गंभीर सड़क हादसों में लापरवाही बरत रहे कलेक्टर और एसपी! मौके पर जाकर नहीं कर रहे जांच

एमपी उन राज्यों में शामिल है जहां दुर्घटना में सबसे ज़्यादा मौत होती हैं.

समिति की ये जि़म्मेदारी थी कि वो गंभीर सड़क दुर्घटना (Road accidents) या सड़क दुर्घटनाओं में मौत होने पर संबंधित सदस्य सचिव के प्रतिवेदन पर दुर्घटना स्थल का दौरा कर हालात और दुर्घटना के कारण की जांच कर रिपोर्ट (Report) राज्य शासन को देगी.

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भोपाल.मध्य प्रदेश (MP) में होने वाले गंभीर सड़क हादसों (Road accident) में जिलों के कलेक्टर और एसपी लापरवाही बरत रहे हैं. वो मौके पर जाकर दुर्घटना की जांच नहीं कर रहे हैं.शासन ने 2018 में एक कमेटी बनाई थी, जिसमें कलेक्टर को अध्यक्ष और एसपी को उपाध्यक्ष बनाया गया था. इस कमेटी का काम था कि यदि सड़क हादसों में 2 से ज्यादा लोगों की मौत होती है तो ऐसे गंभीर मामलों में कलेक्टर और एसपी अपनी कमेटी के सदस्यों के साथ घटनास्थल पर जाकर इन्वेस्टिगेशन करेगें.लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है.

इसलिए बनाई गई थी समिति
10 अक्टूबर 2018 को राज्य शासन ने एक कमेटी बनायी थी. मकसद ये था कि वो कमेटी सड़क दुर्घटना और उसमें होने वाली मौत के कारणों की जांच कर सरकार को रिपोर्ट देगी.इस कमेटी में अध्यक्ष संभाग आयुक्त/कलेक्टर थे और उपाध्यक्ष उप पुलिस महानिरीक्षक या पुलिस अधीक्षक बनाए गए. सदस्यों में आयुक्त नगर पालिका निगम/ मुख्य नगरपालिका अधिकारी, अधीक्षण यंत्री/कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग/ निर्माण विभाग के प्रतिनिधि/ अतिरिक्त क्षेत्रीय/ क्षेत्रीय/ जिला परिवहन अधिकारी, सदस्य सचिव  इंचार्ज ट्रैफिक पुलिस शामिल किए गए. समिति को लेकर यह भी कहा गया कि जिन जिलों में उप पुलिस महा निरीक्षक या पुलिस अधीक्षक प्रणाली है, वहां कलेक्टर के बजाए कमिश्नर अध्यक्ष और कलेक्टर सदस्य होंगे. साथ ही जिले के संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उप समिति के सदस्य होंगे. पीटीआई के एडीजी डीसी सागर ने बताया कि शासन स्तर पर कमेटी बनाई गई थी.  इस कमेटी पर सड़क हादसों को रोकने संबंधी कई तरह की जिम्मेदारियां थीं.



समिति की जिम्मेदारी
समिति की ये जि़म्मेदारी थी कि वो गंभीर सड़क दुर्घटना या सड़क दुर्घटनाओं में मौत होने पर संबंधित सदस्य सचिव के प्रतिवेदन पर दुर्घटना स्थल का दौरा कर हालात और दुर्घटना के कारण की जांच कर रिपोर्ट राज्य शासन को देगी. साथ ही दुर्घटनाएं रोकने के संबंध में नियमित रूप से बैठकें कर शासन को सुझाव देगी. इसमें कई मुद्दे थे.

-दुर्घटना का वास्तविक कारण- दुर्घटना स्थल पर सड़क निर्माण रख रखाव में यदि कोई कमी है तो उसके लिए जिम्मेदार विभागीय अधिकारी ठेकेदार कंसलटेंट के खिलाफ कार्रवाई तय करना.
- दुर्घटना संभावित स्थलों पर दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक व्यवस्था करना.
- सड़कों के रखरखाव और सड़क सुरक्षा के मानकों का मूल्यांकन और निर्धारित मापदंडों के अनुरूप पालन करने के लिए आवश्यक प्रस्ताव देना.

डीसी सागर ने बताया कि शासन ने कमेटी बना दी थी लेकिन अब गजट नोटिफिकेशन इसका किया जाना है.

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