MP by Election: कमलनाथ के मिनी वचन पत्र से राहुल गांधी और दिग्विजय सिंह नदारद

पिछले विधानसभा चुनाव में राहुल गांधी का भी फोटो कवर पर था.
पिछले विधानसभा चुनाव में राहुल गांधी का भी फोटो कवर पर था.

MP By-Election: बीजेपी नेता गोपाल भार्गव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी जानती है कि राहुल गांधी और दिग्विजय सिंह के फ्रंट पर आने से वोट कट जाते हैं.

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भोपाल. मध्य प्रदेश (MP) की 28 विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव (By Election) के लिए कांग्रेस पार्टी ने मिनी वचन पत्र जारी किया है. इस मिनी वचन पत्र से राहुल गांधी आउट हैं. इसके कवर पर इंदिरा गांधी और सोनिया गांधी के साथ पीसीसी चीफ कमलनाथ की फोटो है, लेकिन राहुल गांधी की नही हैं.

साल 2018 के विधानसभा चुनाव के समय कांग्रेस पार्टी ने जो वचन पत्र जारी किया था, उसमें फ्रंट पेज पर फ्रंट फोटो राहुल गांधी का था, लेकिन अब 28 सीटों के उपचुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी ने वचन पत्र और उपलब्धियों का सारांश जनता के सामने पेश किया गया है. उसमें इंदिरा गांधी, सोनिया गांधी के साथ सिर्फ पीसीसी चीफ कमलनाथ का फोटो है. कांग्रेस पार्टी ने अपने वचन पत्र में कमलनाथ की सरकार, सवा साल का कार्यकाल, सभी जनता से खुशहाल, का स्लोगन दिया है. सरकार पिछली सरकार की उपलब्धियों का क्रेडिट कमलनाथ लेते हुए नजर आ रहे हैं. अब जो मिनी वचन पत्र तैयार किया है, उसकी जिम्मेदारी भी कमलनाथ अपने ऊपर लेते हुए दिखाई दे रहे हैं.





बीजेपी का तंज
बीजेपी ने कांग्रेस के मिनी वचन पत्र से राहुल गांधी के आउट होने पर तंज कसा है. प्रदेश के कैबिनेट मिनिस्टर गोपाल भार्गव ने कहा राहुल गांधी और दिग्विजय सिंह दोनों ही नेता उपचुनाव के परिदृश्य से बाहर हैं. चुनाव में पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाले दोनों नेताओं को पार्टी ने रणनीतिक तौर पर बाहर किया है. गोपाल भार्गव ने कहा कांग्रेस पार्टी जानती है कि राहुल गांधी और दिग्विजय सिंह के फ्रंट पर आने से वोट कट जाते हैं. यही कारण है कि पार्टी ने उपचुनाव में दोनों नेताओं को बाहर कर दिया है. उप चुनाव खत्म होते ही दोनों नेता फिर फ्रंट में आ जाएंगे. यानि जनता को कांग्रेस भ्रमित कर रही है.


वन मैन शो
उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी और दिग्विजय सिंह सरीखे नेताओं को फ्रेम से बाहर रख कमलनाथ का फ्रेम सजा कर जनता के बीच पेश कर रही है, ताकि वन मैन शो के जरिए पार्टी की जीत तय हो सके. अब देखना यह होगा कि 28 सीटों पर कमलनाथ का यह फार्मूला कितना असरदार होता है. राहुल गांधी दिग्विजय सिंह जैसे नेताओं के चुनाव से दूर रखने का फायदा कितना पार्टी को मिलता है.
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