अब मुर्दों से भी बात करने लगे कमलनाथ, जानिए सीएम शिवराज ने पूर्व मुख्यमंत्री पर क्या लगाया आरोप

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ पर आरोप लगाया है. (File)

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ पर निशाना साधा है. शिवराज ने कहा है कि कमलनाथ और कांग्रेस का स्तर बहुत नीचे चला गया है. अब वे मुर्दों से भी बातें करने लगे हैं.

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भोपाल. मध्य प्रदेश में कोरोना को लेकर सियासत जारी है. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बयानों पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने पलटवार किया है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तो यहां तक कह दिया कि कांग्रेस के लोग झूठ बोलकर मध्य प्रदेश में आग लगाना चाहते हैं.

मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा- कांग्रेस के झूठ का स्तर देखिए. कल मैहर में प्रेस को संबोधित करते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ अपने बयान में कह रहे हैं- अभी मैं रामचंद्र अग्रवाल जी से मिलकर आया हूं उन्होंने मुझे बताया कि उनकी मृत्यु रेमडेसीविर इंजेक्शन से हुई है. मृत्यु के बाद स्वर्गीय रामचंद्र अग्रवाल जी कमलनाथ को बता रहे हैं कि मेरी मृत्यु नकली रेमडेसीवीर इंजेक्शन से हुई है. अंदाजा लगाइए कि कांग्रेस का स्तर कितने नीचे चला गया है. ऐसी झूठी कांग्रेस से सावधान रहने की जरूरत है, प्रदेश को बचाने की जरूरत है.

कमलनाथ ने देश की बदनाम किया- शर्मा

उधर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने भी कमलनाथ पर निशाना साधा है. वीडी शर्मा की मानें तो कमलनाथ देश विरोधी ताकतों के एजेंटों से मिले हैं. भारत को बदनाम करने में एजेंट बनकर अपनी भूमिका निभा रहे हैं. कमलनाथ के बयान के बाद आज पाकिस्तान मीडिया ने भी भारत पर सवाल उठा दिए. पाकिस्तान मीडिया ने भी कोरोना को भारत वेरिएंट लिखा है. कमल नाथ ने देश को बदनाम करने का काम किया है.

जारी हैं कमलनाथ के सवाल

उधर, कमल नाथ लगातार कोरोना को लेकर सरकार पर सवाल खड़े कर रहे हैं. उन्होंने अपने एक ट्वीट में सरकार की योजनाओं पर सवाल उठाते हुए लिखा है- यह है शिवराज सरकार की कोरोन योजनाओं की हक़ीक़त ? विदिशा के एक परिवार में पिता का साया सर से उठ गया, मां बीमार, पांच बेटियां, बड़ी बेटी दिव्यांग और परिवार नियमों की पेचीदगी के चलते घोषित अनाथ- बेसहारा बच्चों की सरकारी योजना का पात्र नहीं ? यही स्थिति अन्य योजनाओं की भी है. योजनाएं सिर्फ़ दिखावटी व काग़ज़ी, वास्तविक ज़रूरतमंदो, पीड़ितों को कोई लाभ नहीं ?
Published by:Nikhil Suryavanshi
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