (by election) होना है वहां घर-घर तक बीजेपी सरकार की विफलता और कांग्रेस सरकार की उपलब्धियों को पहुंचाया जाए, ताकि जनता बीजेपी की असलियत जान सके

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भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya pradesh) में भले ही उप चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं हुआ हो, लेकिन प्रदेश की सियासी दौड़ में एक दूसरे को पछाड़ने के लिए बीजेपी और कांग्रेस ने पूरा दमखम लगाना शुरू कर दिया है. कांग्रेस (congress) ने बीजेपी (bjp) का जवाब देने के लिए जवाबी प्लान तैयार कर लिया है. वो बीजेपी के 15 साल के शासन का जवाब अपने 15 महीने के सुशासन के काम गिनाकर देगी. पार्टी अपने काम का ब्यौरा जनता के सामने पेश करेगी. ये ब्योरा उसके एक्सपर्ट ने तैयार किया है.

बीजेपी लगातार आरोप लगा रही है कि कांग्रेस की कमलनाथ सरकार ने सत्ता में आने पर अपने वचन पूरे नहीं किए. यहां तक कि किसान कर्जमाफी का मुख्य वादा भी उसने नहीं निभाया. बात जब सिर से ऊपर चली गयी तो कांग्रेस ने अब उपचुनाव में इसे ही मुद्दा बनाने की ठान ली. उसने बीजेपी के 15 साल के शासन की खामियां ढूंढ ली हैं. उसका सिलसिले वार ब्यौरा वो जनता को देगी. मुकाबला अब 15 साल बनाम 15 महीने का है. पार्टी ने अपने एक्सपर्ट की मदद से 50 बिंदुओं का ड्राफ्ट तैयार किया है. इसे पंपलेट, ब्रोशर और सोशल मीडिया के जरिए जनता के दरबार में पेश किया जाएगा.

कमलनाथ का संदेश
एमपी कांग्रेस की कोशिश है कि जिन सीटों पर उपचुनाव होना है वहां घर-घर तक बीजेपी सरकार की विफलता और कांग्रेस सरकार की उपलब्धियों को पहुंचाया जाए, ताकि जनता बीजेपी की असलियत जान सके. कांग्रेस पार्टी ने पूर्व आईएएस वीके बाथम को जिम्मेदारी सौंपी थी. उन्होंने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियों को लेकर ड्राफ्ट तैयार किया है.इसे प्रदेश की जनता के नाम पर कमलनाथ का संदेश के नाम से प्रसारित किया जाएगा.
बीजेपी का भ्रमजाल


एमपी कांग्रेस के संगठन मंत्री चंद्र प्रभाष शेखर का कहना है कांग्रेस सरकार ने वचन पत्र पर अमल के साथ कई बड़े फैसले लिए.इसमें किसान कर्ज माफी, कन्या विवाह योजना के तहत 51 हजार की मदद, बेरोजगारों को रोजगार से लेकर कई बड़े फैसले शामिल थे. लेकिन सरकार के वचन पत्र पर अमल से पहले ही कांग्रेस पार्टी सत्ता से बेदखल हो गई. बीजेपी इसे लेकर भ्रम फैला रही है. इसलिए कांग्रेस घर घर जाकर सरकार की उपलब्धियां गिनाएगी.

एक-दूसरे पर हमला
उपचुनाव में ये दोनों ही प्रमुख दल अपनी उपलब्धियों से ज़्यादा दूसरे की नाकामियों के सहारे हैं. कांग्रेस और बीजेपी दोनों एक-दूसरे पर नज़र गड़ाए हैं कि कौन सा मुद्दा वो जनता पर बीच पहले लेकर जाएं.
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