औने-पौने दामों पर फसल न बेचें किसान, सरकार खरीदेगी एक-एक दाना, जानिए सीएम शिवराज का गेम प्लान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के लिए बड़ी घोषणा की है. (File)

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के लिए बड़ी घोषणा की है. (File)

Earth Mission: CM Shivraj Singh Chouhan ने किसानों से बड़ी अपील की है. किसानों को फसलों को सस्ते में न बेचने के लिए कहा गया है. किसानों की फसलें सरकार हर कीमत पर खरीदेगी.

  • Last Updated: April 4, 2021, 9:23 AM IST
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भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि किसान फसलों का विविधिकरण करें. केवल गेहूं, चना, सोयाबिन से काम नहीं चलेगा. अन्न के भंडार भरपूर हैं. इन्हें रखने की जगह नहीं बची है. सीएम ने कहा संगठन में शक्ति होती है. प्रधानमंत्री ने तय किया है कि 10 हजार किसान उत्पादक संगठन बनाएंगे. हमने भी मप्र मे किसान उत्पादक संगठन बनाए. 8 अप्रैल को मैं 2000 उद्योगों का भूमिपूजन और लोकार्पण एक साथ करूंगा. सीएम चौहान राजधानी में अर्थ मिशन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अर्थव्यवस्था यदि बची है तो किसानों के कारण. पानी के कारण गेंहू खरीदी में व्यवधान आया, लेकिन हमने तय किया है कि किसान का एक-एक दाना खरीदेंगे. आज हमारा संकल्प है किसान उत्पादक संगठन हम बनाते चलेंगे. उन्होंने कहा मैसूर, चना, सरसों समर्थन मूल्य से ऊपर चल रही हैं, इसका मतलब कहीं न कहीं गड़बड़ हो रही है. मैं किसानो से अपील करता हूं कि औने-पौने दामों में फसल न बेचें. सरकार एक-एक दाना खरीदेगी.

28 जिलों के 19 लाख उपभोक्ताओं को बिजली का फायदा

मिंटो हॉल में आयोजित अर्थ मिशन कार्यक्रम में सीएम ने प्रदेश की जनता को करोड़ों की सौगात दी. शिवराज ने गौशालाओं से लेकर विद्युत उप केंद्रों का लोकार्पण किया और हितग्राहियों से संवाद किया. शिवराज ने 33 विद्युत उपकेन्द्रों और 4 उपकेन्द्रों का लोकार्पण किया. इन 37 उपकेन्द्रों की कुल लागत 1530 करोड़ रुपए हैं. लोकार्पित होने वाले 33 विद्युत उपकेन्द्रों में 17 अति उच्च दाब के हैं. विद्युत उपकेन्द्रों से 28 जिलों के लगभग 19 लाख उपभेक्ताओं को बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी.
गौशालाओं का भी किया लोकार्पण

शिवराज ने ग्राम पंचायतों में 260 करोड़ रुपए की लागत से बनी 985 सामुदायिक गौ-शालाओं का लोकार्पण किया. इस दौरान 50 करोड़ रुपए से बनने जा रही 145 सामुदायिक गौ-शालाओं का शिलान्यास भी किया गया. सीएम ने 13 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से बने 1821 हितग्राही-मूलक पशु आश्रयों का लोकार्पण किया. 22 करोड़ की लागत से बनने जा रहे 2632 पशु आश्रयों का शिलान्यास किया. सीएम ने नरेगा के तहत पशु आश्रयों, सामुदायिक गौ-शाला और चारागाह विकास के 384 करोड़ रुपये के 8310 कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया.

सीमन प्रोडक्शन प्रयोगशाला की सौगात



मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत 47 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से स्थापित सेक्स सार्टेड सीमन प्रोडक्शन प्रयोगशाला भदभदा भोपाल का शुभारंभ किया. देश की यह दूसरी बड़ी सेक्स सार्टेड सीमन प्रोडक्शन प्रयोगशाला है. पहली प्रयोगशाला उत्तराखण्ड के ऋषिकेश में स्थापित की गई है.

मैं लॉकडाउन के पक्ष में नहीं

मिशन अर्थ कार्यक्रम में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैं लॉकडाउन नहीं लगाना चाहता हूं. काम धंधे सब चौपट हो जाते हैं, अर्थव्यवस्था ध्वस्त हो जाती है. इसलिए आपसे अपील है कि सहयोग करें. टीका जरूर लगवाएं. मैं भी वर्चुअल कार्यक्रम कर रहा हूं. हमें आत्मनिर्भर  मध्यप्रदेश बनाना है. उन्होंने कहा कि महंगी बिजली नहीं ले सकते, लेकिन जितनी ले रहे है उसके पैसे दे दो. सरकार लगभग 18 हजार करोड़ की सब्सिडी चुकाती है तब किसानों को बिजली मिलती है, घरों को बिजली मिलती है.

मै समाज से निवेदन करना चाहता हूं कि सरकार अपनी जिम्मेदारी पूरी करेगी, लेकिन समाज की भी जिम्मेदारी है. गौशालाओ का निर्माण हो रहा है. ट्रैक्टर ने बैलों को बेरोजगार कर दिया है. इसलिए विज्ञान से यह प्रयोग होगा बछिया आए बैल कम आए. गाय कामधेनु है, इसलिए गौशालाओ के निर्माण का कार्य जारी है. 450 गौ शाला हमारी महिला स्व सहायता समूह चला रहे हैं. खेती को लाभ का धंधा बनाने का प्रयास चल रहा है.

GDP दस लाख करोड़ पार

सीएम शिवराज ने कहा कि एक  स्वस्थ्य मप्र, स्वच्छ मप्र, रोजगार युक्त मप्र. रोटी चाहिए उसके लिए रोजगार चाहिए. रोजगार के प्रयास लगातार जारी हैं. सरकारी नौकरी के अलावा भी नौकरी के अवसर हों. मेरा सपना है हर बेरोजगार को रोजगार मिले. एक और खुशखबरी इस साल हमाती GDP दस लाख करोड़ पार कर जाएगी. मप्र दस लाख करोड़ GDP के क्लब मे शामिल हो जाएगा. सरकार और समाज एक साथ मिल जाए तो आत्म निर्भर मप्र बनेगा, यह जुनून है. फिर अपील करता हूं कि मास्क लगाएं, सोशल डिस्टेंसिग का पालन करें, छोटे कार्यक्रम करें.

गोबर के बने प्रोडक्ट

सीएम ने कहा कि पहले कहते थे गुड़ गोबर हो गया, लेकिन अब गोबर क्या-क्या कर सकता है. यह राम दरबार गोबर से बना है. गोबर से बनी किताब देखिये, यह गोबर से बनी किताब है. गोबर की किताब बन जाए यह तो मैंने भी नहीं सोचा था. इसलिए हम कह सकते हैं कि गौशाला आत्म निर्भर बन सकती है गौमूत्र और गोबर से.
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