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बाल दिवसः संजय गांधी के क्लासमेट थे कमलनाथ, हर संडे पंडित नेहरू से होती थी मुलाकात

Ranjana Dubey | News18 Madhya Pradesh
Updated: November 14, 2019, 10:50 PM IST
बाल दिवसः संजय गांधी के क्लासमेट थे कमलनाथ, हर संडे पंडित नेहरू से होती थी मुलाकात
जवाहरलाल नेहरू की 130वीं वर्षगांठ पर भोपाल के बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय में कार्यक्रम में सीएम कमलनाथ समेत अन्य मंत्रियों ने भाग लिया.

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री कमलनाथ (CM Kamalnath) ने बाल दिवस (Children's Day) के मौके पर देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू (Jawaharlal Nehru) से जुड़ी यादें साझा की.

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भोपाल. देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू (First Prime Minister of India Jawaharlal Nehru) की 130वीं वर्षगांठ के मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ (CM Kamalnath) ने भी उनसे जुड़ी यादें साझा की. नेहरू के जन्मदिन (Children's Day) के मौके पर भोपाल के बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय (Barkatullah University) में आयोजित समारोह के दौरान कमलनाथ ने बचपन के दिनों में जवाहरलाल नेहरू के साथ बिताए पलों के बारे में बताया.

कमलनाथ ने देहरादून में स्थित दून स्कूल (Doon School) में संजय गांधी (Sanjay Gandhi) के साथ पढ़ाई के दौरान नेहरू से हुई मुलाकातें, उनकी बातें और उनसे मिली सीख के बारे में लोगों को बताया. मुख्यमंत्री ने बताया कि हर रविवार को उन्हें और संजय गांधी को पंडित नेहरू का इंतजार रहता था. प्रधानमंत्री रहते हुए भी पंडित नेहरू अपने नाती से मिलने हर हफ्ते देहरादून आया करते थे.

पंडित नेहरू के साथ बिताते थे पूरा दिन
भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में जवाहरलाल नेहरू की वर्षगांठ के मौके पर 'नेहरू और शिक्षा' विषय पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ. इसमें मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने पढ़ाई के दिनों में नेहरू से हुई मुलाकातों से जुड़ी यादों को साझा किया.

कमलनाथ ने अपने संबोधन के दौरान कहा, 'रविवार के दिन का हम लोगों को इंतजार रहता था, जब नाना पंडित नेहरू और मां इंदिरा गांधी बेटे संजय गांधी से मिलने दून स्कूल पहुंचती थीं. मैं और संजय छोटे थे. संजय के साथ मैं भी पंडित नेहरू के साथ ही पूरे दिन रहता था.'

मुख्यमंत्री ने बताया, 'हम रविवार का पूरा दिन पंडित नेहरू के साथ बिताते थे. खूब सारी बातें करते थे. इस दौरान पंडित नेहरू न तो किसी से फोन पर बात करते थे और न ही किसी सुरक्षा अधिकारी को अपने साथ रखते थे. बल्कि हमसे हमारी पढ़ाई की बारे में पूरी जानकारी लेते थे और हमेशा बोलते थे कि अगली बार आऊंगा तो आगे की तैयारी के बारे में जरूर बात करूंगा कि किस तरह से पढ़ाई कर रहे हो और आगे का विजन क्या है.'

भोपाल में हुए कार्यक्रम में सीएम कमलनाथ ने पंडित नेहरू से जुड़ी यादें साझा की.
तब समझ ही नहीं आता कि प्रधानमंत्री क्या होता है
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा, 'तब पता ही नहीं था कि ये प्रधानमंत्री क्या चीज होती है? इस पद का महत्व ही समझ में नहीं आता था. हमें तो बस इस बात की खुशी होती थी कि हमारे अपनों के साथ हमने पूरा दिन बिताया है.'

सीएम ने अपने संबोधन में आगे कहा, 'बड़े हुए तब पता चला कि पंडित जवाहरलाल नेहरू जब प्रधानमंत्री थे, तो उनके सामने कितनी चुनौतियां थीं. भाषा की चुनौती थी. जाति की चुनौती थी. ऐसा कोई देश विश्व में नहीं है जो इतनी विविधताओं को अपने भीतर समाहित किए हुए है. वहीं अनेकता में एकता को कैसे समाहित किया जाए, ये काम सिर्फ नेहरू ने ही किया है. उस समय नेहरूजी ने जो ढांचा बनाया था, उसी की बदौलत आज पूरा देश एक झंडे के नीचे खड़ा है.' मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित नेहरू की दूरदर्शिता सबसे ज्यादा प्रभावित करती थी.

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First published: November 14, 2019, 8:23 PM IST
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