MP की 24 सीटों पर उपचुनाव : वर्चुवल रैली में गडकरी ने फेंका चंबल प्रोग्रेस-वे का पासा
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MP की 24 सीटों पर उपचुनाव : वर्चुवल रैली में गडकरी ने फेंका चंबल प्रोग्रेस-वे का पासा
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर से बैठकर मध्य प्रदेश में वर्चुअल रैली को संबोधित किया. (फाइल फोटो)

मध्य प्रदेश में जिन 24 सीटों पर उपचुनाव होने हैं, उनमें से 16 सीटें अकेले ग्वालियर चंबल संभाग की हैं. ऐसे में चुनावी बिसात के लिहाज से एक्सप्रेस-वे का जिक्र अहम माना जा रहा है. ग्वालियर चंबल के लोगों को एक्सप्रेस-वे का इंतजार पिछले काफी वक्त से है.

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भोपाल. मध्य प्रदेश के इतिहास में पहली बार आयोजित हुई वर्चुअल रैली (Virtual Rally) के साथ सूबे की 24 सीटों के उपचुनाव (MP BYPOLL) के रण का आगाज भी हो गया. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने नागपुर (Nagpur) से बैठकर मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में वर्चुअल रैली को संबोधित किया. बीजेपी (BJP) का दावा है कि इस रैली में एक लाख से ज्यादा लोगों को ऑनलाइन जोड़ा गया. रैली के दौरान नितिन गडकरी ने मोदी सरकार की एक साल की उपलब्धियों को जनता के सामने रखा. उन्होंने बताया कि किस तरीके से सरकार ने धारा 370 और तीन तलाक को लेकर ऐतिहासिक फैसले लिए. ऐसी नीतियां बनाईं जिन्हें जमीन पर भी उतारा गया. उन्होंने कांग्रेस को देश का विकास रोकने के लिए जिम्मेदार ठहराया.

इस रैली के साथ ही नितिन गडकरी ने मध्य प्रदेश में विधानसभा उपचुनाव के रण का भी ऐलान कर दिया. नितिन गडकरी ने कहा कि मध्य प्रदेश का चंबल प्रोग्रेस-वे जल्द ही बनाया जाएगा. अगर प्रदेश सरकार 3 महीने के अंदर प्रोग्रेस-वे के लिए जमीन अधिग्रहण का काम पूरा कर लेती है, तो वह यह भरोसा दिलाते हैं कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों से चंबल में इस प्रोजेक्ट की शुरुआत कराई जाएगी. नितिन गडकरी ने कहा कि प्रोजेक्ट इस लिहाज से तैयार किया जाए, जिससे एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ इंडस्ट्रियल हब खड़े किए जा सकें. गडकरी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि अगर 3 महीने में प्रोग्रेस-वे के लिए जमीन अधिग्रहण हो जाता है, तो फिर वह सड़क बनाने की मंजूरी तुरंत दे देंगे. एक्सप्रेस वे का ऐलान कई मायनों में अहम माना जा रहा है. ऐसा इसलिए कि उपचुनाव के लिहाज से ग्वालियर चंबल सबसे महत्वपूर्ण हैं. बीजेपी प्रोजेक्ट को कहीं न कहीं उपचुनाव में भुनाने की कोशिश करेगी.

सीएम शिवराज ने बिछाई थी बिसात



दरअसल, कुछ वक्त पहले ही सीएम शिवराज ने एक ट्वीट किया था कि चंबल में बनने वाला एक्सप्रेस-वे अब चंबल एक्सप्रेस-वे के बजाए चंबल प्रोग्रेस-वे के नाम से बनेगा. इस एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर इंडस्ट्रियल हब डेवलप किए जाएंगे. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्सप्रेस-वे के सिलसिले में तब केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से फोन पर बात भी की थी. सीएम शिवराज ने अब तक एक्सप्रेस-वे का काम शुरू न हो पाने को लेकर कांग्रेस की सरकार को जिम्मेदार ठहराया था. शिवराज के आरोपों के तहत चंबल एक्सप्रेस-वे के काम को कांग्रेस ने ठंडे बस्ते में डाल दिया था.
24 में से 16 सीट ग्वालियर चंबल में

मध्य प्रदेश में जिन 24 सीटों पर उपचुनाव होने हैं, उनमें से 16 सीटें अकेले ग्वालियर चंबल संभाग की हैं. ऐसे में चुनावी बिसात के लिहाज से एक्सप्रेस-वे का जिक्र अहम माना जा रहा है. ग्वालियर चंबल के लोगों को एक्सप्रेस-वे का इंतजार पिछले काफी वक्त से है. ऐसे में उपचुनाव से पहले प्रोग्रेस-वे के नाम से बनने वाले इस एक्सप्रेस-वे का सियासी माइलेज लेने की कोशिश बीजेपी की ओर किया जाना तय है.

क्या है प्रोजेक्ट

केंद्र सरकार ने जिन 43 नए राजमार्गों का ऐलान किया था, उनमें चंबल एक्सप्रेस-वे भी शामिल था. यह एक्सप्रेस-वे मुरैना से श्योपुर के बीच करीब 200 किलोमीटर में बनाया जाना है. शुरुआती दौर में इसकी अनुमानित लागत करीब 800 करोड़ रुपये बताई गई थी. हालांकि बाद में जब कांग्रेस सरकार के दौरान चंबल एक्सप्रेस-वे की डीपीआर तैयार होने की प्रक्रिया शुरू हुई, तो इसमें से भिंड जिले को बाहर कर दिया गया था. इस पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने चिट्ठी लिखकर तब के मुख्यमंत्री कमलनाथ से अनुरोध किया था कि भिंड को इस प्रोजेक्ट से बाहर न किया जाए. माना जा रहा है कि एक्सप्रेस-वे बनने से चंबल में टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही बीहड़ की बेकार पड़ी जमीन का इस्तेमाल हो सकेगा.
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