एक नज़र में समझिए MP by Election रिज़ल्ट का पूरा गणित : किसके खाते में गया कितना वोट प्रतिशत

मुद्दे होते हुए भी कांग्रेस उसे मतदाताओं के सामने प्रभावी तरीके से नहीं रख पायी.
मुद्दे होते हुए भी कांग्रेस उसे मतदाताओं के सामने प्रभावी तरीके से नहीं रख पायी.

कांग्रेस लाखों किसानों को कर्ज़माफ करने के बाद भी उसे वोट में तब्दील नहीं करा पायी. बीजेपी ने एकजुटता से चुनाव लड़ा लेकिन कांग्रेस (Congress) में सिर्फ कमलनाथ (Kamalnath) के भरोसे झोड़ दिया गया.

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भोपाल. एमपी की 28 विधान सभा (Assembly) सीटों पर हुए उपचुनाव (by election) में बीजेपी ने 19 सीटें जीतकर एक बार फिर अपनी कामयाबी के झंडे गाड़ दिए हैं. पार्टी की सरकार एमपी में बनी रहेगी. वहीं कांग्रेस ने भी 9 सीटें जीत लीं. इस उपचुनाव की खासियत ये रही कि बीजेपी का 13. 99 फ़ीसदी वोट बढ़ा है, वहीं कांग्रेस को 5.7 प्रतिशत का नुकसान हुआ है. इस रिपोर्ट में जानिए कि बीजेपी की जीत का कारण क्या रहा और कितने वोट परसेंट के साथ उसके प्रत्याशी जीते.

विधान सभा सीट सिलसिलेवार
-खंडवा ज़िले की मांधाता सीट पर भाजपा के नारायण सिंह पटेल जीते 80398 वोट यानी 53.58% वोट मिले
कांग्रेस के उत्तम पाल सिंह हारे- 58265 यानी 38.83% वोट मिले
-अंबाह-बीजेपी के कमलेश जाटव जीते-51588 वोट यानी 42.17% वोट मिले
कांग्रेस के सत्य प्रकाश सखवार हारे-37696 यानी 30.82% वोट मिले.



-अशोकनगर-बीजेपी के जजपाल जज्जी जीते 78479 वोट यानी 52.52% वोट मिले
कांग्रेस की आशा दौरे हारीं-63849 यानी 42.73% वोट मिले

-मेहगांव-बीजेपी के ओ पी एस भदौरिया जीते 73599 वोट यानी 45.15% वोट मिले.कांग्रेस के हेमंत कटारे हारे 61563 यानी 37.77% वोट मिले

-ब्यावरा - कांग्रेस के रामचंद्र दांगी जीते 95397 वोट यानी 51.44% वोट मिले
बीजेपी के नारायण सिंह पवार हारे 83295 यानी 44.91% वोट मिले

-सांवेर -बीजेपी के तुलसी सिलावट जीते 129676 वोट यानी 61.01% वोट मिले
कांग्रेस के प्रेमचंद गुड्डू हारे 76412 यानी 35.95% वोट मिले.

-सुरखी- बीजेपी के गोविंद सिंह राजपूत जीते 93294 वोट यानी 61.11% वोट मिले
कांग्रेस की पारुल साहू हारीं 52303 यानी 34.26% वोट मिले

गोहद - कांग्रेस के मेवाराम जाटव जीते 63643 वोट यानी 51.57% वोट मिले
बीजेपी के रणवीर जाटव हारे 51744 यानी 41.93% वोट मिले

-नेपानगर - बीजेपी की सुमित्रा कास्डेकर जीतीं 98881 वोट यानी 53.7% वोट मिले
कांग्रेस के रामकिशन पटेल हारे 72541 यानी 39.4% वोट मिले

-सुवासरा - बीजेपी के हरदीप सिंह डंग जीते 117955 वोट यानी 54.45% वोट मिले
कांग्रेस के राकेश पाटीदार हारे 88515 यानी 40.86% वोट मिले

-मुंगावली बीजेपी के बृजेंद्र सिंह यादव जीते 83153 वोट यानी 52.2% वोट मिले
कांग्रेस के कन्हाई राम लोधी हारे 61684 यानी 40.95% वोट मिले

अनूपपुर -बीजेपी के बिसाहूलाल सिंह जीते 75600 वोट यानी 59.92% वोट मिले
कांग्रेस के विश्वनाथ सिंह हारे 40736 यानी 32.29% वोट मिले.

