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    मध्य प्रदेश में मंत्रियों के विभाग बंटवारे पर CM शिवराज बोले- भोपाल पहुंचकर लूंगा फैसला

    सीएम शिवराज सिंह चौहान भोपाल पहुंचने के बाद मंत्रियों के विभाग आवंटन पर लेंगे निर्णय. (फोटोः ANI)
    सीएम शिवराज सिंह चौहान भोपाल पहुंचने के बाद मंत्रियों के विभाग आवंटन पर लेंगे निर्णय. (फोटोः ANI)

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) से मिलने आए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) से मीडिया ने मध्य प्रदेश में मंत्रियों को विभागों के आवंटन पर पूछे सवाल. भोपाल में कैबिनेट विस्तार के बाद तेज हुई सियासी हलचल.

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    नई दिल्ली/भोपाल. मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) सरकार के कैबिनेट विस्तार के बाद अब मंत्रियों के विभागों के बंटवारे की सियासी कवायद शुरू हो गई है. किस नेता को कौन सा मंत्रालय (Portfolio Allocation) मिलेगा, इसको लेकर कयासों का दौर जारी है. हालांकि इस बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज दिल्ली में कहा कि मंत्रियों के विभागों के बारे में वे भोपाल पहुंचकर ही फैसला लेंगे. दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में सीएम शिवराज ने कहा कि कैबिनेट का विस्तार हो चुका है. जहां तक मंत्रियों के विभागों के बंटवारे का सवाल है, मैं जब भोपाल पहुंचूंगा, इसके बाद ही पोर्टफोलियो के बारे में निर्णय होगा.

    मध्य प्रदेश में शिवराज मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है. एक तरफ जहां बीजेपी में मंत्री न बनाए जाने से असंतुष्ट नेता और उनके कार्यकर्ता खुलकर पार्टी और संगठन का विरोध कर रहे हैं. वहीं, प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस भी सरकार और बीजेपी पर निशाना साधने से नहीं चूक रही है. मंत्रिमंडल विस्तार के विरोध के केंद्र में कहीं न कहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया ही हैं. बीजेपी कार्यकर्ता जहां सिंधिया समर्थकों को बड़ी तादाद में कैबिनेट में जगह मिलने से बिफरे हुए हैं. वहीं कांग्रेस भी सिंधिया खेमे पर हमलों के जरिए सियासी दबाव बना रही है.


    शिवराज कैबिनेट में 28 नए मंत्रियों को शामिल किए जाने के बाद बीजेपी में विधायक भले ही नाराजगी नहीं जता रहे, लेकिन उनके समर्थक खुलकर सामने आ रहे हैं. यहां तक कि कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन भी शुरू कर दिया है. मालवा-निमाड़ और बुंदेलखंड समेत रायसेन में सबसे ज्यादा विरोध देखने को मिल रहा है, जिसे संभालने के लिए पार्टी को लगातार सफाई देनी पड़ रही है.



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    दरअसल, मध्य प्रदेश में अगले कुछ दिनों में 24 सीटों पर विधानसभा के उपचुनाव होने हैं. इससे ठीक पहले मंत्रिमंडल विस्तार में सिंधिया खेमे के विधायकों को कैबिनेट में ज्यादा तरजीह दी गई है. इससे बीजेपी के नेताओं में नाराजगी है. ऐसे में पार्टी के लिए अपने ही नेताओं और कार्यकर्ताओं को मनाना टेढ़ी खीर साबित हो रही है. विधानसभा उपचुनाव से पहले पार्टी को सभी नाराज नेताओं-कार्यकर्ताओं को मनाना होगा, ताकि चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस इसे मुद्दा बनाकर कोई 'खेल' न कर सके. इसलिए भी आज जब सीएम शिवराज सिंह चौहान दिल्ली में हैं, तो यहां भी मीडिया ने उनसे इसी संबंध में सवाल-जवाब किए.
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