MP By Election : कांग्रेस की जीत के लिए उद्धव ठाकरे,अशोक गहलोत,सचिन और भूपेश बघेल लगाएंगे ज़ोर

कांग्रेस का कहना है कमलनाथ का पार्टी में बड़ा कद है और सभी नेताओं से उनके अच्छे संबंध हैं.
कांग्रेस का कहना है कमलनाथ का पार्टी में बड़ा कद है और सभी नेताओं से उनके अच्छे संबंध हैं.

मध्य प्रदेश (MP) में 28 सीटों पर होने वाले उपचुनाव (By Election) में से 11 सीटें ऐसी हैं जो मध्य प्रदेश से लगे पड़ोसी राज्यों की सीमा से जुड़ी हुई हैं

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भोपाल. मध्य प्रदेश (MP) में 28 विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव (By Election) में कांग्रेस पूरा दम लगा रही है.बीजेपी को हराने के लिए कमलनाथ ने अब सीएम 11 सीट का प्लान तैयार किया है. कांग्रेस की जीत के लिए तीन राज्यों के नेता मोर्चा संभालेंगे. राजस्थान से अशोक गहलोत और सचिन पायलट, छत्तीसगढ़ से भूपेश बघेल और महाराष्ट्र से उद्धव ठाकरे पार्टी प्रत्याशियों के प्रचार के लिए आएंगे.

मध्य प्रदेश विधान सभा उप चुनाव में कांग्रेस पूरे दमखम से उतरने के लिए तैयार है. वो अपनी पार्टी और सहयोगी दलों से भी सहयोग ले रही है. पीसीसी चीफ और पूर्व सीएम कमलनाथ ने प्लान 3 तैयार किया है. इसमें पड़ोसी और दूसरे राज्यों में कांग्रेस और कांग्रेस के समर्थन वाली सरकारों के नेता उसके सहयोग के लिए आ रहे हैं. महाराष्ट सीमा से लगी विधानसभा सीटों पर शिवसेना प्रचार की कमान संभालेगी. महाराष्ट्र में कांग्रेस के गठबंधन वाली उद्धव ठाकरे सरकार के मंत्री नेपानगर सीट पर कांग्रेस की जीत के लिए मोर्चा संभालेंगे. तो वहीं राजस्थान और छत्तीसगढ़ सीमा से लगी विधानसभा सीटों पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रचार करेंगे.

इन सीटों पर आएंगे पड़ोसी
प्रदेश में 28 सीटों पर होने वाले उपचुनाव में से 11 सीटें ऐसी हैं जो मध्य प्रदेश से लगे पड़ोसी राज्यों की सीमा से जुड़ी हुई हैं. इनमें मुरैना की सुमावली और अंबाह सीट, दतिया की भांडेर सीट, शिवपुरी की करेरा और पोहरी,  गुना की बमोरी, अशोकनगर की मुंगावली, अनूपपुर की अनूपपुर सीट, आगर मालवा की आगर सीट, बुरहानपुर की नेपानगर सीट और मंदसौर की सुवासरा सीट शामिल है. यही कारण है कांग्रेस पार्टी ने अब कांग्रेस शासित राज्यों के नेताओं या कहें मुख्यमंत्रियों की मदद लेना शुरू कर दिया है.
उद्धव,गहलोत, बघेल और सचिन


बुरहानपुर की नेपानगर सीट महाराष्ट्र सीमा से लगी हुई है. यहां पर मराठी भाषा बोलने और समझने वालों की संख्या ज्यादा है. ऐसे में कांग्रेस पार्टी का यहां महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार और शिवसेना की मदद से सीट जीतने का प्लान है. वहीं छत्तीसगढ़ राज्य से लगी अनूपपुर विधानसभा सीट पर भी कांग्रेस जीत का फॉर्मूला तलाश रही है. नेपानगर और अनूपपुर दोनों सीटें अभी कांग्रेस के कब्जे में थीं. यहां से कांग्रेस विधायक पार्टी छोड़ बीजेपी से जा मिले. राजस्थान सीमा से लगे सुमावली, पोहरी, बमोरी, आगर और सुवासरा सीट पर अशोक गहलोत चुनावी कमान संभालेंगे. ग्वालियर चंबल इलाके में उत्तर प्रदेश से लगी विधानसभा सीटों पर कांग्रेस सचिन पायलट के जरिए वोटरों को रिझाने की कोशिश करेगी. ये वो इलाका है जहां गुर्जर वोट काफी हैं और सचिन पायलट उन्हें पार्टी के पक्ष में ला सकते हैं.

 प्रदेश की सीमा से लगे दूसरे राज्यों वाली विधानसभा सभा सीटों पर नजर डालें तो…

मुरैना की सुमावली राजस्थान से
मुरैना की अंबाह उत्तर प्रदेश से
दतिया की भांडेर उत्तर प्रदेश से
शिवपुरी की करेरा उत्तर प्रदेश से
शिवपुरी की पोहरी राजस्थान से
गुना की बमोरी राजस्थान से
अशोकनगर की मुंगावली उत्तर प्रदेश से
अनूपपुर की छत्तीसगढ़ से
आगर मालवा  राजस्थान से
बुरहानपुर की नेपानगर महाराष्ट्र से
मंदसौर की सुवासरा राजस्थान सीमा से लगी है.

कमलनाथ का बड़ा कद
प्रदेश के  पूर्व मंत्री पीसी शर्मा का कहना है कांग्रेस पार्टी में कमलनाथ का कद काफी बड़ा है. उनके संपर्क का नतीजा है कि प्रदेश के उपचुनाव में 3 राज्यों की सरकार से जुड़े नेता कांग्रेस प्रत्याशियों के प्रचार के लिए जुटेंगे. इसका खाका कांग्रेस पार्टी ने तैयार कर लिया है.

बीजेपी को चुनौती
प्रदेश की सत्ता पर काबिज रहते हुए बीजेपी उपचुनाव में कांग्रेस को कड़ी चुनौती दे रही है. ऐसे में बीजेपी की चुनौती कमजोर करने के लिए कांग्रेस अब कांग्रेस शासित राज्यों के नेताओं को उपचुनाव में उतार कर पार्टी उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बनाने की तैयारी में है. ताकि पड़ोसी राज्यों की सरकार और नेताओं के रुतबे से विधानसभा वार वोटरों को रिझा कर कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाया जा सके.
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