CM शिवराज कर रहे थे VC, तभी बोले- तुम्हारे ठेले पर समोसा खाने आऊंगा, जानिए कौन है वो? 
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CM शिवराज कर रहे थे VC, तभी बोले- तुम्हारे ठेले पर समोसा खाने आऊंगा, जानिए कौन है वो? 
सीएम शिवराज ने वेंडर से कहा-मैं तुम्हारे ठेले पर समोजा खाने आऊंगा ठेला

मध्य प्रदेश सरकार (MP Government) ने ग्रामीण स्ट्रीट वेंडर ऋण योजना शुरू की है. सरकार ग्रामीण स्ट्रीट वेंडर (Vendor) को बिना ब्याज के ₹10000 का ऋण मुहैया कराएगी. इसके साथ ही सरकार ने ग्रामीण कामगार सेतु पोर्टल भी लॉन्च किया है.

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भोपाल.लॉकडाउन (Lockdown) में घर लौटे प्रवासी मज़दूरों (Migrant Labourers) के लिए एमपी सरकार नयी योजना लॉन्च कर रही थी. इस दौरान सीएम शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के अलग-अलग कोने से जुड़े श्रमिकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए बात भी की. इसमें एक रोचक प्रसंग आया जब एक वेंडर ने बताया कि वह समोसे का ठेला लगाता था. सीएम ने तपाक से कहा-आप फिर से काम शुरू करें, हम आपके ठेले पर समोसा खाने आएंगे.

कोरोना काल में लॉकडाउन के बाद अपने घरों को वापस लौटे श्रमिकों को मदद देने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने ग्रामीण स्ट्रीट वेंडर ऋण योजना (Rural Street vendor Loan Scheme) शुरू की है. सरकार ग्रामीण स्ट्रीट वेंडर को बिना ब्याज के ₹10000 का ऋण मुहैया कराएगी. इसके साथ ही सरकार ने ग्रामीण कामगार सेतु पोर्टल भी लॉन्च किया है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुभारंभ के मौके पर ग्रामीण स्ट्रीट वेंडर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत भी की. इसी दैरान महतगवां जिला छतरपुर के स्ट्रीट वेंडर सुनील अहिरवार ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे लुधियाना में समोसे का ठेला लगाते थे, लेकिन लॉकडाउन के कारण गांव वापस आ गए हैं और अब उनके पास ठेला लगाने के लिए पैसे नहीं है. उन्हें स्ट्रीट वेंडर योजना में राशि मिलेगी तो वह दोबारा अपना ठेला लगाएंगे. मुख्यमंत्री ने उन्हें काम के लिए शुभकामना देते हुए कहा कि जब उनका ठेला चालू हो जाएगा तो वह खुद वहां समोसा खाने आएंगे.

साहूकारों से होगा बचाव
योजना के शुरू होने के बाद सरकार दावा कर रही है कि जनता को काम-धंधे के लिए ऋण लेने के लिए साहूकारों के पास नहीं जाना पड़ेगा. सरकार अब शहरी स्ट्रीट वेंडर्स की तरह ही ग्रामीण स्ट्रीट वेंडर्स को भी उनके काम और व्यवसाय के लिए ₹10000 की पूंजी बैंकों से बिना ब्याज के उपलब्ध कराएगी. ब्याज की राशि राज्य सरकार भरेगी. इसके लिए हितग्राहियों द्वारा बैंक को किसी तरह की धरोहर राशि नहीं देनी होगी.
हर वर्ग के लिए है योजना


इस योजना का फायदा लेने के लिए पात्र व्यक्ति के लिए जाति और शैक्षणिक योग्यता का कोई बंधन नहीं होगा. ग्रामीण क्षेत्रों के 18 से 55 वर्ष के स्ट्रीट वेंडर इस योजना का लाभ ले सकेंगे. केश शिल्पी, हाथ ठेला चालक, साइकिल रिक्शा चालक, कुम्हार, साइकिल एवं मोटरसाइकिल मैकेनिक, बढ़ई, ग्रामीण शिल्पी, बुनकर, धोबी, टेलर, कर्मकार मंडल से संबंधित व्यवसाई इस योजना का लाभ ले सकेंगे.

कैसे करें आवेदन?
योजना के तहत आवेदन करने के 30 दिन के अंदर बैंक की ओर से लोन मंज़ूर किया जाएगा. इसमें पहले आओ पहले पाओ के आधार पर काम होगा. योजना पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग चलाएगा. हर ज़िले में इस योजना का नोडल अधिकारी कलेक्टर होगा. इसमें जिन वेंडर्स को लोन चाहिए वो कामगार सेतु पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे. इसके अलावा कियोस्क के माध्यम से भी आवेदन किया जा सकता है. ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों में भी आवेदन करने की सुविधा होगी.
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