-बमोरी- बीजेपी के महेंद्र सिंह सिसोदिया जीते 101124 वोट यानी 62% वोट मिले
कांग्रेस के केएल अग्रवाल हारे 47971 यानी 29.41% वोट मिले

-पोहरी- बीजेपी के सुरेश धाकड़ जीते 66344 वोट यानी 39.22% वोट मिले
बसपा के कैलाश कुशवाहा हारे 43848 यानी 25.92% वोट मिले.

-सांची- बीजेपी के प्रभु राम चौधरी जीते 116577 वोट यानी 65.98% वोट मिले
कांग्रेस के मदन लाल चौधरी हारे 52768 यानी 29.87% वोट मिले-
सांची में चुनाव से ऐन पहले 4000 करोड़ लागत के विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया. इनमें सड़कें, स्कूल, कॉलेज जैसे कार्य शामिल हैं. इस विकास कार्य के शिलान्यास में भाजपा ने एड़ी-चोटी का जोर लगाया. 9 बार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह, 4 बार ज्योतिरादित्य सिंधिया और 3 बार उमा भारती ने यहां दौरा किया. इससे भी लोग भाजपा प्रत्याशी से जुड़ते चले गए.

-ग्वालियर- बीजेपी के प्रद्युम्न सिंह तोमर जीते 96027 वोट यानी 58.35% वोट मिले कांग्रेस के सुनील शर्मा हारे 62904 यानी 38.23% वोट मिले

-डबरा - कांग्रेस के सुरेश राजे जीते 75689 वोट यानी 49.4% वोट मिले.
बीजेपी की इमरती देवी हारीं 68056 यानी 44.4% वोट मिले

-इमरती देवी को जाटव समाज का साथ नहीं मिला जो हार का कारण बना.क्षेत्र के लोग कॉग्रेस माइंडेड हैं और 3 चुनावों में इमरती कॉग्रेस की ओर से ही यहां जीती थीं.सुरेश राजे को उनकी जाति और समाज के लोगों का पूरा साथ मिला जो जीत की वजह बना.

-ग्वालियर पूर्व- कांग्रेस के सतीश सिकरवार जीते 75342 वोट यानी 49.69% वोट मिले.बीजेपी के मुन्ना लाल गोयल हारे 66787 यानी 44.05% वोट मिले

-मुरैना - कांग्रेस के राकेश मावई जीते 53301 वोट यानी 35.67% वोट मिले
बीजेपी के रघुराज कंसाना हारे 47550 यानी 31.82% वोट मिले

-करैरा- कांग्रेस के प्रागी लाल जाटव जीते 95728 वोट यानी 53.49% वोट मिले
बीजेपी के जसमंत जाटव हारे 65087 यानी 36.37% वोट मिले.

-सुमावली - कांग्रेस के अजब सिंह कुशवाहा जीते 86909 वोट यानी 51.65% वोट मिले
बीजेपी के ऐंदल सिंह कंसाना हारे 75962 यानी 45.15% वोट मिले.गुर्जर समाज के लोगो को छोड़ अन्य समाज ने ऐंदल सिंह कंसाना का साथ नही दिया.कुशवाहा समाज की मेजोरिटी के कारण अजब सिंह कुशवाहा को जीत मिली.

-बदनावर- बीजेपी के राजवर्धन सिंह दत्तीगांव जीते 99137 वोट यानी 57.9% वोट मिले
कांग्रेस के कमल पटेल हारे 67004 यानी 39.13% वोट मिले

-भांडेर -बीजेपी की रक्षा सिरौनिया जीतीं 57043 वोट यानी 45.25% वोट मिले
कांग्रेस के फूल सिंह बरैया हारे 56882 यानी 45.12% वोट मिले-फूल सिंह बरैया का वायरल वीडियो जिसमें हिंदू धर्म और उच्च जातियों तथा रानी लक्ष्मीबाई के बारे में अभद्र भाषा बोलते सुनाई दिए. -इससे हिंदुओं का बड़ा वर्ग नाराज हो गया और फिर रक्षा सरोनिया की और झुक गया.रही सही कसर कांग्रेस से विद्रोह कर बसपा से चुनाव लड़े महेंद्र बौद्ध ने पूरी कर दी. उनके चुनाव लड़ने से कांग्रेस के वोट बंट गए जो हार की वजह बनी

-दिमनी -कांग्रेस के वीरेंद्र सिंह तोमर जीते 72445 वोट यानी 54.74% वोट मिले
बीजेपी के गिर्राज दंडोतिया हारे 45978 यानी 34.74% वोट मिले-गिर्राज दंडोतिया पार्टी के भीतरघात का बने शिकार-अन्य समाज के लोगों ने किया गिर्राज दंडोतिया से किनारा किया. जो हार का कारण बना-वीरेंद्र सिंह तोमर की सामाजिक छवि ने बनाया विजयी.

-बड़ा मलहरा-बीजेपी के प्रद्युम्न लोधी जीते 67532 वोट यानी 45.14% वोट मिले
कांग्रेस की राम सिया भारती हारी 49965 यानी 33.4% वोट मिले
-आगर - कांग्रेस के विपिन वानखेड़े जीते 88716 वोट यानी 48.63% वोट मिले
बीजेपी के मनोज ऊंटवाल हारे 86718 यानी 47.53% वोट मिले

-जौरा- बीजेपी के सूबेदार सिंह राजौधा जीते 67599 वोट यानी 38.95% वोट मिले
कांग्रेस के पंकज उपाध्याय हारे 54121 यानी 31.19% वोट मिले
-हाटपीपल्या- बीजेपी के मनोज चौधरी जीते 84405 वोट यानी 52.51% वोट मिले
कांग्रेस के राजवीर बघेल हारे 70501 यानी 43.83% वोट मिले

ये रहे बीजेपी के विनिंग फैक्टर
शिवराज की लोकप्रियता, सक्रियता और जनता से जुड़ाव
-सिंधिया के रोड शो और रैली
-पार्टी का परफेक्ट मैनेजमेंट
- रूलिंग पार्टी होने का भी मिला लाभ
-गद्दार के मुद्दे पर बेहतर काउंटर कर जनता के बीच बात रखी

इसलिए हार गयी कांग्रेस
-पार्टी के पास मुद्दे होते हुए भी वो प्रभावी तरीके से मतदाता के सामने नहीं रख पायी.
-लाखों किसानों को कर्ज़माफ करने के बाद भी उसे वोट में कैश नहीं करा पायी.
-गुटबाज़ी
-लेजी मोड में बड़े नेताओं का रहना
-टिकट को सर्वे के आधार पर बांटना न कि संगठन के आधार पर
-कमलनाथ का अकेले मोर्चा संभालना,बाकी नेताओं का निष्क्रिय बने रहना
-गद्दार फैक्टर जनता को ठीक तरह से न समझा पाना
-विवादित बोल भी बने जनता की नाराज़गी का कारण
-निगेटिव कैंपेनिंग ने कांग्रेस को नुकसान पहुंचाया

बीजेपी की स्ट्रेटजी और मैनेजमेंट ही है जो पार्टी उप चुनाव के नतीजे आने के बाद अपना जीत का पहचम लहरा रही है.पार्टी का फोकस अब प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने का है ठीक उसी तरह जिस तरह चुनावी परिणाम के साथ बीजेपी ने आत्मनिर्भर सरकार बना कर अपने जीत के झंडे गाडे़ हैं.
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